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Sant Kabir Nagar News: विवेचनाएं लंबित... आरोपी आजाद
Fri, 07 Jun 2024 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 07 Jun 2024 11:22 PM IST
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संतकबीरनगर। पुलिस इधर कभी चुनावी तो कभी वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त रही। इसकी वजह से थानों में मुकदमों की विवेचनाओं का अंबार लग गया है। विवेचनाएं फिलहाल पुलिसकर्मियों की डायरी में कैद हैं और आरोपी आजाद घूम रहे हैं। हालात यह है कि जिले में 625 विवेचनाएं लंबित हैं। कुछ विवेचनाएं समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोर्ट में दाखिल नहीं हो पा रही हैं।
थाने पर किसी भी अपराध की एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच पड़ताल और छानबीन करके सही तथ्यों का पता लगाती है। एफआईआर में दर्ज विवरण के मुताबिक मामला सही मिलने पर पुलिस कोर्ट में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट पेश करती है, जबकि मामला गलत होने की दशा में अंतिम रिपोर्ट लगाकर मामला खत्म कर देती है। पुलिस की इसी रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय मामले की सुनवाई करता है।
पुलिस कर्मियों की व्यस्तता के चलते यह काम भी समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। कानूनी जानकारों की मानें तो सामान्य तौर पर सात साल से कम सजा वाले मामले की विवेचना साठ दिन में पूरा करना होता है। जबकि आरोप यदि सात साल की सजा से अधिक है तो 90 दिन के भीतर विवेचना पूर्ण करके कोर्ट में दाखिल करना होता है। समय सीमा से विवेचना पूरी न होने से गिरफ्तार आरोपी को जमानत का आधार मिल जाता है। आरोपी इसी आधार पर कोर्ट से जमानत की मांग भी करते हैं।
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केस एक
गोलीकांड में फरार आरोपी की नहीं हो सकी गिरफ्तारी
कोतवाली खलीलाबाद थाना क्षेत्र के चुरेब में छह मई को जमीनी विवाद में गोली चली थी। इसमे पिता-पुत्र समेत तीन नामजद एवं अन्य के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया। पुलिस के काफी प्रयास के बाद भी आज तक गोलीकांड का मुख्य आरोपी नहीं गिरफ्तार हो सका है।
केस दो
पुलिस की पकड़ से दूर हैं हत्यारोपी
पांच मई को कोतवाली क्षेत्र के युवक बिजली मिस्त्री का शव आंबेडकर नगर जनपद में पाया गया था। प्रेमप्रपंच में हुए इस हत्याकांड में प्रेमी और प्रेमिका को पुलिस ने जेल भेज दिया। जबकि एक आरोपी ने बस्ती के कोर्ट में सरेंडर कर दिया। मामले में पुलिस जांच के बाद तीन और आरोपी प्रकाश में आए थे जिनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई।
केस तीन
कूड़ा दरवाजे पर जाने पर मार दी गोली, आरोपी फरार
महुली थाना क्षेत्र के मुखलिसपुर में 21 मई को दरवाजे पर कूड़ा जाने के बाद गोली मारने का मामला प्रकाश में आया। इसमे बाबा और पोता को गोली लगी थी। पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया। घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहे हैं और पुलिस को अभी तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
थानावार लंबित विवेचनाओं की सूची तैयार की जा रही है। इसके लिए अभियान चलाकर विवेचनाओं को समय से पूरा कराया जाएगा।
सत्यजीत गुप्ता, एसपी
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थाने पर किसी भी अपराध की एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच पड़ताल और छानबीन करके सही तथ्यों का पता लगाती है। एफआईआर में दर्ज विवरण के मुताबिक मामला सही मिलने पर पुलिस कोर्ट में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट पेश करती है, जबकि मामला गलत होने की दशा में अंतिम रिपोर्ट लगाकर मामला खत्म कर देती है। पुलिस की इसी रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय मामले की सुनवाई करता है।
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पुलिस कर्मियों की व्यस्तता के चलते यह काम भी समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। कानूनी जानकारों की मानें तो सामान्य तौर पर सात साल से कम सजा वाले मामले की विवेचना साठ दिन में पूरा करना होता है। जबकि आरोप यदि सात साल की सजा से अधिक है तो 90 दिन के भीतर विवेचना पूर्ण करके कोर्ट में दाखिल करना होता है। समय सीमा से विवेचना पूरी न होने से गिरफ्तार आरोपी को जमानत का आधार मिल जाता है। आरोपी इसी आधार पर कोर्ट से जमानत की मांग भी करते हैं।
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गोलीकांड में फरार आरोपी की नहीं हो सकी गिरफ्तारी
कोतवाली खलीलाबाद थाना क्षेत्र के चुरेब में छह मई को जमीनी विवाद में गोली चली थी। इसमे पिता-पुत्र समेत तीन नामजद एवं अन्य के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया। पुलिस के काफी प्रयास के बाद भी आज तक गोलीकांड का मुख्य आरोपी नहीं गिरफ्तार हो सका है।
केस दो
पुलिस की पकड़ से दूर हैं हत्यारोपी
पांच मई को कोतवाली क्षेत्र के युवक बिजली मिस्त्री का शव आंबेडकर नगर जनपद में पाया गया था। प्रेमप्रपंच में हुए इस हत्याकांड में प्रेमी और प्रेमिका को पुलिस ने जेल भेज दिया। जबकि एक आरोपी ने बस्ती के कोर्ट में सरेंडर कर दिया। मामले में पुलिस जांच के बाद तीन और आरोपी प्रकाश में आए थे जिनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई।
केस तीन
कूड़ा दरवाजे पर जाने पर मार दी गोली, आरोपी फरार
महुली थाना क्षेत्र के मुखलिसपुर में 21 मई को दरवाजे पर कूड़ा जाने के बाद गोली मारने का मामला प्रकाश में आया। इसमे बाबा और पोता को गोली लगी थी। पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया। घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहे हैं और पुलिस को अभी तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
थानावार लंबित विवेचनाओं की सूची तैयार की जा रही है। इसके लिए अभियान चलाकर विवेचनाओं को समय से पूरा कराया जाएगा।
सत्यजीत गुप्ता, एसपी