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Sant Kabir Nagar News: सेहुड़ा में 230 लोगों को बांटा घरौनी प्रमाणपत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। ब्लाॅक के सेहुड़ा गांव के पंचायत भवन में ग्राम प्रधान अफजाल अहमद की मौजूदगी में लेखपाल व ग्राम सचिव ने स्वामित्व योजना के तहत 230 लोगों में घरौनी प्रमाणपत्र वितरित किया। प्रमाणपत्र पाकर लोगों ने खुशी जाहिर की।
लेखपाल संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रदेश सरकार डिजिटल माध्यम से ग्रामीणों को उनके आवास का मालिकाना हक दिलाने के लिए ग्रामीण आवासीय अभिलेख ( घरौनी प्रमाणपत्र) दे रही है। सरकार का मानना है कि घरौनी मिलने से गांवों में संपत्ति विवादों में कमी आएगी। ग्रामीणों को आवास बनाने के लिए बैंक से ऋण मिलने की राह आसान होगी। सरकार ने जमीन के विवादों को दूर करने के लिए, गांवों में रहने वाले सभी परिवारों को घरौनी प्रमाणपत्र देना शुरू किया है। घरौनी प्रमाणपत्र, ग्रामीण आवासी अधिकार अभिलेख होता है। यह प्रमाणपत्र, ग्रामीणों को मालिकाना हक देता है।
इसके जरिये, ग्रामीण बैंकों से लोन भी लिया जा सकता है। घरौनी प्रमाणपत्र पाने के लिए, गांवों का सर्वे किया जाता है, और फिर घरों का स्वामित्व तय किया जाता है। इसके बाद उस व्यक्ति के नाम पर दस्तावेज तैयार किए जाते हैं।
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ग्राम पंचायत सचिव योगेंद्र कुमार गौड़, रोजगार सेवक चंदशेखर, पंचायत सहायक शाजिया परवीन, शब्बीर अहमद, आस मोहम्मद, मसीहुद्दीन आदि मौजूद रहे।
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सेमरियावां। ब्लाॅक के सेहुड़ा गांव के पंचायत भवन में ग्राम प्रधान अफजाल अहमद की मौजूदगी में लेखपाल व ग्राम सचिव ने स्वामित्व योजना के तहत 230 लोगों में घरौनी प्रमाणपत्र वितरित किया। प्रमाणपत्र पाकर लोगों ने खुशी जाहिर की।
लेखपाल संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रदेश सरकार डिजिटल माध्यम से ग्रामीणों को उनके आवास का मालिकाना हक दिलाने के लिए ग्रामीण आवासीय अभिलेख ( घरौनी प्रमाणपत्र) दे रही है। सरकार का मानना है कि घरौनी मिलने से गांवों में संपत्ति विवादों में कमी आएगी। ग्रामीणों को आवास बनाने के लिए बैंक से ऋण मिलने की राह आसान होगी। सरकार ने जमीन के विवादों को दूर करने के लिए, गांवों में रहने वाले सभी परिवारों को घरौनी प्रमाणपत्र देना शुरू किया है। घरौनी प्रमाणपत्र, ग्रामीण आवासी अधिकार अभिलेख होता है। यह प्रमाणपत्र, ग्रामीणों को मालिकाना हक देता है।
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इसके जरिये, ग्रामीण बैंकों से लोन भी लिया जा सकता है। घरौनी प्रमाणपत्र पाने के लिए, गांवों का सर्वे किया जाता है, और फिर घरों का स्वामित्व तय किया जाता है। इसके बाद उस व्यक्ति के नाम पर दस्तावेज तैयार किए जाते हैं।
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ग्राम पंचायत सचिव योगेंद्र कुमार गौड़, रोजगार सेवक चंदशेखर, पंचायत सहायक शाजिया परवीन, शब्बीर अहमद, आस मोहम्मद, मसीहुद्दीन आदि मौजूद रहे।