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Sant Kabir Nagar News: दूसरे में गई स्वास्थ्य विभाग की योजना, लटका भुगतान
Tue, 25 Jun 2024 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 25 Jun 2024 01:47 AM IST
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- प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के ढाई हजार लाभार्थी परेशान
- तीन माह से नए आवेदन नहीं हो रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पीएम मातृत्व वंदन योजना स्वास्थ्य विभाग से अब महिला एवं बाल विकास विभाग में हस्तांतरित हो गया है। स्वास्थ्य विभाग से दूसरे विभाग में योजना चले जाने के बाद लाभार्थी परेशान हैं। हालत यह है कि करीब तीन माह से नए आवेदन नहीं हो रहे है। नवंबर 2023 से लाभार्थियों का भुगतान लटका है। इससे करीब ढाई हजार लाभार्थी चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
सरकार ने गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण देने के लिए वर्ष 2017-18 में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शुरू की थी। पहले इस योजना में पहली संतान पर लाभ देने का प्रावधान था, लेकिन साल 2023 में योजना का विस्तार कर दिया गया। इस साल मार्च में इस योजना में फिर से बदलाव कर दिया गया। अब स्वास्थ्य विभाग से लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग को संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग बदलने के बाद योजना से जुड़ा पोर्टल भी काम नहीं कर रहा है। इससे नए आवेदन नहीं हो पा रहे हैं। करीब ढाई हजार पुराने भुगतान लटक गए हैं।
पीएम मातृ वंदना योजना के जिला समन्वयक सुमन शुक्ला ने बताया कि यह योजना अब बाल विकास विभाग के पास चली गई है। वहां पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इसे संभालेंगी, जब तक यह योजना स्वास्थ्य विभाग के पास थी तो आशा कार्यकर्ता इसे देखती थीं।
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ऐसे मिलता है योजना का लाभ
पीएम मातृ वंदना योजना के तहत पहली संतान होने पर दो किस्तों में पांच हजार रुपये दिए जाते हैं। दूसरी संतान बालिका होने पर एक किस्त में छह हजार रुपये दिए जाते हैं। इस योजना में हर माह 600 से 700 आवेदन आते हैं।
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केस एक
- शहर के विधियानी निवासी संजय ने बताया कि पत्नी को दिसंबर 2023 में बेटा हुआ। अभी तक पीएम मातृ वंदन योजना का लाभ नहीं मिला। अब सीएमओ कार्यालय व डीपीओ ऑफिस से संपर्क करने को कहता है।
केस दो
- मिश्रौलिया निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि नवंबर 2023 में पत्नी का प्रसव हुआ था। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है। अब डीपीओ कार्यालय पर जाने के लिए कहा जाता है।
योजना के लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने का कार्य शुरू होगा, इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सीडीपीओ का प्रशिक्षण शुरू किया गया है, जिससे जल्द से जल्द योजना का लाभ लाभार्थी को दिया जा सके।
- सतेंद्र सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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- तीन माह से नए आवेदन नहीं हो रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पीएम मातृत्व वंदन योजना स्वास्थ्य विभाग से अब महिला एवं बाल विकास विभाग में हस्तांतरित हो गया है। स्वास्थ्य विभाग से दूसरे विभाग में योजना चले जाने के बाद लाभार्थी परेशान हैं। हालत यह है कि करीब तीन माह से नए आवेदन नहीं हो रहे है। नवंबर 2023 से लाभार्थियों का भुगतान लटका है। इससे करीब ढाई हजार लाभार्थी चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
सरकार ने गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण देने के लिए वर्ष 2017-18 में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शुरू की थी। पहले इस योजना में पहली संतान पर लाभ देने का प्रावधान था, लेकिन साल 2023 में योजना का विस्तार कर दिया गया। इस साल मार्च में इस योजना में फिर से बदलाव कर दिया गया। अब स्वास्थ्य विभाग से लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग को संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग बदलने के बाद योजना से जुड़ा पोर्टल भी काम नहीं कर रहा है। इससे नए आवेदन नहीं हो पा रहे हैं। करीब ढाई हजार पुराने भुगतान लटक गए हैं।
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पीएम मातृ वंदना योजना के जिला समन्वयक सुमन शुक्ला ने बताया कि यह योजना अब बाल विकास विभाग के पास चली गई है। वहां पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इसे संभालेंगी, जब तक यह योजना स्वास्थ्य विभाग के पास थी तो आशा कार्यकर्ता इसे देखती थीं।
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ऐसे मिलता है योजना का लाभ
पीएम मातृ वंदना योजना के तहत पहली संतान होने पर दो किस्तों में पांच हजार रुपये दिए जाते हैं। दूसरी संतान बालिका होने पर एक किस्त में छह हजार रुपये दिए जाते हैं। इस योजना में हर माह 600 से 700 आवेदन आते हैं।
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केस एक
- शहर के विधियानी निवासी संजय ने बताया कि पत्नी को दिसंबर 2023 में बेटा हुआ। अभी तक पीएम मातृ वंदन योजना का लाभ नहीं मिला। अब सीएमओ कार्यालय व डीपीओ ऑफिस से संपर्क करने को कहता है।
केस दो
- मिश्रौलिया निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि नवंबर 2023 में पत्नी का प्रसव हुआ था। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है। अब डीपीओ कार्यालय पर जाने के लिए कहा जाता है।
योजना के लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने का कार्य शुरू होगा, इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सीडीपीओ का प्रशिक्षण शुरू किया गया है, जिससे जल्द से जल्द योजना का लाभ लाभार्थी को दिया जा सके।
- सतेंद्र सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी