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Sant Kabir Nagar News: एसडीएम और तहसीलदार के विरुद्ध अधिवक्ताओं ने खोला मोर्चा
Tue, 09 Dec 2025 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 09 Dec 2025 12:44 AM IST
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धनघटा तहसील में बैठक करते हुए अधिवक्तागण । संवाद
धनघटा। एसडीएम और तहसीलदार के मनमाने रवैये से तंग धनघटा तहसील के अधिवक्ताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को तहसील में बैठक कर अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया कि जब तक एसडीएम और तहसीलदार हटाए नहीं जाते, वे न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हनुमान प्रसाद चौधरी और वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह ने कहा कि एसडीएम मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं। एक ही मामले में दो तरह का निर्णय कर रहे हैं। शांतिभंग की आशंका में जमानत कराने आए लोगों को अकारण 14 दिन के लिए जेल भेज दे रहे हैं। इसी तरह तहसीलदार भी मनमानी पर आमादा हैं।
अधिवक्ताओं का कहना है दोनों अधिकारियों से कार्य पद्धति में सुधार लाने के लिए कई बार कहा गया लेकिन, उनके व्यवहार में परिवर्तन नहीं आ रहा है। दोनों अधिकारी जब तक यहां से हटाए नहीं जाते हैं तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी इन दोनों अधिकारियों की है। बैठक में प्रेम नारायण मिश्र, सुरेंद्र सिंह, दिलीप तिवारी, सुनील पांडेय, अन्नपूर्णा माझी, केशव पाठक, प्रभुनाथ यादव, उदयभान पासवान, सुनील राय आदि लोग मौजूद रहे। दूसरी तरफ एसडीएम डॉ सुनील कुमार ने अधिवक्ताओं के जरिए लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और आधारहीन बताया है।
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तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हनुमान प्रसाद चौधरी और वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह ने कहा कि एसडीएम मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं। एक ही मामले में दो तरह का निर्णय कर रहे हैं। शांतिभंग की आशंका में जमानत कराने आए लोगों को अकारण 14 दिन के लिए जेल भेज दे रहे हैं। इसी तरह तहसीलदार भी मनमानी पर आमादा हैं।
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अधिवक्ताओं का कहना है दोनों अधिकारियों से कार्य पद्धति में सुधार लाने के लिए कई बार कहा गया लेकिन, उनके व्यवहार में परिवर्तन नहीं आ रहा है। दोनों अधिकारी जब तक यहां से हटाए नहीं जाते हैं तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी इन दोनों अधिकारियों की है। बैठक में प्रेम नारायण मिश्र, सुरेंद्र सिंह, दिलीप तिवारी, सुनील पांडेय, अन्नपूर्णा माझी, केशव पाठक, प्रभुनाथ यादव, उदयभान पासवान, सुनील राय आदि लोग मौजूद रहे। दूसरी तरफ एसडीएम डॉ सुनील कुमार ने अधिवक्ताओं के जरिए लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और आधारहीन बताया है।
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