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Sant Kabir Nagar News: मनरेगा में फर्जीवाड़ा...स्वीकृत की जगह कराया दूसरा काम, मजदूरी भी हड़प ली

Mon, 03 Aug 2026 03:00 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 03 Aug 2026 03:00 AM IST
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MNREGA fraud...work done in place of approved one, wages also usurped
-सदर ब्लॉक के तामा गांव के प्रधान, सचिव समेत चार से 1.40 लाख की वसूली के आदेश
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- तत्कालीन बीडीओ व कार्यक्रम अधिकारी को चेतावनी पत्र, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी का एक माह का मानदेय रोका



संवाद न्यूज एजेंसी

संतकबीरनगर। खलीलाबाद ब्लॉक के तामा गांव में मनरेगा कार्य में अनियमितता और मजदूरों भुगतान में गड़बड़ी सामने आई है। सीडीओ की जांच में स्वीकृत परियोजना की बजाय दूसरा काम कराए जाने और मजदूरी का पैसा निकालने के बावजूद भुगतान न करने की पुष्टि हुई है। इसके आधार पर डीएम ने ग्राम प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक से कुल एक लाख 40 हजार रुपये से अधिक की वसूली का आदेश दिया है। साथ ही लापरवाही बरतने पर तत्कालीन बीडीओ व कार्यक्रम अधिकारी धर्मेश चंद पांडेय को चेतावनी पत्र जारी किया गया है। वहीं तत्कालीन अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी सूर्य प्रकाश चौधरी का वेज लिस्ट डिलीट कराने के मामले में एक माह का मानदेय रोक दिया गया है। ग्राम पंचायत सचिव अमरनाथ गुप्ता को गलत मस्टररोल सत्यापित करने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। तकनीकी सहायक रज्जन कुमार श्रीवास्तव पर अस्वीकृत परियोजना पर मापांकन करने के कारण अग्रिम आदेश तक अन्य परियोजनाओं के मापांकन कार्य से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
तामा गांव में मनरेगा के तहत झझवा तालाब के तृतीय भाग की सफाई व खुदाई का कार्य 24 जुलाई 2025 को कराया जाना दिखाया गया था। अभिलेखों में 45 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर एक लाख 40 हजार रुपये से अधिक का मापांकन किया गया और वेज लिस्ट भी तैयार की गई। आरोप है कि बाद में वेज लिस्ट को डिलीट कर दिया गया और मजदूरों को भुगतान नहीं किया गया।
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मामले की जानकारी मिलने पर डीएम के निर्देश पर सीडीओ जयकेश त्रिपाठी ने जांच की। जांच में पाया गया कि स्वीकृत परियोजना के बजाय अन्य कार्य कराया गया और मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। सीडीओ ने अपनी रिपोर्ट में अनियमितता की पुष्टि करते हुए संबंधितों से वसूली की संस्तुति की।
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इसके बाद डीएम के आदेश के अनुसार ग्राम प्रधान अंजू पासवान, ग्राम पंचायत सचिव अमरनाथ गुप्ता, तकनीकी सहायक रज्जन कुमार और रोजगार सेवक रंजीता गोस्वामी से 35,028-35,028 रुपये की दर से वसूली के निर्देश दिए गए। यह राशि ग्राम पंचायत के ओएसआर खाते में जमा कराए जाएंगे और फिर मस्टररोल में दर्ज मजदूरों के खातों में भुगतान कराया जाएगा।
कैसे खुला मामला
30 जनवरी को डीएम कार्यालय के सामने कुछ मनरेगा मजदूरों ने मजदूरी के भुगतान के लिए प्रदर्शन किया था। मामला डीएम तक पहुंचा तो उन्होंने मामले की जांच के निर्देश दिए, जिसके बाद इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।


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तामा गांव में मनरेगा कार्य में अनियमितता और मजदूरों के भुगतान में गड़बड़ी मिली थी। स्वीकृत परियोजना से हटकर कार्य कराया गया। इस मामले में प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक से वसूली के आदेश दिए गए हैं। अन्य संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
-आलोक कुमार, डीएम
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