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काला नमक धान की विभिन्न प्रजातियों का किया मूल्यांकन
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ुरैना में शोध के लिए लगाए गए कला नमक धान के प्रजातियों का मूल्यांकन करते कृषि वैज्ञानिक।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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काला नमक धान की विभिन्न प्रजातियों का किया मूल्यांकन
कृषि विज्ञान केंद्र बगही में शोध कार्य देखने दिल्ली के वैज्ञानिक पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र बगही की ओर से काला नमक धान की 10 प्रजातियों के शोध पर किए गए कार्य का मूल्यांकन करने नई दिल्ली से कृषि वैज्ञानिक पहुंचे। वैज्ञानिकों ने धान की फसल का मूल्यांकन करने के बाद कहा कि काला नमक धान की अच्छी पैदावार जिले में हो सकती है।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के वैज्ञानिक डॉ. वीके सिंह ने कहा कि पूर्वांचल का जिला संतकबीरनगर भी छोटे पौधे और कम समय में तैयार होने वाली किस्म लगाकर खुशबूदार काला नमक की खेती कर लाभ प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र बगही और किसानों को सुझाव देते हुए कहा कि वैज्ञानिकों की सलाह पर खेती करके यहां के किसान काला नमक की अच्छी पैदावार ले सकते हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीवी सिंह ने कहा कि शोध एवं अनुवांशिक विकास उत्पादिता पर पड़ने वाले जैविक एवं अजैविक प्रभाव, सुगंध संरक्षण एवं गुणात्मक पोषण वृद्धि के लिए शोध किया जा रहा है। इस शोध का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तायुक्त प्रजातियों को विकसित करना, फसल की अवधि को कम करना, प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाना और मूल सुगंध को संरक्षित कर किसानों को काला नमक धान के प्रति जागरूक करना है। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद सिंह ने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि नई प्रजाति किसानों के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध होगी। इस मौके पर लाल जी चौधरी, हरिश्चंद्र, उदयभान, मिठाई लाल आदि मौजूद रहे।
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कृषि विज्ञान केंद्र बगही में शोध कार्य देखने दिल्ली के वैज्ञानिक पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र बगही की ओर से काला नमक धान की 10 प्रजातियों के शोध पर किए गए कार्य का मूल्यांकन करने नई दिल्ली से कृषि वैज्ञानिक पहुंचे। वैज्ञानिकों ने धान की फसल का मूल्यांकन करने के बाद कहा कि काला नमक धान की अच्छी पैदावार जिले में हो सकती है।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के वैज्ञानिक डॉ. वीके सिंह ने कहा कि पूर्वांचल का जिला संतकबीरनगर भी छोटे पौधे और कम समय में तैयार होने वाली किस्म लगाकर खुशबूदार काला नमक की खेती कर लाभ प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र बगही और किसानों को सुझाव देते हुए कहा कि वैज्ञानिकों की सलाह पर खेती करके यहां के किसान काला नमक की अच्छी पैदावार ले सकते हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीवी सिंह ने कहा कि शोध एवं अनुवांशिक विकास उत्पादिता पर पड़ने वाले जैविक एवं अजैविक प्रभाव, सुगंध संरक्षण एवं गुणात्मक पोषण वृद्धि के लिए शोध किया जा रहा है। इस शोध का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तायुक्त प्रजातियों को विकसित करना, फसल की अवधि को कम करना, प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाना और मूल सुगंध को संरक्षित कर किसानों को काला नमक धान के प्रति जागरूक करना है। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद सिंह ने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि नई प्रजाति किसानों के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध होगी। इस मौके पर लाल जी चौधरी, हरिश्चंद्र, उदयभान, मिठाई लाल आदि मौजूद रहे।
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