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हेडिंग: चार गांवों में पानी घुसा, 32 गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

Tue, 18 Aug 2026 11:42 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:42 PM IST
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Heading: Water enters four villages; flood threat looms over 32 villages.
प्राथमिक विद्यालय चपरा पूर्वी के केवटहिया टोला के प्राथमिक विद्यालय परिसर में भरा बाढ़ का पानी।
धनघटा/ मेंहदावल। जिले में नदियों के बढ़ते जल स्तर ने बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। मेंहदावल में 24 घंटे में 29 सेमी राप्ती का पानी बढ़ा है। धनघटा में सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़कर मंगलवार को खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। शाम चार बजे नदी का जलस्तर 79.400 मीटर के सापेक्ष 79.150 मीटर पर पहुंचने से चार गांव चकदहा, ढोलबजा, भौवापार, गायघाट दक्षिणी में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। जलस्तर तेजी से बढ़ने से एमबीडी बांध और नदी के मध्य बसे 32 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
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बाढ़ की आशंका को देखते हुए राजस्व विभाग सक्रिय हो गया है। तहसीलदार ने लेखपालों को निर्देश दिया है कि जहां नाव की आवश्यकता हो, वहां तत्काल नाव की व्यवस्था कराई जाए। ग्रामीणों के मुताबिक अभी नाव की जरूरत नहीं है लेकिन जलस्तर बढ़ा तो बुधवार से नाव की जरूरत पड़ सकती है। नदी का पानी बढ़ने से एमबीडी बांध पर भी दबाव बढ़ गया है। जगदीशपुर गांव के पास सिंचाई विभाग बांध की मरम्मत करा रहा है। वहीं ढोलबजा गांव के पास मिट्टी और बालू से बने छोटे बांध को तोड़कर नदी का पानी गांव की ओर बढ़ रहा है।
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विद्यालय परिसर में भरा पानी, पलायन का डर भी बढ़ा
बाढ़ का असर शिक्षण संस्थानों तक भी पहुंच गया है। प्राथमिक विद्यालय सियरकला, चपरा पूर्वी के लोनियान टोला परिसर में पानी भर गया है। पानी भरने के कारण विद्यालय बंद कर दिया गया है। प्रधानाध्यापिका इंदु वर्मा ने बताया कि परिसर में बाढ़ का पानी भर जाने से विद्यालय संचालित करना संभव नहीं है। ग्राम प्रधान बालेंद्र कुमार, लालचंद, बांकेलाल, हेमंत कुमार, सोमनाथ, राम शंकर आदि का कहना है कि यदि इसी तरह नदी का पानी बढ़ा तो गांव से पलायन करना मजबूरी हो जाएगी। दियारा क्षेत्र में बोई गई फसल डूबने लगी है।
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मेंहदावल में भी दिख रहा असर, अति संवेदनशील कटान स्थलों की निगरानी बढ़ाई
दूसरी ओर मेंहदावल क्षेत्र में राप्ती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को राप्ती का जलस्तर शाम 5:00 बजे 76.36 मीटर था जबकि मंगलवार को शाम 5:00 बजे नदी का जलस्तर 76.65 मीटर पर पहुंच गया। विभागीय अधिकारी जलस्तर तथा बांध की लगातार निगरानी कर रहे हैं। बिशनपुर में एप्रन स्लोप आदि का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अति संवेदनशील कटान स्थल बेलौली, नौगो जोरव विशुनपुर पर बोल्डर पीचिंग का काम पूर्व में कराया गया है। इसके कारण कटान की संभावना नहीं है। फिर भी विभागीय अधिकारी अति संवेदनशील कटान स्थलों की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
बिड़हर में अंतिम संस्कार घाट तक पहुंचा पानी, परेशानी
संतकबीरनगर। सरयू के बिड़हर घाट पर जहां दाह संस्कार होता है, वहां तक पानी पहुंचने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। धनघटा में बहने वाली सरयू का जलस्तर मंगलवार की सुबह तेजी से बढ़ने के कारण दियारा के लोग फिर बाढ़ की आशंका से डरे हुए हैं। ढोलबजा गांव में पिछली बार की तरह इस बार भी कटान होने की चिंता ग्रामीणों को हो रही है। सरयू के बढ़ते जलस्तर के चलते स्थिति भयावह बनी हुई है।

वर्जन
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तटबंध पर कोई दबाव नहीं है
नदी का जलस्तर मंगलवार को बढ़ा है पर धीमी गति से। जलस्तर का कोई दबाव तटबंध पर नहीं पड़ रहा है। गोरखपुर के रिगौली व सिद्धार्थनगर में जल स्तर कम होने की सूचना है। ऐसे में यहां भी जलस्तर में गिरावट आएगी।

-मनीष राय, सहायक अभियंता

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बाढ़ की आशंका को देखते हुए तैयारियां पूरी
नदी का पानी तो बढ़ रहा है लेकिन अभी तक कहीं पर आबादी प्रभावित नहीं हुई है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए शेष तैयारियां पूर्ण हैं।
-रामजी, तहसीलदार
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