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नहीं मिल रहे लोहिया आवास के लाभार्थी
sant kabir nagar
Updated Sun, 17 Jul 2016 11:44 PM IST
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- फोटो : Demo pic
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वर्ष 2016-17 के लिए चयनित समग्र लोहिया गांव खैरगाड़ में लोहिया आवास के पात्रों का टोटा है। इस गांव में लोहिया आवास के लिए बनाई गई लाभार्थियों की सूची की जांच चार बार की जा चुकी, लेकिन अभी तक वह फाइनल नही हो सकी।
राजनैतिक लाभ के उद्देश्य से समग्र गांव के रूप में खैरगाड़ को चयनित कर दिया गया, लेकिन यहां रह रहे 80 परिवार में से एक भी परिवार ऐसा नहीे है। जिसके पास पक्का मकान न हो और वह साधन संपन्न न हो। गांव वालों का कहना है कि खैरगाड़ में 30 लोगों के पास ट्रैक्टर है तो कई के पास चार पहिया गाड़ी है।
10 बीघा से कम का काश्तकार शायद ही कोई हो। अधिकतम घरों में सरकारी नौेकरी वाले लोग हैं। ऐसे में पहले सेक्रेटरी और प्रधान द्वारा बनाई गई सूची की जांच जब हुई तो सब अपात्र पाए गए। जिस पर जांच अधिकारी ने रोक लगा दी। उसके बाद दूसरी सूची बनाई गई वह भी गड़बड़ पाई गई।
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सूत्रों का कहना है कि आवास के लिए अब यह ढूंढा जा रहा है कि किसकी हैसियत कम से कम है। उसी को लोहिया आवास का लाभ दिया जाए। गांव के लोग कहते है कि आवास के लिए तो कोई पात्र नहीं है, लेकिन सड़क और विद्युती करण समेत अन्य योजनाओं का लाभ तो मिलना ही चाहिए।
बीडीओ सौरभ कुमार पांडेय का कहना है कि खैरगाड़ में लोहिया आवास के पात्रों का चयन करना तो कठिन काम हो ही गया है। मामला अफसरों के संज्ञान में है। जैसा आदेश होगा वैसा कार्य किया जाएगा।
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राजनैतिक लाभ के उद्देश्य से समग्र गांव के रूप में खैरगाड़ को चयनित कर दिया गया, लेकिन यहां रह रहे 80 परिवार में से एक भी परिवार ऐसा नहीे है। जिसके पास पक्का मकान न हो और वह साधन संपन्न न हो। गांव वालों का कहना है कि खैरगाड़ में 30 लोगों के पास ट्रैक्टर है तो कई के पास चार पहिया गाड़ी है।
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10 बीघा से कम का काश्तकार शायद ही कोई हो। अधिकतम घरों में सरकारी नौेकरी वाले लोग हैं। ऐसे में पहले सेक्रेटरी और प्रधान द्वारा बनाई गई सूची की जांच जब हुई तो सब अपात्र पाए गए। जिस पर जांच अधिकारी ने रोक लगा दी। उसके बाद दूसरी सूची बनाई गई वह भी गड़बड़ पाई गई।
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सूत्रों का कहना है कि आवास के लिए अब यह ढूंढा जा रहा है कि किसकी हैसियत कम से कम है। उसी को लोहिया आवास का लाभ दिया जाए। गांव के लोग कहते है कि आवास के लिए तो कोई पात्र नहीं है, लेकिन सड़क और विद्युती करण समेत अन्य योजनाओं का लाभ तो मिलना ही चाहिए।
बीडीओ सौरभ कुमार पांडेय का कहना है कि खैरगाड़ में लोहिया आवास के पात्रों का चयन करना तो कठिन काम हो ही गया है। मामला अफसरों के संज्ञान में है। जैसा आदेश होगा वैसा कार्य किया जाएगा।