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Sant Kabir Nagar News: अब एक्सपायर्ड सामान भी खपाने लगे धंधेबाज
Wed, 04 Jun 2025 11:25 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 04 Jun 2025 11:25 PM IST
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शहर के एक रेस्टोरेंट में बन रही खाद्य सामग्री
संतकबीरनगर। जिले में एक्सपायरी सामानों की बिक्री का खेल चल रहा है। रेस्टोरेंट से लगाय ठेला-खुमचे वाले इसका बेधड़क इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे दुकानदार मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। वह लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। खाद विभाग की छापा मारकर एक रेस्टोरेंट में मिले एक्सपायरी सामानों से इसकी पुष्टि हो चुकी है। अन्य कई जगहों पर भी जांच में एक्सपायरी सामान बरामद हो चुके है।
शहर में करीब 20 रेस्टोरेंट व 50 से अधिक ठेले-खुमचे की दुकानें लगती हैं। इन जगहों पर खाने पीने की सामानों की बिक्री तेजी से होती है। लोग चटक-मटक खाना पसंद करते हैं जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। यहां पर लोग ध्यान नहीं देते कि दुकान कौन से तेल और अन्य पदार्थों की गुणवत्ता कैसी है। अभी हाल ही में खाद्य विभाग ने 35 क्विंटल रिफाइंड बरामद किया था, जो जांच में अधोमानक मिला। यह रिफाइंड काफी सस्ता होता है जिसे रेस्टोरेंट और सड़कों पर ठेला लगाने वाले खरीदते हैं। लोग अपनी सेहत का ख्याल नहीं करते हैं और इन चीजों को चाव से खाते हैं।
यही हाल बड़े-बड़े चमकदार बोर्ड वाले शोरूम में भी एक्सपायरी सामानों की बिक्री हो रही है। धंधेबाजों ने एक्सपायरी सामान को खपाने की व्यवस्था बना ली है। गली-मोहल्लों में खुले डिपार्टमेंटल स्टोर एक्सपायरी माल से भरे हैं। सूत्रों की मानें तो कुछ डिपार्टमेंटल स्टोर संचालक ब्रांडेड के साथ-साथ लोकल कंपनी का भी माल रखते हैं। उनका कहना होता है कि मोहल्लों में ऐसे ग्राहक भी आते हैं, जो कीमत देखकर सामान खरीदते हैं।
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कम कीमत से लेकर अधिक कीमत तक सामान उपलब्ध रहते हैं। जैसे खाद्य तेल 160 रुपये लीटर से लेकर 120 रुपये लीटर तक का होता है। सस्ता व एक ही जगह सारा सामान मिलने की उम्मीद में पहुंचे लोग कई बार एक्सपायरी सामान भी खरीद लेते हैं। वहीं नमकीन, आटा, चावल, सूजी, बेसन आदि को पैकेट के बजाय खुले डिब्बे में रखकर बेचा जा रहा है, जिससे उसके बारे में ग्राहक को पता भी नहीं चल पा रहा है।
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मार्ट में पकड़ा जा चुका है एक्सपायर्ड नमकीन और बिस्किट
शहर के एक मार्ट में पिछले मार्च माह में खाद्य विभाग और एसडीएम के नेतृत्व में छापा मारा था। एक व्यक्ति की शिकायत पर वहां पर बिस्किट और नमकीन एक्सपायरी डेट का बरामद हुआ था। टीम ने सैंपल लेकर अन्य खाद्य सामग्री को नष्ट करा दिया था।
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छह फरवरी को बरामद हुआ था 30 किलो एक्सपायर्ड पापड़
खाद्य विभाग की टीम ने छह फरवरी को शहर के मोती चौराहा पर एक दुकान पर छापेमारी की थी। वहां पर 30 किलो लिज्जत कंपनी का पापड़ एक्सपायरी डेट का बरामद हुआ था। टीम ने सैंपल लेने के बाद पापड़ को नष्ट करा दिया था।
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क्या होती है एक्सपायरी डेट
कुछ खाद्य पदार्थों के पैकेट पर बेस्ट बिफोर लिखा होता है। इसका मतलब है कि दिए गए तारीख के बाद भी यह प्रोडक्ट सेफ है, लेकिन उसके स्वाद, न्यूट्रिएंट और महक में फर्क आ सकता है। कुछ प्रोडक्ट पर यूज बाॅय लिखा होता है। इसका मतलब है कि यह सेफ्टी से जुड़ा मानक है। यह दूध, दही, ब्रेड या मीट जैसे जल्दी खराब होने वाले प्रोडक्ट पर लिखा होता है। कुछ प्रोडक्ट पर एक्सपायरी डेट लिखा होता है। इसका मतलब है कि इस तारीख के बाद यह प्रोडक्ट इस्तेमाल करने लायक नहीं है।
कोट
एक्सपायर्ड सामान सेहत के लिए हानिकारक है। इसमें वैक्टीरिया और फंगस हो जाते हैं। जैसे ही कोई एक्सपायरी सामान खाता है तो उसे फूड प्वाइजनिंग का खतरा रहता है। समय पर इलाज न मिलने से हालत बिगड़ जाती है। एक्सपायरी सामान खाने से कैंसर का भी खतरा होता है।
-डॉ. कुमार सिद्धार्थ, फिजिशियन, जिला अस्पताल
कोट
लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जहां भी एक्सपायरी डेट का सामान मिल रहा है वहां कार्रवाई हो रही है। अभी एक रेस्टोरेंट में एक्सपायरी सामान मिला है। उसे नोटिस जारी किया गया है। सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
-सतीश कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन
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शहर में करीब 20 रेस्टोरेंट व 50 से अधिक ठेले-खुमचे की दुकानें लगती हैं। इन जगहों पर खाने पीने की सामानों की बिक्री तेजी से होती है। लोग चटक-मटक खाना पसंद करते हैं जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। यहां पर लोग ध्यान नहीं देते कि दुकान कौन से तेल और अन्य पदार्थों की गुणवत्ता कैसी है। अभी हाल ही में खाद्य विभाग ने 35 क्विंटल रिफाइंड बरामद किया था, जो जांच में अधोमानक मिला। यह रिफाइंड काफी सस्ता होता है जिसे रेस्टोरेंट और सड़कों पर ठेला लगाने वाले खरीदते हैं। लोग अपनी सेहत का ख्याल नहीं करते हैं और इन चीजों को चाव से खाते हैं।
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यही हाल बड़े-बड़े चमकदार बोर्ड वाले शोरूम में भी एक्सपायरी सामानों की बिक्री हो रही है। धंधेबाजों ने एक्सपायरी सामान को खपाने की व्यवस्था बना ली है। गली-मोहल्लों में खुले डिपार्टमेंटल स्टोर एक्सपायरी माल से भरे हैं। सूत्रों की मानें तो कुछ डिपार्टमेंटल स्टोर संचालक ब्रांडेड के साथ-साथ लोकल कंपनी का भी माल रखते हैं। उनका कहना होता है कि मोहल्लों में ऐसे ग्राहक भी आते हैं, जो कीमत देखकर सामान खरीदते हैं।
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कम कीमत से लेकर अधिक कीमत तक सामान उपलब्ध रहते हैं। जैसे खाद्य तेल 160 रुपये लीटर से लेकर 120 रुपये लीटर तक का होता है। सस्ता व एक ही जगह सारा सामान मिलने की उम्मीद में पहुंचे लोग कई बार एक्सपायरी सामान भी खरीद लेते हैं। वहीं नमकीन, आटा, चावल, सूजी, बेसन आदि को पैकेट के बजाय खुले डिब्बे में रखकर बेचा जा रहा है, जिससे उसके बारे में ग्राहक को पता भी नहीं चल पा रहा है।
मार्ट में पकड़ा जा चुका है एक्सपायर्ड नमकीन और बिस्किट
शहर के एक मार्ट में पिछले मार्च माह में खाद्य विभाग और एसडीएम के नेतृत्व में छापा मारा था। एक व्यक्ति की शिकायत पर वहां पर बिस्किट और नमकीन एक्सपायरी डेट का बरामद हुआ था। टीम ने सैंपल लेकर अन्य खाद्य सामग्री को नष्ट करा दिया था।
छह फरवरी को बरामद हुआ था 30 किलो एक्सपायर्ड पापड़
खाद्य विभाग की टीम ने छह फरवरी को शहर के मोती चौराहा पर एक दुकान पर छापेमारी की थी। वहां पर 30 किलो लिज्जत कंपनी का पापड़ एक्सपायरी डेट का बरामद हुआ था। टीम ने सैंपल लेने के बाद पापड़ को नष्ट करा दिया था।
क्या होती है एक्सपायरी डेट
कुछ खाद्य पदार्थों के पैकेट पर बेस्ट बिफोर लिखा होता है। इसका मतलब है कि दिए गए तारीख के बाद भी यह प्रोडक्ट सेफ है, लेकिन उसके स्वाद, न्यूट्रिएंट और महक में फर्क आ सकता है। कुछ प्रोडक्ट पर यूज बाॅय लिखा होता है। इसका मतलब है कि यह सेफ्टी से जुड़ा मानक है। यह दूध, दही, ब्रेड या मीट जैसे जल्दी खराब होने वाले प्रोडक्ट पर लिखा होता है। कुछ प्रोडक्ट पर एक्सपायरी डेट लिखा होता है। इसका मतलब है कि इस तारीख के बाद यह प्रोडक्ट इस्तेमाल करने लायक नहीं है।
कोट
एक्सपायर्ड सामान सेहत के लिए हानिकारक है। इसमें वैक्टीरिया और फंगस हो जाते हैं। जैसे ही कोई एक्सपायरी सामान खाता है तो उसे फूड प्वाइजनिंग का खतरा रहता है। समय पर इलाज न मिलने से हालत बिगड़ जाती है। एक्सपायरी सामान खाने से कैंसर का भी खतरा होता है।
-डॉ. कुमार सिद्धार्थ, फिजिशियन, जिला अस्पताल
कोट
लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जहां भी एक्सपायरी डेट का सामान मिल रहा है वहां कार्रवाई हो रही है। अभी एक रेस्टोरेंट में एक्सपायरी सामान मिला है। उसे नोटिस जारी किया गया है। सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
-सतीश कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन