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Sant Kabir Nagar News: अपार आईडी न बनाने वाले 770 स्कूलों के हेडमास्टरों को नोटिस
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संतकबीरनगर। जिले में विद्यार्थियों की अपार आईडी न बनाने वाले 770 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्रबंधकों को नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह में अपार आईडी न बनाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। शासन से नाराजगी जताने के बाद बीएसए ने यह नोटिस जारी किया है। इसको लेकर स्कूलों में हड़कंप है।
शासन से कक्षा-एक से 12 तक निजी शिक्षण संस्थान, राजकीय शिक्षण संस्थान, वित्त विहीन शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी अनिवार्य की गई है। इसमें 12 अंक का एक नंबर दिया जा रहा है। इस नंबर से छात्र की पूरी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षिक दस्तावेज में पारदर्शिता लाना और दस्तावेज के सुरक्षित डिजिटलीकरण को सुनिश्चित करना है लेकिन जिले में इस महत्वपूर्ण आईडी को तैयार कराने में विद्यालय गंभीरता नहीं दिखा रहे।
जिले में 3,22,000 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जानी है। इसमें से अभी तक एक लाख 80 हजार विद्यार्थियों की ही अपार आईडी जनरेट हो सकी है। शिक्षकों की मानें तो आधार और स्कूल के रजिस्टर में विद्यार्थियों के नाम और जन्म तिथि में अंतर के चलते यह दिक्कत आ रही है। अभिभावकों को आधार में नाम सही कराने के लिए कहा जा रहा है। लेकिन अभिभावक इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
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इधर शासन से नाराजगी जताने पर जिले के 450 परिषदीय, 30 अशासकीय सहायता प्राप्त, 150 मदरसा, 170 वित्त विहीन स्कूलों को नोटिस दिया गया है। इन्हें एक सप्ताह का समय भी दिया गया है। उस दौरान यह लोग बच्चों की अपार आईडी जनरेट करेंगे।
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अपार आईडी का लाभ
अपार आईडी पर एक क्लिक पर छात्र की समस्त जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के शैक्षिक दस्तावेज में पारदर्शिता लाना और दस्तावेज के सुरक्षित डिजिटलीकरण को सुनिश्चित करना है। अपार आईडी विद्यार्थियों का अहम पहचान पत्र है, जिसमें 12 अंकों का कोड होता है। इससे छात्रों के स्कोर कार्ड, मार्कशीट, ग्रेडशीट, डिग्री, डिप्लोमा, प्रमाणपत्र और सह-पाठ्यचर्या उपलब्धियों सहित सभी शैक्षणिक क्रेडिट की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। इसके लिए उन्हें प्रमाणपत्र नहीं लाना होगा, क्योंकि अपार आईडी में ही सभी जानकारी रहेगी।
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अपार आईडी न होने पर नुकसान
अगर किसी छात्र के पास अपार आईडी नहीं है तो आगे किसी अन्य विद्यालय में स्थानांतरण में समस्या होगी। हर विद्यालय अपार आईडी का नंबर मांगेगा अगर नंबर नहीं रहेगा तो उसका नामांकन नहीं हो सकेगा। इसमें विद्यार्थी के नाम, जन्मतिथि एवं अन्य विवरणों का संबंधित अभिलेखों से मिलान हो सकेगा। इससे अभिभावकों को स्कूलों की भागदौड़ नहीं लगानी होगी।
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अपार आईडी में लापरवाही बरतने वाले 770 स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह में कार्य में प्रगति नहीं लाते है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अमित कुमार सिंह, बीएसए
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शासन से कक्षा-एक से 12 तक निजी शिक्षण संस्थान, राजकीय शिक्षण संस्थान, वित्त विहीन शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी अनिवार्य की गई है। इसमें 12 अंक का एक नंबर दिया जा रहा है। इस नंबर से छात्र की पूरी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षिक दस्तावेज में पारदर्शिता लाना और दस्तावेज के सुरक्षित डिजिटलीकरण को सुनिश्चित करना है लेकिन जिले में इस महत्वपूर्ण आईडी को तैयार कराने में विद्यालय गंभीरता नहीं दिखा रहे।
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जिले में 3,22,000 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जानी है। इसमें से अभी तक एक लाख 80 हजार विद्यार्थियों की ही अपार आईडी जनरेट हो सकी है। शिक्षकों की मानें तो आधार और स्कूल के रजिस्टर में विद्यार्थियों के नाम और जन्म तिथि में अंतर के चलते यह दिक्कत आ रही है। अभिभावकों को आधार में नाम सही कराने के लिए कहा जा रहा है। लेकिन अभिभावक इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
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इधर शासन से नाराजगी जताने पर जिले के 450 परिषदीय, 30 अशासकीय सहायता प्राप्त, 150 मदरसा, 170 वित्त विहीन स्कूलों को नोटिस दिया गया है। इन्हें एक सप्ताह का समय भी दिया गया है। उस दौरान यह लोग बच्चों की अपार आईडी जनरेट करेंगे।
अपार आईडी का लाभ
अपार आईडी पर एक क्लिक पर छात्र की समस्त जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के शैक्षिक दस्तावेज में पारदर्शिता लाना और दस्तावेज के सुरक्षित डिजिटलीकरण को सुनिश्चित करना है। अपार आईडी विद्यार्थियों का अहम पहचान पत्र है, जिसमें 12 अंकों का कोड होता है। इससे छात्रों के स्कोर कार्ड, मार्कशीट, ग्रेडशीट, डिग्री, डिप्लोमा, प्रमाणपत्र और सह-पाठ्यचर्या उपलब्धियों सहित सभी शैक्षणिक क्रेडिट की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। इसके लिए उन्हें प्रमाणपत्र नहीं लाना होगा, क्योंकि अपार आईडी में ही सभी जानकारी रहेगी।
अपार आईडी न होने पर नुकसान
अगर किसी छात्र के पास अपार आईडी नहीं है तो आगे किसी अन्य विद्यालय में स्थानांतरण में समस्या होगी। हर विद्यालय अपार आईडी का नंबर मांगेगा अगर नंबर नहीं रहेगा तो उसका नामांकन नहीं हो सकेगा। इसमें विद्यार्थी के नाम, जन्मतिथि एवं अन्य विवरणों का संबंधित अभिलेखों से मिलान हो सकेगा। इससे अभिभावकों को स्कूलों की भागदौड़ नहीं लगानी होगी।
अपार आईडी में लापरवाही बरतने वाले 770 स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह में कार्य में प्रगति नहीं लाते है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अमित कुमार सिंह, बीएसए