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Sant Kabir Nagar News: गिरफ्तारी के डर से भूमिगत हो गए अधिकतर क्षेत्र पंचायत सदस्य
Sun, 29 Sep 2024 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 29 Sep 2024 12:29 AM IST
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- दोनों पक्षों को खुश करने में फंस गए 53 क्षेत्र पंचायत सदस्य
- सेमरियावां प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सेमरियावां ब्लाॅक प्रमुख के अविश्वास प्रस्ताव में दोनों पक्षों के समर्थन में शपथ पत्र देने के मामले में 53 क्षेत्र पंचायत सदस्य फंस गए हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। कुल सात तरह की धाराएं लगी हैं। अब पुलिस की गिरफ्तारी की डर से अधिकतर क्षेत्र पंचायत सदस्य भूमिगत बताए जा रहे हैं। इन धाराओं में 10 साल की सजा का प्रावधान है। लोगों में चर्चा है कि दोनों पक्षों को खुश करने में क्षेत्र पंचायत सदस्य अपनी ही चाल में फंस गए हैं।
सेमरियावां ब्लॉक तीन साल से चर्चा में है। चुनाव के बाद ही प्रमुख और उनके विपक्षी में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर तनातनी चल रही है। हालांकि तीन साल में विकास को लेकर कोई बैठक नहीं हो पाई। 11 सितंबर को बैठक की तिथि निर्धारित हुई तो विवाद कोरमपूर्ति की वजह से नहीं हो सकी।
पुलिस ने लगाई सात तरह की धाराएं
पुलिस ने कुल सात धाराएं लगाई हैं। जिनमें से एक धारा पर 10 साल की सजा है। हर धारा पर सजा का प्रावधान किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र पंचायत सदस्यों को गिरफ्तारी का डर सता रहा है। ब्लॉक में चर्चा है कि कुछ क्षेत्र पंचायत सदस्य गिरफ्तारी के डर से भूमिगत हो गए और अपने बचने का जुगाड़ तलाश रहे हैं।
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क्या है मामला
27 जुलाई को ब्लाॅक प्रमुख सेमरियावां के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में बीडीसी हाजरा खातून, संगीता देवी, मनीष कुमार और बदरून्निशा ने 91 शपथ पत्र डीएम को सौंपा था। दूसरी तरफ ब्लाॅक प्रमुख मजहरून्निशा द्वारा 30 जुलाई और पांच अगस्त को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर अविश्वास प्रस्ताव पर फर्जी हस्ताक्षर, निशानी अंगूठा बनाए जाने व लगाए जाने से संबंधित कुल 75 शपथ पत्र प्रस्तुत किए गए, जबकि सेमरियावां ब्लॉक में कुल 121 क्षेत्र पंचायत सदस्य है। ऐसे में दोनों पक्षों से 166 शपथ पत्र दिया गया। जिस पर डीएम ने सीडीओ के नेतृत्व में जांच कराई। इनमें से 53 बीडीसी के शपथ पत्र दोनों पक्षों के समर्थम में पाए गए। जिस पर डीएम के निर्देश पर प्रभारी डीपीआरओ ने दुधारा थाने में प्रमुख समेत 55 बीडीसी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ है केस
धाराएं मामला सजा
319 (2) छल कपट पांच साल
318 (2) छल करना तीन साल
318 (4) जान बूझकर किया गया छल सात साल
338 शपथ पत्र दस साल
336 (2) कूटरचना दो साल
336 (3) जानकर कूटरचना करना सात साल
340 (2) गलत दस्तावेज पेश करना दो साल
बैठक को लेकर असमंजस की स्थिति
11 सितंबर को आयोजित हुई बैठक हंगामा और कोरम के अभाव में स्थगित कर दी गई थी। बीडीओ ने दोबारा बैठक के लिए 30 सितंबर की तिथि तय की है। साथ ही एजेंडा जारी कर दिया है। अब बीडीसी सदस्यों पर केस दर्ज होने के बाद बैठक को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है। लोग यही कह रहे है कि बैठक होगी की नहीं यह तो 30 सितंबर को ही पता चल सकेगा। इस संबंध में जिले के आला अधिकारी भी कुछ स्पष्ट जवाब देने से कतरा रहे हैं।
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- सेमरियावां प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सेमरियावां ब्लाॅक प्रमुख के अविश्वास प्रस्ताव में दोनों पक्षों के समर्थन में शपथ पत्र देने के मामले में 53 क्षेत्र पंचायत सदस्य फंस गए हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। कुल सात तरह की धाराएं लगी हैं। अब पुलिस की गिरफ्तारी की डर से अधिकतर क्षेत्र पंचायत सदस्य भूमिगत बताए जा रहे हैं। इन धाराओं में 10 साल की सजा का प्रावधान है। लोगों में चर्चा है कि दोनों पक्षों को खुश करने में क्षेत्र पंचायत सदस्य अपनी ही चाल में फंस गए हैं।
सेमरियावां ब्लॉक तीन साल से चर्चा में है। चुनाव के बाद ही प्रमुख और उनके विपक्षी में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर तनातनी चल रही है। हालांकि तीन साल में विकास को लेकर कोई बैठक नहीं हो पाई। 11 सितंबर को बैठक की तिथि निर्धारित हुई तो विवाद कोरमपूर्ति की वजह से नहीं हो सकी।
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पुलिस ने लगाई सात तरह की धाराएं
पुलिस ने कुल सात धाराएं लगाई हैं। जिनमें से एक धारा पर 10 साल की सजा है। हर धारा पर सजा का प्रावधान किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र पंचायत सदस्यों को गिरफ्तारी का डर सता रहा है। ब्लॉक में चर्चा है कि कुछ क्षेत्र पंचायत सदस्य गिरफ्तारी के डर से भूमिगत हो गए और अपने बचने का जुगाड़ तलाश रहे हैं।
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क्या है मामला
27 जुलाई को ब्लाॅक प्रमुख सेमरियावां के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में बीडीसी हाजरा खातून, संगीता देवी, मनीष कुमार और बदरून्निशा ने 91 शपथ पत्र डीएम को सौंपा था। दूसरी तरफ ब्लाॅक प्रमुख मजहरून्निशा द्वारा 30 जुलाई और पांच अगस्त को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर अविश्वास प्रस्ताव पर फर्जी हस्ताक्षर, निशानी अंगूठा बनाए जाने व लगाए जाने से संबंधित कुल 75 शपथ पत्र प्रस्तुत किए गए, जबकि सेमरियावां ब्लॉक में कुल 121 क्षेत्र पंचायत सदस्य है। ऐसे में दोनों पक्षों से 166 शपथ पत्र दिया गया। जिस पर डीएम ने सीडीओ के नेतृत्व में जांच कराई। इनमें से 53 बीडीसी के शपथ पत्र दोनों पक्षों के समर्थम में पाए गए। जिस पर डीएम के निर्देश पर प्रभारी डीपीआरओ ने दुधारा थाने में प्रमुख समेत 55 बीडीसी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ है केस
धाराएं मामला सजा
319 (2) छल कपट पांच साल
318 (2) छल करना तीन साल
318 (4) जान बूझकर किया गया छल सात साल
338 शपथ पत्र दस साल
336 (2) कूटरचना दो साल
336 (3) जानकर कूटरचना करना सात साल
340 (2) गलत दस्तावेज पेश करना दो साल
बैठक को लेकर असमंजस की स्थिति
11 सितंबर को आयोजित हुई बैठक हंगामा और कोरम के अभाव में स्थगित कर दी गई थी। बीडीओ ने दोबारा बैठक के लिए 30 सितंबर की तिथि तय की है। साथ ही एजेंडा जारी कर दिया है। अब बीडीसी सदस्यों पर केस दर्ज होने के बाद बैठक को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है। लोग यही कह रहे है कि बैठक होगी की नहीं यह तो 30 सितंबर को ही पता चल सकेगा। इस संबंध में जिले के आला अधिकारी भी कुछ स्पष्ट जवाब देने से कतरा रहे हैं।