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Sant Kabir Nagar News: शोपीस बनकर रह गई हेल्थ एटीएम...मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ
Mon, 19 Aug 2024 10:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 19 Aug 2024 10:55 PM IST
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- एक साल पहले जिले की सीएचसी-पीएचसी को नौ हेल्थ एटीएम मिले
- एक हेल्थ मशीन की कीमत करीब पांच लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में एक साल पहले नौ हेल्थ एटीएम आए थे, जिनका उद्घाटन भी हुआ था, लेकिन उसके बाद संचालन नहीं हुआ। ये हेल्थ एटीएम अस्पताल के कमरे में शोपीस बनकर रह गए हैं। मशीनें कबाड़ हो रही हैं, इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
सीएचसी खलीलाबाद, सीएचसी मेंहदावल, पीएचसी बघौली और रोसया बाजार, सीएचसी सेमरियावां समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल नौ हेल्थ एटीएम एक साल पूर्व आए थे। इन हेल्थ एटीएम मशीन को अस्पतालों पर लगाया गया ताकि मरीजों की विभिन्न प्रकार की जांच हो और तत्काल रिपोर्ट मिल सके।
इस मशीन से शुगर, बीपी, टायफाइड, मलेरिया समेत अन्य जांच की सुविधा मिलनी थी लेकिन मशीन चालू नहीं हो हुई। बताया जा रहा है कि एक हेल्थ मशीन की कीमत करीब पांच लाख रुपये है। यह मशीन अस्पताल के कमरे में बंद है। यही नहीं इन मशीनों को चलाने के लिए कोई टेक्नीशियन भी नहीं हैं। साथ ही अभी तक मशीन इंस्टाल तक नहीं हो सका है।
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सीएचसी खलीलाबाद पर कमरे में बंद पड़ी मशीन के पार्ट भी खुल गए हैं। अगर यही हाल रहा तो जल्द ही मशीन कबाड़ हो जाएगी। सीएचसी पर आए देवेंद्र, लक्ष्मण आदि ने बताया कि अगर हेल्थ एटीएम चलता तो तत्काल जांच रिपोर्ट मिल जाती है। विभाग को इसे सही कराना चाहिए।
हेल्थ एटीएम क्यों नहीं चल रहा है, इसकी जानकारी कराई जाएगी, सभी जगहों से रिपोर्ट ली जाएगी। उसे सही कराकर चालू कराया जाएगा ताकि मरीजाें को इसका लाभ मिल सके।
- डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ
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- एक हेल्थ मशीन की कीमत करीब पांच लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में एक साल पहले नौ हेल्थ एटीएम आए थे, जिनका उद्घाटन भी हुआ था, लेकिन उसके बाद संचालन नहीं हुआ। ये हेल्थ एटीएम अस्पताल के कमरे में शोपीस बनकर रह गए हैं। मशीनें कबाड़ हो रही हैं, इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
सीएचसी खलीलाबाद, सीएचसी मेंहदावल, पीएचसी बघौली और रोसया बाजार, सीएचसी सेमरियावां समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल नौ हेल्थ एटीएम एक साल पूर्व आए थे। इन हेल्थ एटीएम मशीन को अस्पतालों पर लगाया गया ताकि मरीजों की विभिन्न प्रकार की जांच हो और तत्काल रिपोर्ट मिल सके।
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इस मशीन से शुगर, बीपी, टायफाइड, मलेरिया समेत अन्य जांच की सुविधा मिलनी थी लेकिन मशीन चालू नहीं हो हुई। बताया जा रहा है कि एक हेल्थ मशीन की कीमत करीब पांच लाख रुपये है। यह मशीन अस्पताल के कमरे में बंद है। यही नहीं इन मशीनों को चलाने के लिए कोई टेक्नीशियन भी नहीं हैं। साथ ही अभी तक मशीन इंस्टाल तक नहीं हो सका है।
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सीएचसी खलीलाबाद पर कमरे में बंद पड़ी मशीन के पार्ट भी खुल गए हैं। अगर यही हाल रहा तो जल्द ही मशीन कबाड़ हो जाएगी। सीएचसी पर आए देवेंद्र, लक्ष्मण आदि ने बताया कि अगर हेल्थ एटीएम चलता तो तत्काल जांच रिपोर्ट मिल जाती है। विभाग को इसे सही कराना चाहिए।
हेल्थ एटीएम क्यों नहीं चल रहा है, इसकी जानकारी कराई जाएगी, सभी जगहों से रिपोर्ट ली जाएगी। उसे सही कराकर चालू कराया जाएगा ताकि मरीजाें को इसका लाभ मिल सके।
- डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ