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Sant Kabir Nagar News: दहेज हत्या में पति को आठ साल की सजा, 15 हजार रुपये का जुर्माना
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संतकबीरनगर। दहेज हत्या के करीब नौ वर्ष पुराने मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए आठ वर्ष के सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस के ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत प्रभावी विवेचना और अभियोजन की पैरवी के बाद आया।
अभियोजन के अनुसार, दुधारा थाना क्षेत्र के मीरापुर निवासी रिंकू चौहान के खिलाफ 28 सितंबर 2017 को दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोप था कि उसने दहेज की मांग को लेकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी। मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद ने साक्ष्यों के आधार पर पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को धारा 498ए और 304बी भारतीय दंड संहिता और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत दोषी करार दिया।
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न्यायालय ने धारा 304बी के तहत आठ वर्ष के सश्रम कारावास, धारा 498ए के तहत तीन वर्ष के कारावास एवं 10 हजार रुपये के अर्थदंड और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत दो वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं नियमानुसार साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड जमा न करने पर एक माह अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
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अभियोजन के अनुसार, दुधारा थाना क्षेत्र के मीरापुर निवासी रिंकू चौहान के खिलाफ 28 सितंबर 2017 को दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोप था कि उसने दहेज की मांग को लेकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी। मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद ने साक्ष्यों के आधार पर पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को धारा 498ए और 304बी भारतीय दंड संहिता और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत दोषी करार दिया।
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न्यायालय ने धारा 304बी के तहत आठ वर्ष के सश्रम कारावास, धारा 498ए के तहत तीन वर्ष के कारावास एवं 10 हजार रुपये के अर्थदंड और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत दो वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं नियमानुसार साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड जमा न करने पर एक माह अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।