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Sant Kabir Nagar News: जिला अस्पताल की लिफ्ट बनी शोपीस, नहीं है ऑपरेटर
Fri, 29 Mar 2024 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 29 Mar 2024 12:18 AM IST
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- मरीजों व तीमारदारों को सीढि़यों से आना-जाना पड़ता है
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल के एमसीएच विंग के 200 बेड के अस्पताल में मरीजों को स्वचालित लिफ्ट बंद होने से परेशानियां झेलनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत प्रसूताओं को हो रही है। यहां पर लगी लिफ्ट शोपीस बनी हुई है। इसे चलाने के लिए ऑपरेटर ही नहीं है, हालांकि जिम्मेदार यहीं कह रहे हैं कि जल्द ही लिफ्ट की व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
शासन चिकित्सीय व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए सुविधाएं तक बढ़ा रही हैं। लेकिन इसका लाभ जरूरतमंद मरीजों और उनके तीमारदारों तक नहीं पहुंच पा रहा है। अस्पताल की लिफ्ट ऑपरेटर नहीं होने की वजह से शोपीस बनी हुई है। मरीज व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। हालांकि जिम्मेदारों का कहना है कि लिफ्ट तो सही है पर उसे चलाने के लिए ऑपरेटर की जरूरत है।
एमसीएच विंग में रोजाना करीब 100 से अधिक महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। साथ ही प्रसूताओं को द्वितीय तल पर बने ऑपरेशन थियेटर तक जाना पड़ता है। वहीं जनरल वार्ड और आईसीयू वार्ड भी है। ऐसे में इन महिलाओं का सीढि़यों पर चढ़ना मुसीबत भरा है। मरीज के साथ आए संत यादव, बालकिशुन ने बताया कि लिफ्ट खराब है। सीढि़यों से चढ़कर जाना मजबूरी है। जब सीढि़यों से चढ़ना था तो लिफ्ट क्याें लगवाया।
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लिफ्ट को चलाने के लिए ऑपरेटर की जरूरत है। तीन ऑपरेटर के लिए सीएमओ से वार्ता की गई है। इस बार जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मामला उठाया जाएगा। जल्द ही लिफ्ट शुरू कराने की व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. भवनाथ पांडेय, सीएमएस
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल के एमसीएच विंग के 200 बेड के अस्पताल में मरीजों को स्वचालित लिफ्ट बंद होने से परेशानियां झेलनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत प्रसूताओं को हो रही है। यहां पर लगी लिफ्ट शोपीस बनी हुई है। इसे चलाने के लिए ऑपरेटर ही नहीं है, हालांकि जिम्मेदार यहीं कह रहे हैं कि जल्द ही लिफ्ट की व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
शासन चिकित्सीय व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए सुविधाएं तक बढ़ा रही हैं। लेकिन इसका लाभ जरूरतमंद मरीजों और उनके तीमारदारों तक नहीं पहुंच पा रहा है। अस्पताल की लिफ्ट ऑपरेटर नहीं होने की वजह से शोपीस बनी हुई है। मरीज व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। हालांकि जिम्मेदारों का कहना है कि लिफ्ट तो सही है पर उसे चलाने के लिए ऑपरेटर की जरूरत है।
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एमसीएच विंग में रोजाना करीब 100 से अधिक महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। साथ ही प्रसूताओं को द्वितीय तल पर बने ऑपरेशन थियेटर तक जाना पड़ता है। वहीं जनरल वार्ड और आईसीयू वार्ड भी है। ऐसे में इन महिलाओं का सीढि़यों पर चढ़ना मुसीबत भरा है। मरीज के साथ आए संत यादव, बालकिशुन ने बताया कि लिफ्ट खराब है। सीढि़यों से चढ़कर जाना मजबूरी है। जब सीढि़यों से चढ़ना था तो लिफ्ट क्याें लगवाया।
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लिफ्ट को चलाने के लिए ऑपरेटर की जरूरत है। तीन ऑपरेटर के लिए सीएमओ से वार्ता की गई है। इस बार जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मामला उठाया जाएगा। जल्द ही लिफ्ट शुरू कराने की व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. भवनाथ पांडेय, सीएमएस