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Sant Kabir Nagar News: एक बीघा जमीन बनी हत्या का कारण, पिता से नाराज रहता था बड़ा बेटा
Tue, 31 Dec 2024 11:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 31 Dec 2024 11:30 PM IST
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खेसरहा। स्थानीय थाना क्षेत्र के कोटिया पांडेय गांव में सोमवार को बाबूलाल (56) की उनके आत्माराम ने हत्या कर दी। हत्या के पीछे की वजह पिता की ओर से खरीदी गई एक बीघा जमीन थी। जमीन के कारण ही बाबूलाल एवं आत्माराम में आपसी संबंध ठीक नहीं था। साथ ही गांव में ही कुछ लोग से जमीनी विवाद का कारण भी बताया जा रहा है। हत्या की चर्चा पूरे दिन गांव में छिड़ी रही। लोगों का कहना था कि पिता की हत्या का बेटे को कोई अफसोस नहीं था। क्योंकि, जब पुलिस उसे लेकर गई तो उसके चेहरे पर शिकन तक नहीं दिखा।
क्षेत्र के कोटि पांडेय गांव निवासी मृतक बाबूलाल के तीन बेटे हैं। आत्माराम, योगेंद्र व रामायन। बाबूलाल के पत्नी की चार वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। इसके बाद बाबूलाल अपनी जायतात को चार भागों में बराबर बांट दिया। तीन भाग अपने तीनों बेटों को दे दिया और एक भाग अपने हिस्से में रख लिया। बाबूलाल पहले अपने बड़े बेटे आत्माराम के पास अपने हिस्से की जमीन को लेकर रह रहे थे। गांव वालों के अनुसार लगभग एक वर्ष पूर्व आत्माराम का बाबूलाल का बड़े और छोटे बेटे से झगड़ा हो गया। तभी से वे मझले बेटे योगेंदर के पास रहने लगे और अपने हिस्से की जमीन भी योगेंद्र को दे दिया। जिससे आत्माराम अपने पिता बाबूलाल पर अक्सर खफा रहता था।
बताया जा रहा है कि आत्माराम ने लगभग पांच वर्ष पूर्व गांव के श्याम रथ राय से दस मंडी खेत बैनामा लिया था। जमीन आत्माराम के नाम दाखिल खारिज नहीं हुई थी कि उसी खेत को श्याम रथ राय की पतोहू सावित्री ने गांव के राकेश यादव पुत्र रामदेव को 95,000 रुपये में रेहन रख दिया। जिसको लेकर राकेश और आत्माराम में अक्सर कहा सुनी हुआ करती थी। उसी जमीन के विवाद को लेकर रविवार देर शाम आत्माराम और राकेश यादव के बीच कहासुनी होने लगी। जिसमें बाबूलाल आत्माराम की तरफ से झगड़े में बीच-बचाव करने नहीं गए। यही बात आत्माराम को ना गवार लगा और अपने पिता बाबूलाल पर क्रोधित हो गया।
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सोमवार सुबह जब बाबूलाल शौच के लिए गांव से उत्तर तरफ गए तो उनका बड़ा बेटा आत्माराम भी उनका पीछा करते हुए सिवान में पहुंच गया। शौच से लौटते समय रास्ते में बाबूलाल से उनका बेटा आत्माराम मिल गया। वहीं, पिता पुत्र में कहासुनी होने लगी। विवाद इतना बढ़ गया की आत्माराम ने अपने पिता बाबूलाल के ऊपर लोटे से हमला कर बुरी तरह जख्मी दिया। इसके बाद आत्माराम वहां से फरार हो गया।
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राकेश यादव को फंसाने के चक्कर में कर दी पिता की हत्या
बताने के अनुसार आत्माराम का राकेश यादव से बैनामा की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। जिस झगड़े में आत्माराम की तरफ से पिता बाबूलाल बीच-बचाव करने नहीं गए और न तो राकेश यादव को कुछ बोला। इसी बात को लेकर आत्माराम अपने पिता बाबूलाल से खफा हो गया। आत्माराम ने सोचा क्यों न पिता की हत्या करके राकेश यादव को फंसा दिया जा। आत्माराम हत्या के बाद खुद 112 नंबर की पुलिस को सूचना देने के बाद स्थानीय पुलिस को बताने चौकी की तरफ चल पड़ा।
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कभी-कभी बिगड़ जाता था आत्माराम का मानसिक संतुलन
बताने के अनुसार लगभग दो वर्षो से कभी-कभी आत्माराम का मानसिक संतुलन बिगड़ जाता था। और वह कुछ उट-पटांग काम करने लगता था। जैसे कभी-कभी रात में मंदिर को धोने लगता था। कभी रात में ही गांव के अन्य देव स्थानों पर पूजा-पाठ करने लगता था। जिससे यह साबित होता था कि इसका मानसिक संतुलन कभी कभी बिगड़ जाता था। साथ ही गांव में उसका लोगों से अच्छे संबंध नहीं थे।
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क्षेत्र के कोटि पांडेय गांव निवासी मृतक बाबूलाल के तीन बेटे हैं। आत्माराम, योगेंद्र व रामायन। बाबूलाल के पत्नी की चार वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। इसके बाद बाबूलाल अपनी जायतात को चार भागों में बराबर बांट दिया। तीन भाग अपने तीनों बेटों को दे दिया और एक भाग अपने हिस्से में रख लिया। बाबूलाल पहले अपने बड़े बेटे आत्माराम के पास अपने हिस्से की जमीन को लेकर रह रहे थे। गांव वालों के अनुसार लगभग एक वर्ष पूर्व आत्माराम का बाबूलाल का बड़े और छोटे बेटे से झगड़ा हो गया। तभी से वे मझले बेटे योगेंदर के पास रहने लगे और अपने हिस्से की जमीन भी योगेंद्र को दे दिया। जिससे आत्माराम अपने पिता बाबूलाल पर अक्सर खफा रहता था।
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बताया जा रहा है कि आत्माराम ने लगभग पांच वर्ष पूर्व गांव के श्याम रथ राय से दस मंडी खेत बैनामा लिया था। जमीन आत्माराम के नाम दाखिल खारिज नहीं हुई थी कि उसी खेत को श्याम रथ राय की पतोहू सावित्री ने गांव के राकेश यादव पुत्र रामदेव को 95,000 रुपये में रेहन रख दिया। जिसको लेकर राकेश और आत्माराम में अक्सर कहा सुनी हुआ करती थी। उसी जमीन के विवाद को लेकर रविवार देर शाम आत्माराम और राकेश यादव के बीच कहासुनी होने लगी। जिसमें बाबूलाल आत्माराम की तरफ से झगड़े में बीच-बचाव करने नहीं गए। यही बात आत्माराम को ना गवार लगा और अपने पिता बाबूलाल पर क्रोधित हो गया।
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सोमवार सुबह जब बाबूलाल शौच के लिए गांव से उत्तर तरफ गए तो उनका बड़ा बेटा आत्माराम भी उनका पीछा करते हुए सिवान में पहुंच गया। शौच से लौटते समय रास्ते में बाबूलाल से उनका बेटा आत्माराम मिल गया। वहीं, पिता पुत्र में कहासुनी होने लगी। विवाद इतना बढ़ गया की आत्माराम ने अपने पिता बाबूलाल के ऊपर लोटे से हमला कर बुरी तरह जख्मी दिया। इसके बाद आत्माराम वहां से फरार हो गया।
राकेश यादव को फंसाने के चक्कर में कर दी पिता की हत्या
बताने के अनुसार आत्माराम का राकेश यादव से बैनामा की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। जिस झगड़े में आत्माराम की तरफ से पिता बाबूलाल बीच-बचाव करने नहीं गए और न तो राकेश यादव को कुछ बोला। इसी बात को लेकर आत्माराम अपने पिता बाबूलाल से खफा हो गया। आत्माराम ने सोचा क्यों न पिता की हत्या करके राकेश यादव को फंसा दिया जा। आत्माराम हत्या के बाद खुद 112 नंबर की पुलिस को सूचना देने के बाद स्थानीय पुलिस को बताने चौकी की तरफ चल पड़ा।
कभी-कभी बिगड़ जाता था आत्माराम का मानसिक संतुलन
बताने के अनुसार लगभग दो वर्षो से कभी-कभी आत्माराम का मानसिक संतुलन बिगड़ जाता था। और वह कुछ उट-पटांग काम करने लगता था। जैसे कभी-कभी रात में मंदिर को धोने लगता था। कभी रात में ही गांव के अन्य देव स्थानों पर पूजा-पाठ करने लगता था। जिससे यह साबित होता था कि इसका मानसिक संतुलन कभी कभी बिगड़ जाता था। साथ ही गांव में उसका लोगों से अच्छे संबंध नहीं थे।