{"_id":"62d8566181d82c3ca23c7f12","slug":"headmaster-s-suspension-order-withdrawn-khalilabad-news-gkp444385170","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानाध्यापिका का निलंबन आदेश वापस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानाध्यापिका का निलंबन आदेश वापस
विज्ञापन
प्रधानाध्यापिका का निलंबन आदेश वापस
शिकायतकर्ता के पत्र की जांच बीईओ नाथनगर को सौंपी गई
संतकबीरनगर। प्रधानाध्यापिका को निलंबित करना बीएसए को महंगा पड़ा। बीएसए ने एक घंटे में ही निलंबन आदेश निरस्त कर दिया।
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम को बीएसए ने बसहिया गायघाट निवासी चंद्रिका प्रसाद की शिकायत पर संविलियन विद्यालय बसहिया नाथनगर की प्रधानाध्यापिका बसंती देवी को निलंबित कर दिया था। शिकायतकर्ता का कहना था कि उनकी शादी बसंती देवी से हिंदू धर्म व रीति रिवाज के साथ हुई है। बसंती देवी राजकीय सेवा में हैं। दोनों का रिश्ता कायम है। फिर भी उन्होंने पुनर्विवाह कर लिया है।
बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि प्रधानाध्यापिका को निलंबित किया गया था। जांच के लिए बीईओ बघौली को जिम्मेदारी दी गई थी। बीईओ ने जांच में असमर्थता जताई है। प्रधानाध्यापिका ने अपने पक्ष में पहले ही प्रत्यावेदन दिया था। इस वजह से निलंबन आदेश निरस्त करना पड़ा। शिकायतकर्ता के पत्र की जांच के लिए बीईओ नाथनगर को जिम्मेदारी दी गई है। 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता के पत्र की जांच बीईओ नाथनगर को सौंपी गई
संतकबीरनगर। प्रधानाध्यापिका को निलंबित करना बीएसए को महंगा पड़ा। बीएसए ने एक घंटे में ही निलंबन आदेश निरस्त कर दिया।
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम को बीएसए ने बसहिया गायघाट निवासी चंद्रिका प्रसाद की शिकायत पर संविलियन विद्यालय बसहिया नाथनगर की प्रधानाध्यापिका बसंती देवी को निलंबित कर दिया था। शिकायतकर्ता का कहना था कि उनकी शादी बसंती देवी से हिंदू धर्म व रीति रिवाज के साथ हुई है। बसंती देवी राजकीय सेवा में हैं। दोनों का रिश्ता कायम है। फिर भी उन्होंने पुनर्विवाह कर लिया है।
बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि प्रधानाध्यापिका को निलंबित किया गया था। जांच के लिए बीईओ बघौली को जिम्मेदारी दी गई थी। बीईओ ने जांच में असमर्थता जताई है। प्रधानाध्यापिका ने अपने पक्ष में पहले ही प्रत्यावेदन दिया था। इस वजह से निलंबन आदेश निरस्त करना पड़ा। शिकायतकर्ता के पत्र की जांच के लिए बीईओ नाथनगर को जिम्मेदारी दी गई है। 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन