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वकील को सजा से कचहरी में गहमागहमी
Sant Kabir Nagar
Updated Fri, 20 Jan 2017 11:56 PM IST
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धोखाधड़ी से भूमि का बैनामा कराने के मामले में एक अधिवक्ता समेत तीन लोगों को सीजेएम कोर्ट से सात साल की सजा सुनाई गई। बाद में एडीजे कोर्ट ने तीनों की जमानत मंजूर कर दी। इसके चलते शुक्रवार को कचहरी में दिनभर गहमागहमी रही।
कोतवाली क्षेत्र के धवईपार निवासी सलाउद्दीन का आरोप था कि गांव के बाल सिंह ने उसके लापता चाचा हाजी मोहम्मद सलीम के नाम की जमीन को गलत तरीके से अपने नाम रजिस्ट्री करा लिया था। चाचा की जगह किसी और का फोटो लगाकर कराई गई रजिस्ट्री में अधिवक्ता हनुमान प्रसाद पाठक मददगार बने थे।
दयाशंकर, इंद्रजीत की रजिस्ट्री में गवाही थी। शुक्रवार को इस केस में सुनवाई के बाद सीजेएम कोर्ट ने बाल सिंह, इंद्रजीत और हनुमान प्रसाद पाठक को सात साल की सजा सुनाई। बाद में एडीजे प्रफुल्ल कुमार की कोर्ट से तीनों की जमानत मंजूर हो गई।
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कोतवाली क्षेत्र के धवईपार निवासी सलाउद्दीन का आरोप था कि गांव के बाल सिंह ने उसके लापता चाचा हाजी मोहम्मद सलीम के नाम की जमीन को गलत तरीके से अपने नाम रजिस्ट्री करा लिया था। चाचा की जगह किसी और का फोटो लगाकर कराई गई रजिस्ट्री में अधिवक्ता हनुमान प्रसाद पाठक मददगार बने थे।
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दयाशंकर, इंद्रजीत की रजिस्ट्री में गवाही थी। शुक्रवार को इस केस में सुनवाई के बाद सीजेएम कोर्ट ने बाल सिंह, इंद्रजीत और हनुमान प्रसाद पाठक को सात साल की सजा सुनाई। बाद में एडीजे प्रफुल्ल कुमार की कोर्ट से तीनों की जमानत मंजूर हो गई।
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