{"_id":"67b0d5366976a57117041d3b","slug":"implement-the-words-of-saintly-men-in-life-dhillon-khalilabad-news-c-209-1-kld1004-128627-2025-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"संत पुरुषों की वाणी को जीवन में उतारें : ढिल्लो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संत पुरुषों की वाणी को जीवन में उतारें : ढिल्लो
Sat, 15 Feb 2025 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 15 Feb 2025 11:26 PM IST
विज्ञापन
कबीर की समाधि व मजार का दर्शन करते राज्यसभा सदस्य शमशेर सिंह ढिल्लो।
संवाद न्यूज एजेंसी मगहर (संतकबीरनगर)। संत पुरुषों की वाणी को सुनकर, पढ़कर उसे अपने जीवन में उतारना चाहिए। संत पुरुष संत कबीर,गुरुनानक, रविदास, नामदेव और सेन भगत की वाणी का अनुसरण करने से ही समाज को एक नई दिशा मिल सकती है। सरदार बेअंत सिंह की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे पंजाब के पीसीसी कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य सरदार शमशेर सिंह ढिल्लो ने संतकबीर की समाधि और मजार का दर्शन करने के पश्चात शनिवार को कही।
उन्होंने कहा कि कबीर एवं रविदास की वाणी और विचारों में समानता देखी जाती है। कबीर और रविदास दोनों ही भक्त शिरोमणि संत हुए। जिन्होंने समाज में जातिवाद, संप्रदायवाद का जमकर विरोध किया था। किसी भी देश को प्रगति के पथ पर लाने के लिए समरसता की बात होनी चाहिए तभी देश का विकास हो सकता है। गुरु ग्रंथ में भी कबीर, रविदास, नामदेव, सेनभगत के वचन गुरुनानक देव की उदासियों में वर्णित हैं। जिनका अनुसरण करने से समाज की कुरीतियों को दूर किया जा सकता है। संत पुरुषों के स्थलों पर जाने से मन को आत्मिक शांति मिलती है।
उन्होंने पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी को धन्यवाद देते हुए कहा कि जिस तरह से संत कबीर, रविदास एवं डाॅ. आंबेडकर स्थानों के विकास की जो योजना चलाया है उसे पूरा करें। बसपा के संस्थापक एवं बाबा साहेब के सपनों को लेकर चलने वाले कांशीराम के भांजे सरदार रविंदर सिंह ने कहा कि दुनिया में कबीर और रविदास ऐसे संत हुए हैं जिन्होंने ने समाज में व्याप्त भेदभाव,ऊंचनीच और जाति पाती को मिटा कर एक सूत्र में बांधने का संदेश दिया था। उनके विचारों को हम सभी अपने जीवन उतारे तो जीवन सार्थक हो सकता है।संतों ने समाज को सही दिशा में ले जाने के लिए अपना जीवन लगा दिया। इस दौरान महंत विचारदास ने कबीर के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
विज्ञापन
इस मौके सरदार लखविंदर सिंह, सरदार जय सिंह छेबरा, डाॅ. हरिशरण शास्त्री, अरविंद दास शास्त्री, राजेश दास, पुजारी राम शरण दास, शांति दास, रोहित दास, विनोद दास, रामसेवक दास आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कबीर एवं रविदास की वाणी और विचारों में समानता देखी जाती है। कबीर और रविदास दोनों ही भक्त शिरोमणि संत हुए। जिन्होंने समाज में जातिवाद, संप्रदायवाद का जमकर विरोध किया था। किसी भी देश को प्रगति के पथ पर लाने के लिए समरसता की बात होनी चाहिए तभी देश का विकास हो सकता है। गुरु ग्रंथ में भी कबीर, रविदास, नामदेव, सेनभगत के वचन गुरुनानक देव की उदासियों में वर्णित हैं। जिनका अनुसरण करने से समाज की कुरीतियों को दूर किया जा सकता है। संत पुरुषों के स्थलों पर जाने से मन को आत्मिक शांति मिलती है।
विज्ञापन
उन्होंने पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी को धन्यवाद देते हुए कहा कि जिस तरह से संत कबीर, रविदास एवं डाॅ. आंबेडकर स्थानों के विकास की जो योजना चलाया है उसे पूरा करें। बसपा के संस्थापक एवं बाबा साहेब के सपनों को लेकर चलने वाले कांशीराम के भांजे सरदार रविंदर सिंह ने कहा कि दुनिया में कबीर और रविदास ऐसे संत हुए हैं जिन्होंने ने समाज में व्याप्त भेदभाव,ऊंचनीच और जाति पाती को मिटा कर एक सूत्र में बांधने का संदेश दिया था। उनके विचारों को हम सभी अपने जीवन उतारे तो जीवन सार्थक हो सकता है।संतों ने समाज को सही दिशा में ले जाने के लिए अपना जीवन लगा दिया। इस दौरान महंत विचारदास ने कबीर के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
विज्ञापन
इस मौके सरदार लखविंदर सिंह, सरदार जय सिंह छेबरा, डाॅ. हरिशरण शास्त्री, अरविंद दास शास्त्री, राजेश दास, पुजारी राम शरण दास, शांति दास, रोहित दास, विनोद दास, रामसेवक दास आदि लोग मौजूद रहे।