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Sant Kabir Nagar News: अवैध रूप से लगे होर्डिंग से नगर पालिका को लाखों का नुकसान
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खलीलाबाद धनघटा मार्ग पर लगा होर्डिंग-संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर में अवैध होर्डिंग की भरमार है। विभिन्न सड़कों और प्रमुख चौराहों पर बिना अनुमति लगे होर्डिंग लोगों के लिए खतरा बने हैं। नगर पालिका ने अभियान चलाया था लेकिन स्थिति में बदलाव नहीं आया। इन अवैध विज्ञापनों से पटे होर्डिंग से पालिका को हर साल लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
शहर में होर्डिंग लगाने की जिम्मेदारी बस्ती की एम एजेंसी के पास है। इसके लिए नगर पालिका ने 15 होर्डिंग लगाने की अनुमति दी है। वर्तमान में मोती चौराहा, सरैया चौराहा, एचआरपीजी कॉलेज, आजाद चौक, बैंक चौराहा, मेंहदावल बाईपास, अस्पताल चौराहा, सरौली, डीघा, विधियानी रोड सहित शहर के कई अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर अवैध होर्डिंग लगे हैं।
इसमें स्कूल, कोचिंग संस्थान, अस्पताल के होर्डिंग शामिल हैं। इनकी संख्या करीब 20 है। नियमों के मुताबिक, होर्डिंग पर एजेंसी का नाम, कोड और मोबाइल नंबर दर्ज होना चाहिए, ताकि विज्ञापन लगाने वाली एजेंसी और उसके संचालक की पहचान हो सके।
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इसके बावजूद अधिकृत होर्डिंग समेत अवैध होर्डिंग पर इन विवरणों का अभाव निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
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संतकबीरनगर। शहर में अवैध होर्डिंग की भरमार है। विभिन्न सड़कों और प्रमुख चौराहों पर बिना अनुमति लगे होर्डिंग लोगों के लिए खतरा बने हैं। नगर पालिका ने अभियान चलाया था लेकिन स्थिति में बदलाव नहीं आया। इन अवैध विज्ञापनों से पटे होर्डिंग से पालिका को हर साल लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
शहर में होर्डिंग लगाने की जिम्मेदारी बस्ती की एम एजेंसी के पास है। इसके लिए नगर पालिका ने 15 होर्डिंग लगाने की अनुमति दी है। वर्तमान में मोती चौराहा, सरैया चौराहा, एचआरपीजी कॉलेज, आजाद चौक, बैंक चौराहा, मेंहदावल बाईपास, अस्पताल चौराहा, सरौली, डीघा, विधियानी रोड सहित शहर के कई अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर अवैध होर्डिंग लगे हैं।
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इसमें स्कूल, कोचिंग संस्थान, अस्पताल के होर्डिंग शामिल हैं। इनकी संख्या करीब 20 है। नियमों के मुताबिक, होर्डिंग पर एजेंसी का नाम, कोड और मोबाइल नंबर दर्ज होना चाहिए, ताकि विज्ञापन लगाने वाली एजेंसी और उसके संचालक की पहचान हो सके।
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इसके बावजूद अधिकृत होर्डिंग समेत अवैध होर्डिंग पर इन विवरणों का अभाव निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।