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Sant Kabir Nagar News: राष्ट्रीय लोक अदालत 21 को
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संतकबीरनगर। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 21 मई को होगा। इसमें किसी भी न्यायालय अथवा विभागीय मामलों को समझौते के आधार पर निस्तारित कराया जा सकता है। लोक अदालत में पक्षकार स्वयं उपस्थित होकर प्रार्थनापत्र दे सकता है।
जिला जज देवेंद्र सिंह ने बताया कि लोक अदालत में सुलह योग्य फौजदारी मामले, दीवानी वाद, भरण पोषण वाद, मोटर अधिनियम वाद, स्टांप वाद, पंजीयन वाद, चकबंदी वाद, श्रम वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, उपभोक्ता फोरम वाद, किरायदारी वाद, चेक बाउंस से संबंधित मामले निस्तारित होंगे।
इसके साथ ही बैंक लोन मामले, उत्तराधिकार प्रमाणपत्र से संबंधित मामले, कराधान प्रकरण, बिजली चोरी से संबंधित शमनीय वाद, वन अधिनियम के मामले, पुलिस अधिनियम के अंतर्गत समनीय वाद, स्थायी लोक अदालत के मामले, गृह कर, जल कर, बांट माप अधिनियम के मामले, नगर पालिका-नगर निगम संबंधी मामले भी निस्तारित होंगे। इसके अतिरिक्त वैवाहिक एवं पारिवारिक मामलों का भी निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया जा सकता है। ऐसे पारिवारिक मामले जो किसी न्यायालय में लंबित नहीं है वो प्री-लिटिगेशन स्तर पर पक्षकार के जरिये प्रार्थनापत्र देकर सुलह समझौते के माध्यम से निस्तारित कराया जा सकता है जिसका आदेश सिविल न्यायालय की डिग्री के समान होगा।
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जिला जज देवेंद्र सिंह ने बताया कि लोक अदालत में सुलह योग्य फौजदारी मामले, दीवानी वाद, भरण पोषण वाद, मोटर अधिनियम वाद, स्टांप वाद, पंजीयन वाद, चकबंदी वाद, श्रम वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, उपभोक्ता फोरम वाद, किरायदारी वाद, चेक बाउंस से संबंधित मामले निस्तारित होंगे।
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इसके साथ ही बैंक लोन मामले, उत्तराधिकार प्रमाणपत्र से संबंधित मामले, कराधान प्रकरण, बिजली चोरी से संबंधित शमनीय वाद, वन अधिनियम के मामले, पुलिस अधिनियम के अंतर्गत समनीय वाद, स्थायी लोक अदालत के मामले, गृह कर, जल कर, बांट माप अधिनियम के मामले, नगर पालिका-नगर निगम संबंधी मामले भी निस्तारित होंगे। इसके अतिरिक्त वैवाहिक एवं पारिवारिक मामलों का भी निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया जा सकता है। ऐसे पारिवारिक मामले जो किसी न्यायालय में लंबित नहीं है वो प्री-लिटिगेशन स्तर पर पक्षकार के जरिये प्रार्थनापत्र देकर सुलह समझौते के माध्यम से निस्तारित कराया जा सकता है जिसका आदेश सिविल न्यायालय की डिग्री के समान होगा।
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