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Sant Kabir Nagar News: बारिश के बाद उल्टी-दस्त और डायरिया का बढ़ा खतरा
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जिला अस्पताल के काउंटर पर खड़े मरीज व तीमारदार। संवाद
संतकबीरनगर। मौसम में हुए बदलाव और बारिश से स्वास्थ्य की चिंता बढ़ गई है। बुधवार को जिला अस्पताल में 720 मरीज ओपीडी में पहुंचे। इनमें उल्टी, दस्त, डायरिया और पाचन संबंधी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या अधिक रही।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि बारिश के बाद बच्चों में पाचन तंत्र के संक्रमण और डायरिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी से संक्रमण का खतरा रहता है, जिससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। कई बच्चों को ठीक होने में 4-5 दिन लग जा रहे हैं।
वरिष्ठ होम्योपैथिक विशेषज्ञ डॉ. उमेश चंद्रा ने बताया कि बारिश और गर्मी के मौसम में चर्म रोग, पीलिया (जॉन्डिस) और जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सलाह दी कि लोग उबला हुआ पानी ही पिएं। कूलर का पानी सप्ताह में बदलें और मच्छरों से बचाव के लिए जरूरी उपाय अपनाएं। इससे मलेरिया और अन्य बीमारियों से बचा जा सकता है।
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वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार के मरीज बड़ी संख्या में आए। उन्होंने कहा कि इस मौसम में गर्म पानी का सेवन करें, मौसमी फल-सब्जियों का उपयोग बढ़ाएं और खुद से कोई इलाज न करें। डॉक्टरों ने आमजन से अपील की कि बारिश में साफ-सफाई, उबला पानी पीने और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। अस्पताल प्रशासन ने बढ़ते मरीजों को देखते हुए इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट पर रखा है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि बारिश के बाद बच्चों में पाचन तंत्र के संक्रमण और डायरिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी से संक्रमण का खतरा रहता है, जिससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। कई बच्चों को ठीक होने में 4-5 दिन लग जा रहे हैं।
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वरिष्ठ होम्योपैथिक विशेषज्ञ डॉ. उमेश चंद्रा ने बताया कि बारिश और गर्मी के मौसम में चर्म रोग, पीलिया (जॉन्डिस) और जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सलाह दी कि लोग उबला हुआ पानी ही पिएं। कूलर का पानी सप्ताह में बदलें और मच्छरों से बचाव के लिए जरूरी उपाय अपनाएं। इससे मलेरिया और अन्य बीमारियों से बचा जा सकता है।
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वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार के मरीज बड़ी संख्या में आए। उन्होंने कहा कि इस मौसम में गर्म पानी का सेवन करें, मौसमी फल-सब्जियों का उपयोग बढ़ाएं और खुद से कोई इलाज न करें। डॉक्टरों ने आमजन से अपील की कि बारिश में साफ-सफाई, उबला पानी पीने और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। अस्पताल प्रशासन ने बढ़ते मरीजों को देखते हुए इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट पर रखा है।