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हाईब्रिड धान बेचना है, तो ले जाना होगा बीज खरीद का रिकॉर्ड

Thu, 03 Nov 2022 10:18 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Nov 2022 10:18 PM IST
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If you want to sell hybrid paddy, then you have to take the record of seed purchase.
धनघटा में बंद पड़ा धान क्रय केंद्र। - फोटो : KHALILABAD
हाईब्रिड धान बेचना है, तो ले जाना होगा बीज खरीद का रिकॉर्ड
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एक नवंबर से खुले केंद्र, मगर शुरू नहीं हो पाई धान की खरीद
पिछले वर्ष की तुलना में कम खुले हैं क्रय केंद्र, आवक बढ़ी तो हो सकती है परेशानी
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। सरकारी क्रय केंद्र पर हाईब्रिड धान बेचने के लिए किसानों को बीज खरीद का रिकॉर्ड लेकर जाना होगा, अन्यथा की दशा में हाईब्रीड धान की खरीद नहीं होगी। वैसे क्रय केंद्र खुले तीन दिन बीत गए, लेकिन अभी धान की खरीद नहीं हो पाई है। इसके पीछे जिम्मेदारों का तर्क है कि बारिश और अतिवृष्टि की वजह से धान की मड़ाई अभी तक नहीं हो पाई है। दस नवंबर से धान की आवक शुरू होगी तो केंद्रों पर तेजी के साथ खरीद शुरू हो जाएगी।
पहली नवंबर से धान की खरीद किए जाने का शासन का निर्देश है। प्रशासन की ओर से धान खरीद के लिए 54 क्रय केंद्र खोले गए हैं। जिसमें से खाद्य विभाग के 15, पीसीएफ के 38 एवं भारतीय खाद्य निगम के एक क्रय केंद्र शामिल हैं। जिले में धान क्रय का लक्ष्य 98000.00 मीट्रिक टन निर्धारित है। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2040 रुपये प्रति क्विंतल एवं ग्रेड ए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2060 रुपये प्रति क्विंतल निर्धारित है। जिले में अभी तक 8184 किसानों ने पंजीकरण कराया है। आलम यह है कि अभी तक जिले में धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। पिछले वर्ष धान खरीद के लिए 81 क्रय केंद्र खोले गए थे। 9.50 लाख क्विंतल धान खरीद का लक्ष्य था। कुल 13,000 किसानों ने पंजीकरण कराया था। जबकि 11,500 किसानों ने 9.45 लाख क्विंतल धान की बिक्री की थी। पिछले वर्ष की तुलना में देखा जाए तो अभी तक क्रय केंद्रों की संख्या काफी कम है। यदि किसान जल्दी धान बेचने की सहूलियत चाहेंगे तो केंद्रों की कमी आड़े आ सकती है। भुगतान पीएफएमएस सिस्टम से होना है। धान खरीद के लिए केंद्रों की व्यवस्थाएं जांचने खुद डीएम प्रेम रंजन सिंह भी निकलना शुरू कर दिए हैं। उनके निरीक्षण में एक केंद्र पर यह बात सामने आई है कि केंद्र प्रभारी सिर्फ नंबर लगा रहे हैं, धान खरीद शुरू करने में सुस्ती दिख रही है। वैसे डीएम ने केंद्र प्रभारियों को आगाह किया है कि यदि केंद्र पर किसान धान बेचने आए तो उनका धान जरूर खरीदना शुरू करें, अन्यथा औचक जांच में यदि किसी तरह की गड़बड़ी मिली तो संबंधितों पर कार्रवाई होना तय है। संवाद
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शासन का निर्देश है कि हाईब्रिड धान बेचने के लिए किसानों को बीज खरीद का सर्टिफिकेट साथ लेकर केंद्र पर जाना होगा। इसमें बीज खरीद की रसीद, कैश मेमो आदि किसान साथ लेकर ही हाईब्रिड धान बेचने जाएं। किसान यह भी सुनिश्चित करें कि आधार कार्ड में जो मोबाइल नंबर फीड हो, वही मोबाइल नंबर बैंक खाता नंबर भी फीड हो। जिससे पीएफएमएस सिस्टम से रकम खाते में भेजी जाए सकें, अन्यथा रिजेक्ट ट्रांजक्शन की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। बारिश और अतिवृष्टि की वजह से धान की मड़ाई में विलंब होने से अभी तक धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। उम्मीद है कि दस नंबर से खरीद शुरू हो जाएगी। वैसे 1,200 किसानों को धान बेचने के लिए टोकन जारी किया जा चुका है।
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रूपेश सिंह, डिप्टी आरएमओ
जूम मीटिंग से डीएम जांचेंगे केंद्र प्रभारियों की उपस्थिति
डीएम प्रेम रंजन सिंह ने धान क्रय केंद्र प्रभारियों की उपस्थिति जांचने के लिए जूम मीटिंग का तरीका अख्तियार किया है। डीएम ने बृहस्पतिवार की देर शाम क्रय केंद्र प्रभारियों के साथ कलेक्ट्रेट में बैठक की। जिसमें शासन की प्राथमिकता के साथ खुद की कार्यशैली से परिचित कराया। डीएम ने डिप्टी आरएमओ रूपेश सिंह को निर्देश दिया कि सभी केंद्र प्रभारियों का मोबाइल नंबर इकट्ठा करके तत्काल व्हाट्सएप ग्रुप बनाए। शुक्रवार की सुबह नौ बजे जूम मीटिंग का लिंक भेजा जाएगा। लिंक से सभी केंद्र प्रभारी जुड़ेंगे और उनकी उपस्थिति भी उसी से जांची जाएंगी। यह काम नियमित होगा। ऐसे में केंद्र प्रभारी सुबह नौ बजे केंद्र पर पहुंचे और शाम पांच बजे तक उपस्थित रहें।
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