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Sant Kabir Nagar News: ग्राम प्रधानों का मानदेय रुका आंदोलन की दी चेतावनी
Tue, 28 Jul 2026 11:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 28 Jul 2026 11:44 PM IST
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सेमरियावां। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर न होने के कारण प्रशासक बनाए गए सेमरियावां ब्लाॅक के 113 निवर्तमान ग्राम प्रधानों का पांच हजार रुपये मासिक मानदेय बंद हो गया है। असामयिक निधन पर कल्याण कोष से मिलने वाली 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता पर भी फिलहाल संकट खड़ा हो गया है।
राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन ने पंचायती राज विभाग को पत्र भेजकर दोनों सुविधाएं तत्काल बहाल करने की मांग की है। सेमरियावां ब्लाॅक के प्रधान संघ अध्यक्ष मु. इनामुल्लाह कुरैशी ने बताया कि 26 मई से निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद पंचायती राज विभाग की ओर से अभी तक मानदेय और कल्याण कोष से मिलने वाली सहायता के संबंध में कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि पंचायत चुनाव समय पर न होना ग्राम प्रधानों की गलती नहीं है। ऐसे में जब उनसे प्रशासक के रूप में काम लिया जा रहा है तो उन्हें पहले की तरह मानदेय और अन्य सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।
बताया कि प्रदेश संगठन की ओर से पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित सिंह को इस संबंध में पत्र भेजकर मांग की गई है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने तक प्रशासक के रूप में कार्यरत सभी ग्राम प्रधानों को पांच हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाए। कल्याण कोष से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी मिलती रहे। चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो अगस्त के पहले सप्ताह में ग्राम प्रधान आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन ने पंचायती राज विभाग को पत्र भेजकर दोनों सुविधाएं तत्काल बहाल करने की मांग की है। सेमरियावां ब्लाॅक के प्रधान संघ अध्यक्ष मु. इनामुल्लाह कुरैशी ने बताया कि 26 मई से निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद पंचायती राज विभाग की ओर से अभी तक मानदेय और कल्याण कोष से मिलने वाली सहायता के संबंध में कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि पंचायत चुनाव समय पर न होना ग्राम प्रधानों की गलती नहीं है। ऐसे में जब उनसे प्रशासक के रूप में काम लिया जा रहा है तो उन्हें पहले की तरह मानदेय और अन्य सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।
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बताया कि प्रदेश संगठन की ओर से पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित सिंह को इस संबंध में पत्र भेजकर मांग की गई है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने तक प्रशासक के रूप में कार्यरत सभी ग्राम प्रधानों को पांच हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाए। कल्याण कोष से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी मिलती रहे। चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो अगस्त के पहले सप्ताह में ग्राम प्रधान आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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