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Sant Kabir Nagar News: मांगों को लेकर सिंचाई कर्मियों ने कलक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
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कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन देते सिंचाई संघ के लोग-स्रोत कर्मचारी
संतकबीरनगर। विभिन्न मांगों को लेकर सिंचाई संघ उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर एसडीएम को सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की।
संघ के अध्यक्ष रामभजन यादव ने कहा कि सींचपाल, नलकूप चालक और सींच पर्यवेक्षक की 70 वर्ष पुरानी सेवा नियमावली में संशोधन कर नई नियमावली जल्द बनाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नलकूप चालकों के 18,711 पद स्वीकृत हैं। इन पदों की स्वीकृति के समय प्रदेश में इतने ही राजकीय नलकूप स्थापित थे, जबकि वर्तमान में इनकी संख्या बढ़कर 46 हजार से अधिक हो गई है। इनका संचालन करीब छह हजार नलकूप चालकों से कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वीकृत पदों में रिक्त 12,700 पदों पर तत्काल भर्ती की जाए। साथ ही शेष नलकूपों के संचालन के लिए करीब 27 हजार नए पद सृजित किए जाएं। सेवा नियमावली में एक नलकूप चालक पर एक नलकूप के संचालन की जिम्मेदारी निर्धारित है, लेकिन वर्तमान में एक कर्मचारी से 10 से 20 नलकूपों का संचालन कराया जा रहा है। यह श्रम नियमों के विपरीत है और कर्मचारियों का शोषण है।
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उन्होंने सींचपालों के रिक्त पदों को भरने की भी मांग की। बताया कि विभाग में सींचपालों के 6,361 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में करीब 1,800 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। ऐसे में एक सींचपाल को अपने काम के साथ पांच से छह अतिरिक्त सींचपालों का कार्य भी करना पड़ रहा है।
संघ के मंत्री अभिमन्यु कुमार सिंह ने कहा कि नलकूप चालकों की वेतन विसंगति का मामला कई दशकों से शासन स्तर पर लंबित है। नलकूप चालक तकनीकी पद पर कार्यरत हैं और राजकीय नलकूपों का संचालन करते हैं। इसके बावजूद उनकी वेतन संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार से सभी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन में अनिल कुमार मिश्र समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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संघ के अध्यक्ष रामभजन यादव ने कहा कि सींचपाल, नलकूप चालक और सींच पर्यवेक्षक की 70 वर्ष पुरानी सेवा नियमावली में संशोधन कर नई नियमावली जल्द बनाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नलकूप चालकों के 18,711 पद स्वीकृत हैं। इन पदों की स्वीकृति के समय प्रदेश में इतने ही राजकीय नलकूप स्थापित थे, जबकि वर्तमान में इनकी संख्या बढ़कर 46 हजार से अधिक हो गई है। इनका संचालन करीब छह हजार नलकूप चालकों से कराया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि स्वीकृत पदों में रिक्त 12,700 पदों पर तत्काल भर्ती की जाए। साथ ही शेष नलकूपों के संचालन के लिए करीब 27 हजार नए पद सृजित किए जाएं। सेवा नियमावली में एक नलकूप चालक पर एक नलकूप के संचालन की जिम्मेदारी निर्धारित है, लेकिन वर्तमान में एक कर्मचारी से 10 से 20 नलकूपों का संचालन कराया जा रहा है। यह श्रम नियमों के विपरीत है और कर्मचारियों का शोषण है।
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उन्होंने सींचपालों के रिक्त पदों को भरने की भी मांग की। बताया कि विभाग में सींचपालों के 6,361 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में करीब 1,800 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। ऐसे में एक सींचपाल को अपने काम के साथ पांच से छह अतिरिक्त सींचपालों का कार्य भी करना पड़ रहा है।
संघ के मंत्री अभिमन्यु कुमार सिंह ने कहा कि नलकूप चालकों की वेतन विसंगति का मामला कई दशकों से शासन स्तर पर लंबित है। नलकूप चालक तकनीकी पद पर कार्यरत हैं और राजकीय नलकूपों का संचालन करते हैं। इसके बावजूद उनकी वेतन संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार से सभी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन में अनिल कुमार मिश्र समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।