{"_id":"68dc2111c9d9f81598085e4f","slug":"new-education-policy-students-will-be-motivated-on-four-subjects-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-139158-2025-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई शिक्षा नीति : विद्यार्थियों को चार विषयों पर किया जाएगा प्रेरित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नई शिक्षा नीति : विद्यार्थियों को चार विषयों पर किया जाएगा प्रेरित
विज्ञापन
संतकबीरनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी निर्देशों के तहत विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप चार अहम विषयों पर जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, आत्मनिर्भरता और सतत विकास की भावना को बढ़ावा देना है। डीआईओएस के पास इसके निर्देश पहुंच गए हैं।
वोकल फॉर लोकल के तहत विद्यार्थियों को स्थानीय उत्पादों, शिल्प, कला और संसाधनों को अपनाने और बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत युवाओं को आत्मनिर्भर प्रणालियों, उपकरणों और समाधानों का निर्माण करने की दिशा में प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे स्वदेशी तकनीकी और संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर सकें।
स्वदेशी विषय के तहत छात्रों को भारतीय विचारधारा, परंपरागत ज्ञान प्रणालियों और नवाचार को आगे बढ़ाने की सीख दी जाएगी। वहीं, समृद्ध भारत विषय में विद्यार्थियों को सतत विकास, संसाधनों का संरक्षण और देश की समग्र समृद्धि में योगदान देने की ओर प्रेरित किया जाएगा। डीआईओएस हरिशचंद नाथ का कहना है कि विषयों पर आधारित गतिविधियों जैसे निबंध लेखन, वाद-विवाद, पोस्टर प्रतियोगिता और संगोष्ठियों के माध्यम से छात्रों को इसका महत्व समझाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
वोकल फॉर लोकल के तहत विद्यार्थियों को स्थानीय उत्पादों, शिल्प, कला और संसाधनों को अपनाने और बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत युवाओं को आत्मनिर्भर प्रणालियों, उपकरणों और समाधानों का निर्माण करने की दिशा में प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे स्वदेशी तकनीकी और संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर सकें।
विज्ञापन
स्वदेशी विषय के तहत छात्रों को भारतीय विचारधारा, परंपरागत ज्ञान प्रणालियों और नवाचार को आगे बढ़ाने की सीख दी जाएगी। वहीं, समृद्ध भारत विषय में विद्यार्थियों को सतत विकास, संसाधनों का संरक्षण और देश की समग्र समृद्धि में योगदान देने की ओर प्रेरित किया जाएगा। डीआईओएस हरिशचंद नाथ का कहना है कि विषयों पर आधारित गतिविधियों जैसे निबंध लेखन, वाद-विवाद, पोस्टर प्रतियोगिता और संगोष्ठियों के माध्यम से छात्रों को इसका महत्व समझाया जाएगा।
विज्ञापन