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मनरेगा : तालाब में मिट्टी पाटकर बना दिया पोखरा
Sun, 14 Jul 2024 11:02 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 14 Jul 2024 11:02 PM IST
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- हैंसर बाजार क्षेत्र के डेबरी का मामला
- केवनई नाला में साढ़े छह लाख से खोदा गया पोखरा
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। विकास खंड हैंसर बाजार में मनरेगा योजना का बुरा हाल है। कागज में जहां मजदूरों से काम करा कर रोजगार दिया जा रहा है, वहीं विकास के नाम पर इस योजना की रकम को पानी में बहा दिया जा रहा है। इसका प्रमाण डेबरी में केवनई नाला में छह लाख 67 हजार रुपये की लागत से खोदा गया पोखरा दे रहा है।
अशरफपुर से निकलकर गाई बसंतपुर गांव के पास कुआनो नदी में मिलने वाले 15 किलोमीटर लंबा केवनई नाला में पानी हमेशा रहता है। इससे किसान खेतों की सिंचाई भी करते हैं। डेबरी गांव के पास तालाब में खोदे गए पोखरे को बगैर जरूरत का बताते हुए ग्रामीण राम जियावन, सभाजीत, रामगोपाल, राजमन, फूलदेव, रामप्रकाश आदि का कहना है कि डेबरी गांव में मनरेगा योजना का भारी पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है।
बिना जरूरत के तालाब में बनाए गए पोखरा तो है ही, साथ ही 10 मजदूर को काम पर लगाकर 100 मजदूर का मस्टरोल चलाया जाता है। इसकी शिकायत खंड विकास अधिकारी से कई बार की गई लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। गांव वालों का कहना है कि यदि सच्चाई से कोई बाहरी टीम आकर इस ग्राम पंचायत में कराए जा रहे विकास कार्यों की जांच करें तो भारी पैमाने पर सरकारी धन में गोलमाल सामने आएगा।
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तालाब में पोखरे की खोदाई किए जाने की जानकारी उन्हें नहीं है। ग्राम पंचायत अधिकारी और तकनीकी सहायक की रिपोर्ट पर भुगतान किया जाता है। इस तरह का मामला प्रकाश में आया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- अनंत राव, एपीओ
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- केवनई नाला में साढ़े छह लाख से खोदा गया पोखरा
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। विकास खंड हैंसर बाजार में मनरेगा योजना का बुरा हाल है। कागज में जहां मजदूरों से काम करा कर रोजगार दिया जा रहा है, वहीं विकास के नाम पर इस योजना की रकम को पानी में बहा दिया जा रहा है। इसका प्रमाण डेबरी में केवनई नाला में छह लाख 67 हजार रुपये की लागत से खोदा गया पोखरा दे रहा है।
अशरफपुर से निकलकर गाई बसंतपुर गांव के पास कुआनो नदी में मिलने वाले 15 किलोमीटर लंबा केवनई नाला में पानी हमेशा रहता है। इससे किसान खेतों की सिंचाई भी करते हैं। डेबरी गांव के पास तालाब में खोदे गए पोखरे को बगैर जरूरत का बताते हुए ग्रामीण राम जियावन, सभाजीत, रामगोपाल, राजमन, फूलदेव, रामप्रकाश आदि का कहना है कि डेबरी गांव में मनरेगा योजना का भारी पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है।
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बिना जरूरत के तालाब में बनाए गए पोखरा तो है ही, साथ ही 10 मजदूर को काम पर लगाकर 100 मजदूर का मस्टरोल चलाया जाता है। इसकी शिकायत खंड विकास अधिकारी से कई बार की गई लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। गांव वालों का कहना है कि यदि सच्चाई से कोई बाहरी टीम आकर इस ग्राम पंचायत में कराए जा रहे विकास कार्यों की जांच करें तो भारी पैमाने पर सरकारी धन में गोलमाल सामने आएगा।
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तालाब में पोखरे की खोदाई किए जाने की जानकारी उन्हें नहीं है। ग्राम पंचायत अधिकारी और तकनीकी सहायक की रिपोर्ट पर भुगतान किया जाता है। इस तरह का मामला प्रकाश में आया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- अनंत राव, एपीओ