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बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना : 21 युवाओं को मिलेगा अनुदान
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बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना : 21 युवाओं को मिलेगा अनुदान
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना के तहत 21 लाभार्थियों को अनुदान दिया जाएगा। इसकी तैयारी में ग्राम्य विकास विभाग जुटा हुआ है। मार्च के अंत इन लाभार्थियों को अनुदान की रकम मिल जाएगी।
डीडीओ सुदामा प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2019 में बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना संचालित की गई थी। इस योजना में ऐसे युवाओं को रोजगार के लिए बैंकों से ऋण/ अनुदान दिया जाता है, जो किसी अन्य सरकारी योजनाओं से बैंक से ऋण /अनुदान नहीं लिए हो। इसमें अधिकतम पांच लाख का ऋण दिया जाता है। अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को दो लाख तक ऋण लेने पर अधिकतम 70 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। जबकि सामान्य वर्ग के लिए दो लाख तक का ऋण लिए जाने पर अधिकतम 50 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाता है। ढाई लाख से ऊपर का ऋण लेने पर अनुसूचित जाति के लाभार्थी को पांच प्रतिशत मार्जिन मनी जमा करनी होती है। जबकि सामान्य वर्ग के लाभार्थी को 7 .5 प्रतिशत मार्जिन मनी जमा करने का नियम है। अधिकतम तीन साल में ऋण की रकम बैंक को लौटानी होती है। इसके अलावा इस धनराशि पर अनुदान भी दिया जाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना के तहत 21 लाभार्थियों को अनुदान दिया जाएगा। इसकी तैयारी में ग्राम्य विकास विभाग जुटा हुआ है। मार्च के अंत इन लाभार्थियों को अनुदान की रकम मिल जाएगी।
डीडीओ सुदामा प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2019 में बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना संचालित की गई थी। इस योजना में ऐसे युवाओं को रोजगार के लिए बैंकों से ऋण/ अनुदान दिया जाता है, जो किसी अन्य सरकारी योजनाओं से बैंक से ऋण /अनुदान नहीं लिए हो। इसमें अधिकतम पांच लाख का ऋण दिया जाता है। अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को दो लाख तक ऋण लेने पर अधिकतम 70 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। जबकि सामान्य वर्ग के लिए दो लाख तक का ऋण लिए जाने पर अधिकतम 50 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाता है। ढाई लाख से ऊपर का ऋण लेने पर अनुसूचित जाति के लाभार्थी को पांच प्रतिशत मार्जिन मनी जमा करनी होती है। जबकि सामान्य वर्ग के लाभार्थी को 7 .5 प्रतिशत मार्जिन मनी जमा करने का नियम है। अधिकतम तीन साल में ऋण की रकम बैंक को लौटानी होती है। इसके अलावा इस धनराशि पर अनुदान भी दिया जाता है।
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