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Sant Kabir Nagar News: सीएचसी सेमरियावां
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जरूरी जांच व अल्ट्रासाउंड-एक्सरे के लिए भटक रहे मरीज
सेमरियावां (संतकबीरनगर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां को फर्स्ट रेफरल यूनिट बनाए जाने का दावा कागजों तक सीमित होकर रह गया है। मरीजों के इलाज के लिए यहां न तो विशेषज्ञ डॉक्टर हैं न जरूरी जांच की सुविधा उपलब्ध है। इस कारण बेहतर इलाज के लिए लोगों को बस्ती, खलीलाबाद का चक्कर लगाना पड़ता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां पर इलाज के लिए जनपद के सेमरियावां ब्लॉक के साथ ही आंशिक रूप से बघौली, बेलहर कला, सांथा, बस्ती जनपद के साऊंघाट, रुधौली आदि ब्लॉकों के लोग इलाज के लिए आते हैं। इस हॉस्पिटल पर पांच लाख से अधिक जनसंख्या इलाज के लिए आश्रित है। प्रतिदिन 500-600 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। सेमरियावां सीएचसी पर आठ डाक्टर तैनात हैं। इनमें सिर्फ एक दंत रोग विशेषज्ञ हैं।
तीन एलटी, तीन वार्ड बॉय, तीन फार्मासिस्ट और 42 एएनएम, चार स्टाफ नर्स की तैनाती है। एक चीफ फार्मासिस्ट का पद रिक्त है। 12 वर्ष पूर्व इस हॉस्पिटल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिला था तो लोगों को यहां बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब तक निराशा हाथ लगी है।
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मार्च 2021 में उत्तर प्रदेश परिवार कल्याण महानिदेशालय ने इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को प्रथम संदर्भन इकाई ( फर्स्ट रेफरल यूनिट) बनाए जाने की अधिसूचना जारी की थी। विभाग के जिम्मेदारों ने बताया था कि एफआरयू बन जाने से यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती, एनआईसीयू का निर्माण, जनरल सर्जरी, ब्लड स्टोरेज यूनिट, गंभीर रोगों के लिए जरूरी जांचों की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। उसरा शहीद के इरशाद अहमद, सेमरियावां के अबूजर चौधरी, तनवीर चौधरी, बाघनगर के एजाज अहमद, डड़वामाली के संतोष कुमार प्रजापति आदि ने बताया कि यहां सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ आदि रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की पोस्टिंग के लिए पद स्वीकृत है, लेकिन पद के सापेक्ष चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है। इस कारण लोगों को काफी परेशान होना पड़ता है। लोगों ने बताया कि जो डॉक्टर न होना तो एक समस्या है दूसरी समस्या जरूरी जांच की व्यवस्था का अभाव है।
धूल फांक रही हैं पैथोलाजी में उपलब्ध मशीनें
सीएचसी की पैथोलाजी में सीबीसी की जांच मशीन धूल फांक रही है। एक साल बाद रीजेंट (जांच केमिकल ) आया है। मशीन केबल खराब है। इससे मरीजों की जांच नहीं हो रही हैं। लैब असिस्टेंट सुरेंद्र कुमार, जय प्रकाश, लव कुश मौर्य तीन टेक्निशियन मौजूद हैं। लैब असिस्टेंट सुरेंद्र कुमार ने बताया कि हम अपनी पूरी क्षमता से काम करते हैं। टेक्नीशियन आए थे एक दो दिन में केबल लगाने को कह कर गए हैं।
एक्स-रे के लिए तैनात हैं टेक्नीशियन, पर नहीं है एक्सरे मशीन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में 11 वर्ष पूर्व एक्स रे मशीन के लिए पैनल आया था। कुछ पार्ट के अभाव में मशीन इंस्टॉल नहीं हो पाई थी। एक्सरे मशीन न होने के बावजूद भी यहां एक एक्स-रे टेक्निशियन चंद्र मणि तैनात हैं। लेकिन उन्हें एक्सरे मशीन न होने के कारण कोई काम ही नहीं रहता, इसलिए पूरा समय बैठे रहते हैं। यही नहीं इतने बड़े हॉस्पिटल में अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसलिए गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीज स्थानीय बाजारों में फैले अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जांच कराने को मजबूर हैं तो कुछ लोगों को विश्वसनीय अल्ट्रासाउंड जांच के लिए खलीलाबाद- बस्ती जाना पड़ता है।
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जरूरी संसाधनों के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को कई बार पत्राचार किया गया है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने प्राथमिकता है।
डॉ. सुरेश चंद्रा- अधीक्षक सीएचसी सेमरियावां
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सेमरियावां (संतकबीरनगर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां को फर्स्ट रेफरल यूनिट बनाए जाने का दावा कागजों तक सीमित होकर रह गया है। मरीजों के इलाज के लिए यहां न तो विशेषज्ञ डॉक्टर हैं न जरूरी जांच की सुविधा उपलब्ध है। इस कारण बेहतर इलाज के लिए लोगों को बस्ती, खलीलाबाद का चक्कर लगाना पड़ता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां पर इलाज के लिए जनपद के सेमरियावां ब्लॉक के साथ ही आंशिक रूप से बघौली, बेलहर कला, सांथा, बस्ती जनपद के साऊंघाट, रुधौली आदि ब्लॉकों के लोग इलाज के लिए आते हैं। इस हॉस्पिटल पर पांच लाख से अधिक जनसंख्या इलाज के लिए आश्रित है। प्रतिदिन 500-600 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। सेमरियावां सीएचसी पर आठ डाक्टर तैनात हैं। इनमें सिर्फ एक दंत रोग विशेषज्ञ हैं।
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तीन एलटी, तीन वार्ड बॉय, तीन फार्मासिस्ट और 42 एएनएम, चार स्टाफ नर्स की तैनाती है। एक चीफ फार्मासिस्ट का पद रिक्त है। 12 वर्ष पूर्व इस हॉस्पिटल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिला था तो लोगों को यहां बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब तक निराशा हाथ लगी है।
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मार्च 2021 में उत्तर प्रदेश परिवार कल्याण महानिदेशालय ने इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को प्रथम संदर्भन इकाई ( फर्स्ट रेफरल यूनिट) बनाए जाने की अधिसूचना जारी की थी। विभाग के जिम्मेदारों ने बताया था कि एफआरयू बन जाने से यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती, एनआईसीयू का निर्माण, जनरल सर्जरी, ब्लड स्टोरेज यूनिट, गंभीर रोगों के लिए जरूरी जांचों की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। उसरा शहीद के इरशाद अहमद, सेमरियावां के अबूजर चौधरी, तनवीर चौधरी, बाघनगर के एजाज अहमद, डड़वामाली के संतोष कुमार प्रजापति आदि ने बताया कि यहां सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ आदि रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की पोस्टिंग के लिए पद स्वीकृत है, लेकिन पद के सापेक्ष चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है। इस कारण लोगों को काफी परेशान होना पड़ता है। लोगों ने बताया कि जो डॉक्टर न होना तो एक समस्या है दूसरी समस्या जरूरी जांच की व्यवस्था का अभाव है।
धूल फांक रही हैं पैथोलाजी में उपलब्ध मशीनें
सीएचसी की पैथोलाजी में सीबीसी की जांच मशीन धूल फांक रही है। एक साल बाद रीजेंट (जांच केमिकल ) आया है। मशीन केबल खराब है। इससे मरीजों की जांच नहीं हो रही हैं। लैब असिस्टेंट सुरेंद्र कुमार, जय प्रकाश, लव कुश मौर्य तीन टेक्निशियन मौजूद हैं। लैब असिस्टेंट सुरेंद्र कुमार ने बताया कि हम अपनी पूरी क्षमता से काम करते हैं। टेक्नीशियन आए थे एक दो दिन में केबल लगाने को कह कर गए हैं।
एक्स-रे के लिए तैनात हैं टेक्नीशियन, पर नहीं है एक्सरे मशीन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में 11 वर्ष पूर्व एक्स रे मशीन के लिए पैनल आया था। कुछ पार्ट के अभाव में मशीन इंस्टॉल नहीं हो पाई थी। एक्सरे मशीन न होने के बावजूद भी यहां एक एक्स-रे टेक्निशियन चंद्र मणि तैनात हैं। लेकिन उन्हें एक्सरे मशीन न होने के कारण कोई काम ही नहीं रहता, इसलिए पूरा समय बैठे रहते हैं। यही नहीं इतने बड़े हॉस्पिटल में अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसलिए गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीज स्थानीय बाजारों में फैले अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जांच कराने को मजबूर हैं तो कुछ लोगों को विश्वसनीय अल्ट्रासाउंड जांच के लिए खलीलाबाद- बस्ती जाना पड़ता है।
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जरूरी संसाधनों के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को कई बार पत्राचार किया गया है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने प्राथमिकता है।
डॉ. सुरेश चंद्रा- अधीक्षक सीएचसी सेमरियावां