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Sant Kabir Nagar News: जाति प्रमाणपत्र के लिए डीएम को दिया ज्ञापन
Wed, 10 Jan 2024 11:31 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 10 Jan 2024 11:31 PM IST
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संतकबीरनगर। लोजपा रामविलास के जिलाध्यक्ष एवं अखिल भारतीय दुसाध कल्याण परिषद बस्ती मंडल अध्यक्ष लालचन्द्र दुसाध ने जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को जाति प्रमाणपत्र के लिए ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन भी मान चुका है कि दुसाध ढाढ़ी जाति में कोई अंतर नहीं है। ढाढ़ी कोई जाति नहीं है। दुसाध जाति की सात उपजातियों में ढाढ़ी भी उपजाति है। पूर्व से लेकर अब तक अनगिनत दुसाध जाति का जाति प्रमाणपत्र जांच के बाद जारी किया गया है। अब उसी परिवार के अन्य सदस्यों का जाति प्रमाणपत्र नहीं दिया जा रहा है। न ही नवीनीकरण किया जा रहा है। अन्य जनपद से इस जनपद में जो महिलाएं आई हुई हैं उनका भी जाति प्रमाणपत्र नहीं दिया जा रहा है। जिले में 76 से 80 गांव में दुसाध, ढाढ़ी जाति के लोग निवास करते हैं। दुसाध /ढाढ़ी जाति के संबंध में शासन-प्रशासन का कई आदेश है। जिन्हें मानकर भी अब नहीं माना जा रहा है।
16 जनवरी 2024 तक दुसाध जाति के लोगों का ऑनलाइन आवेदन निरस्त हुआ और उत्तर प्रदेश पुलिस से वंचित हुए तो आगामी तिथि से दुसाध समाज वृहद आंदोलन को बाध्य होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
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इस मौके पर रामकोमल दुसाध, नीरज दुसाध, संदीपकुमार, जितेन्द्र, ठाकुर प्रसाद, अजय, अतुल, आकाश, गंगेश, गोविंद, अखिलेश, राजू, सचिन आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन भी मान चुका है कि दुसाध ढाढ़ी जाति में कोई अंतर नहीं है। ढाढ़ी कोई जाति नहीं है। दुसाध जाति की सात उपजातियों में ढाढ़ी भी उपजाति है। पूर्व से लेकर अब तक अनगिनत दुसाध जाति का जाति प्रमाणपत्र जांच के बाद जारी किया गया है। अब उसी परिवार के अन्य सदस्यों का जाति प्रमाणपत्र नहीं दिया जा रहा है। न ही नवीनीकरण किया जा रहा है। अन्य जनपद से इस जनपद में जो महिलाएं आई हुई हैं उनका भी जाति प्रमाणपत्र नहीं दिया जा रहा है। जिले में 76 से 80 गांव में दुसाध, ढाढ़ी जाति के लोग निवास करते हैं। दुसाध /ढाढ़ी जाति के संबंध में शासन-प्रशासन का कई आदेश है। जिन्हें मानकर भी अब नहीं माना जा रहा है।
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16 जनवरी 2024 तक दुसाध जाति के लोगों का ऑनलाइन आवेदन निरस्त हुआ और उत्तर प्रदेश पुलिस से वंचित हुए तो आगामी तिथि से दुसाध समाज वृहद आंदोलन को बाध्य होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
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इस मौके पर रामकोमल दुसाध, नीरज दुसाध, संदीपकुमार, जितेन्द्र, ठाकुर प्रसाद, अजय, अतुल, आकाश, गंगेश, गोविंद, अखिलेश, राजू, सचिन आदि मौजूद रहे।