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Sant Kabir Nagar News: गणित और विज्ञान किट से बढ़ेगा विद्यार्थियों का ज्ञान
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संतकबीरनगर। जिले के परिषदीय विद्यालयों में विज्ञान और गणित की पढ़ाई का तरीका अब बदलेगा। शासन की पहल पर विद्यालयों में विज्ञान और गणित की किट पहुंचाई जा रही है। इन उपकरणों के माध्यम से बच्चे प्रयोग करके विषयों को समझेंगे।
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और खोज की प्रवृत्ति विकसित करना है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं, जिनमें एक लाख 33 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में विज्ञान और गणित की किट के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। किट में टेलिस्कोप, परखनली, चुंबक, थर्मामीटर, कंपास और प्रिज्म समेत विभिन्न उपकरण शामिल हैं। इनकी मदद से बच्चे विषयों को व्यावहारिक रूप से समझ सकेंगे। विज्ञान और गणित की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित न रहकर प्रयोग आधारित होगी।
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शिक्षक उपकरणों की मदद से बच्चों को पढ़ाएंगे, जिससे कक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ेगी और विषयों को समझना आसान होगा। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि बच्चे स्वयं उपकरणों का उपयोग करेंगे, जिससे उनकी समझ बेहतर होगी। प्रयोगात्मक शिक्षा से छात्र विषयों को लंबे समय तक याद रख सकेंगे। शिक्षकों को भी उपकरणों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि किट का प्रभावी ढंग से उपयोग हो सके। उन्होंने बताया कि सरकार मिशन प्रेरणा, निपुण भारत मिशन, स्कूल कायाकल्प, स्मार्ट क्लास और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने में जुटी है। विज्ञान और गणित किट की उपलब्धता से पढ़ाई को अधिक व्यावहारिक और छात्र केंद्रित बनाने में मदद मिलेगी। इससे विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ने के साथ नवाचार की संभावनाएं भी विकसित होंगी।
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इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और खोज की प्रवृत्ति विकसित करना है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं, जिनमें एक लाख 33 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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इसी क्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में विज्ञान और गणित की किट के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। किट में टेलिस्कोप, परखनली, चुंबक, थर्मामीटर, कंपास और प्रिज्म समेत विभिन्न उपकरण शामिल हैं। इनकी मदद से बच्चे विषयों को व्यावहारिक रूप से समझ सकेंगे। विज्ञान और गणित की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित न रहकर प्रयोग आधारित होगी।
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शिक्षक उपकरणों की मदद से बच्चों को पढ़ाएंगे, जिससे कक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ेगी और विषयों को समझना आसान होगा। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि बच्चे स्वयं उपकरणों का उपयोग करेंगे, जिससे उनकी समझ बेहतर होगी। प्रयोगात्मक शिक्षा से छात्र विषयों को लंबे समय तक याद रख सकेंगे। शिक्षकों को भी उपकरणों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि किट का प्रभावी ढंग से उपयोग हो सके। उन्होंने बताया कि सरकार मिशन प्रेरणा, निपुण भारत मिशन, स्कूल कायाकल्प, स्मार्ट क्लास और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने में जुटी है। विज्ञान और गणित किट की उपलब्धता से पढ़ाई को अधिक व्यावहारिक और छात्र केंद्रित बनाने में मदद मिलेगी। इससे विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ने के साथ नवाचार की संभावनाएं भी विकसित होंगी।