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Sant Kabir Nagar News: 13 साल से बदहाल मीरपुर-धरुई मार्ग, गड्ढों में तब्दील सड़क से राहगीर परेशान
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बदहाल मीरपुर-धरुई मार्ग
सेमरियावां। ब्लाॅक के पैड़ी-दानोकुइयां मार्ग को जोड़ने वाला मीरपुर-धरुई संपर्क मार्ग पिछले करीब 13 वर्षों से बदहाली का शिकार है। करीब 1.5 किलोमीटर लंबी सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। ऐसे में राहगीरों के साथ ही स्कूली बच्चों को भी रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई।
मीरपुर-धरुई मार्ग से मीरपुर, भैंसवरिया, धरुई और देवरिया विजई समेत कई गांवों के लोग आवागमन करते हैं। यही मार्ग बस्ती जनपद के भीटा रामसेन, बढ़या राजा, नगहरा और नगहरी गांवों के लोगों के लिए भी प्रमुख संपर्क मार्ग है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बरसात के दिनों में हालात और अधिक खराब हो जाते हैं और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि मीरपुर गांव में स्थित एक पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं को भी प्रतिदिन इसी जर्जर सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। गड्ढों के कारण बच्चों और बाइक सवारों के गिरकर घायल होने की घटनाएं भी होती रहती हैं। ग्रामीण वसीम खान, याकूब, मोहम्मद रफीक, अबू बकर ने बताया कि एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। विभागीय उदासीनता के कारण सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है।
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धरुई गांव के अजय कुमार, भगवान दीन, नंदलाल और मिंटू ने बताया कि यह मार्ग कई गांवों की जीवनरेखा है। इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण या मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और लोक निर्माण विभाग से जल्द सड़क का निर्माण कराए जाने की मांग की है।
सड़क की बदहाल स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही मरम्मत कार्य शीघ्र कराए जाने की मांग की जाएगी ताकि राहगीरों को राहत मिल सके और आवागमन सुरक्षित व सुगम हो।
कृष्ण कुमार, बीडीओ सेमरियावां
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मीरपुर-धरुई मार्ग से मीरपुर, भैंसवरिया, धरुई और देवरिया विजई समेत कई गांवों के लोग आवागमन करते हैं। यही मार्ग बस्ती जनपद के भीटा रामसेन, बढ़या राजा, नगहरा और नगहरी गांवों के लोगों के लिए भी प्रमुख संपर्क मार्ग है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बरसात के दिनों में हालात और अधिक खराब हो जाते हैं और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
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ग्रामीणों ने बताया कि मीरपुर गांव में स्थित एक पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं को भी प्रतिदिन इसी जर्जर सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। गड्ढों के कारण बच्चों और बाइक सवारों के गिरकर घायल होने की घटनाएं भी होती रहती हैं। ग्रामीण वसीम खान, याकूब, मोहम्मद रफीक, अबू बकर ने बताया कि एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। विभागीय उदासीनता के कारण सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है।
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धरुई गांव के अजय कुमार, भगवान दीन, नंदलाल और मिंटू ने बताया कि यह मार्ग कई गांवों की जीवनरेखा है। इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण या मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और लोक निर्माण विभाग से जल्द सड़क का निर्माण कराए जाने की मांग की है।
सड़क की बदहाल स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही मरम्मत कार्य शीघ्र कराए जाने की मांग की जाएगी ताकि राहगीरों को राहत मिल सके और आवागमन सुरक्षित व सुगम हो।
कृष्ण कुमार, बीडीओ सेमरियावां