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लहुरादेवा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी
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लहुरादेवा स्थित कोट माता मंदिर का सीमांकन कराते पुरातत्व के अधिकारी।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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लहुरादेवा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी
लहुरादेवा स्थित समय माता टीला को सरकार ने पुरातात्विक स्मारक किया घोषित
पर्यटक स्थल के रूप में हुआ सीमांकन
मगहर। विकास खंड सेमरियावां के ग्राम लहुरादेवा (जगदीशपुर) स्थित कोट (समय माई का टीला) को उत्तर प्रदेश सरकार के सांस्कृतिक अनुभाग की ओर से स्मारक घोषित किया गया गया है। उक्त स्थल का क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी नरसिंह त्यागी के निर्देशन में राजस्व विभाग की टीम के जरिए ग्राम प्रधान व काश्तकारों की उपस्थिति में सीमांकन कराया गया। जल्द ही अवैध कब्जे को हटवाया जाएगा। अब यहां पर्यटन के दृष्टिकोण से विकास कार्य कराए जाएंगे।
क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी गोरखपुर नरसिंह त्यागी ने बताया कि संतकबीरनगर जिले के विकास खंड सेमरियावां अंतर्गत ग्राम लहुरा देवा (जगदीशपुर) स्थित कोट (समय माई का टीला) को सरकार द्वारा स्मारक घोषित किया जा चुका है। इस टीले के उत्खनन का कार्य उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग ने डॉक्टर राकेश तिवारी के निर्देशन में 2001 से 2006 के मध्य किया था। इस टीले से नव पाषाण काल से लेकर कुषाण काल तक की संस्कृति के अवशेष प्राप्त हुए हैं। इस स्थल से विशेष रूप से अनाज के भंडारण हेतु डेहरियां, आज से लगभग आठ हजार साल पूर्व के धान की खेती के अवशेष प्राप्त हुए हैं। इसे स्मारक घोषित करने के लिए विभाग ने 2011 की पुरातत्व परामर्शदात्री समिति के समक्ष स्थल को संरक्षित करने के लिए प्रस्ताव रखा था। शासन स्तर पर इसे संरक्षित करने में लगभग 10 वर्ष का समय लगा। अब जाकर इस स्थान को स्मारक घोषित किया गया। इसके क्रम में उक्त स्थान को संरक्षित करने के लिए राजू पटेल के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम एवं उनके निर्देशन में उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग के सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. कृष्ण मोहन दुबे, डॉ. मनोज कुमार यादव, सर्वेक्षक मनमोहन ढिमरी एवं सहायक सर्वेक्षक अनिल कुमार सिंह के जरिए ग्राम प्रधान, स्थानीय काश्तकार एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में सीमांकन की प्रक्रिया पूरी करा ली गई। उन्होंने बताया कि इस स्थल का विकास एवं सुंदरीकरण होने के पश्चात पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। सीमांकन के बाद पुरास्थल पर सांस्कृतिक सूचना पट्ट एवं तार फेन्सिंग का कार्य विभाग की ओर से कराया जाएगा। ताकि यहां पर्यटकों के आने-जाने का सिलसिला शुरू हो सके। संवाद
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लहुरादेवा स्थित समय माता टीला को सरकार ने पुरातात्विक स्मारक किया घोषित
पर्यटक स्थल के रूप में हुआ सीमांकन
मगहर। विकास खंड सेमरियावां के ग्राम लहुरादेवा (जगदीशपुर) स्थित कोट (समय माई का टीला) को उत्तर प्रदेश सरकार के सांस्कृतिक अनुभाग की ओर से स्मारक घोषित किया गया गया है। उक्त स्थल का क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी नरसिंह त्यागी के निर्देशन में राजस्व विभाग की टीम के जरिए ग्राम प्रधान व काश्तकारों की उपस्थिति में सीमांकन कराया गया। जल्द ही अवैध कब्जे को हटवाया जाएगा। अब यहां पर्यटन के दृष्टिकोण से विकास कार्य कराए जाएंगे।
क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी गोरखपुर नरसिंह त्यागी ने बताया कि संतकबीरनगर जिले के विकास खंड सेमरियावां अंतर्गत ग्राम लहुरा देवा (जगदीशपुर) स्थित कोट (समय माई का टीला) को सरकार द्वारा स्मारक घोषित किया जा चुका है। इस टीले के उत्खनन का कार्य उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग ने डॉक्टर राकेश तिवारी के निर्देशन में 2001 से 2006 के मध्य किया था। इस टीले से नव पाषाण काल से लेकर कुषाण काल तक की संस्कृति के अवशेष प्राप्त हुए हैं। इस स्थल से विशेष रूप से अनाज के भंडारण हेतु डेहरियां, आज से लगभग आठ हजार साल पूर्व के धान की खेती के अवशेष प्राप्त हुए हैं। इसे स्मारक घोषित करने के लिए विभाग ने 2011 की पुरातत्व परामर्शदात्री समिति के समक्ष स्थल को संरक्षित करने के लिए प्रस्ताव रखा था। शासन स्तर पर इसे संरक्षित करने में लगभग 10 वर्ष का समय लगा। अब जाकर इस स्थान को स्मारक घोषित किया गया। इसके क्रम में उक्त स्थान को संरक्षित करने के लिए राजू पटेल के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम एवं उनके निर्देशन में उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग के सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. कृष्ण मोहन दुबे, डॉ. मनोज कुमार यादव, सर्वेक्षक मनमोहन ढिमरी एवं सहायक सर्वेक्षक अनिल कुमार सिंह के जरिए ग्राम प्रधान, स्थानीय काश्तकार एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में सीमांकन की प्रक्रिया पूरी करा ली गई। उन्होंने बताया कि इस स्थल का विकास एवं सुंदरीकरण होने के पश्चात पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। सीमांकन के बाद पुरास्थल पर सांस्कृतिक सूचना पट्ट एवं तार फेन्सिंग का कार्य विभाग की ओर से कराया जाएगा। ताकि यहां पर्यटकों के आने-जाने का सिलसिला शुरू हो सके। संवाद
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