फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Now Khaki will have to work harder in the encounter

Sant Kabir Nagar News: अब मुठभेड़ में खाकी को करनी होगी ज्यादा मशक्कत

Thu, 11 Jul 2024 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Thu, 11 Jul 2024 11:56 PM IST
विज्ञापन
Now Khaki will have to work harder in the encounter
- पुलिस व अपराधियों के बीच होने वाला मुठभेड़
विज्ञापन

- नए कानून में पुलिस के लिए एनकाउंटर दिखाना होगा मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हमेशा सवालों में रहती है। इसे काबिलियत मानें या संयोग, अब तक अंधेरे में भी पुलिस की गोली बदमाशों के घुटने के नीचे लगती रही है। अब नए कानून में मुठभेड़ दिखाना पुलिस के लिए मुश्किल हो गया है। मुठभेड़ से पूर्व के वीडियो भी फर्द के साथ कोर्ट में पेश करने होंगे। मुठभेड़ के मामलों में अब पुलिस को घिसी-पिटी कहानी बदलनी होगी।

पुलिस को घटनास्थल का वीडियो बनाने के साथ ही मौके से वैज्ञानिक प्रमाण भी जुटाने होंगे। गिरफ्तारी और जब्तीकरण का वीडियो भी बनाना होगा। अब तक कागजी कार्रवाई और भागदौड़ से बचने के लिए पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी दूसरी जगह से करके अपने थाना क्षेत्र में दिखाती रही है। अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
विज्ञापन





संसाधनों के अभाव में जूझेगी पुलिस


नए कानून में वैज्ञानिक साक्ष्य, वीडियोग्राफी, ऑडियो और डिजिटल साक्ष्य को अहमियत दी गई है। इसके तहत विवेचना करने के लिए पुलिस को कई नए संसाधनों की जरूरत होगी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक अभी इतनी मात्रा में संसाधनों को उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में विवेचक को नए कानून के तहत साक्ष्य जुटाने में दिक्कत होगी। हालांकि, आने वाले वक्त में संसाधनों को जुटाकर कामकाज काफी पारदर्शी हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस तरह की होंगी दिक्कतें

- मुठभेड़ या अन्य कोई घटना होने के बाद वीडियो बनाने में काफी समय लगेगा।



- भीड़ वाले इलाकों में घटना होने पर वीडियो बनाना चुनौती, विरोध होने का रहेगा खतरा।

- वीडियो न्यायालय में पेश करने के लिए पेन ड्राइव समेत कई उपकरण चाहिए जो सरकार ने नहीं दिए हैं।

- पुराने पुलिस वालों में तकनीकी प्रशिक्षण की कमी।

- एक ही दिन कई घटनाएं होने पर सभी का वीडियो बनाना होगा मुश्किल।

नए कानूनों के लागू होने से व्यवस्था काफी पारदर्शी होने जा रही है। मुठभेड़ को लेकर उठने वाले सवालों पर भी अब विराम लगेगा। चेकिंग या मुठभेड़ का वीडियो बनाने के लिए पुलिस बॉडी वार्न कैमरों का उपयोग करेगी। जरूरत के मुताबिक संसाधन मुख्यालय से मुहैया कराए जा रहे हैं।
- सत्यजीत गुप्ता, एसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed