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संतकबीरनगर: खतरा के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर पहुंची घाघरा, जलस्तर बढ़ने से बर्बाद हुईं फसलें
Fri, 14 Oct 2022 04:01 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 14 Oct 2022 04:01 PM IST
सार
घाघरा की बाढ़ से धनघटा तहसील के 24 गांव चार दिनों से चारों तरफ से घिरे हुए हैं। बुधवार और बृहस्पतिवार को नदी का पानी तेजी के साथ बढ़ा तो लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। सबसे बड़ी समस्या लोगों को रहने और खाने की हो गई है। जिंदगी बचाने के लिए पानी से निकलकर लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंच रहे हैं।
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धनघटा तहसील क्षेत्र में बढ़ रहा घाघरा नदी का जलस्तर।
- फोटो : KHALILABAD
विस्तार
घाघरा नदी का जलस्तर बढ़कर बृहस्पतिवार को खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। नदी खतरे के निशान को 79.850 मीटर को पार करते हुए 79. 900 मीटर पर पहुंच गई है, जो खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर है। नदी का पानी ऊपर पहुंचने पर एमबीडी बांध और नदी के बीच बसे गांव में तबाही मच गई। इससे घर को छोड़कर पलायन करना लोगों की मजबूरी हो गई है।
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घाघरा की बाढ़ से धनघटा तहसील के 24 गांव चार दिनों से चारों तरफ से घिरे हुए हैं। बुधवार और बृहस्पतिवार को नदी का पानी तेजी के साथ बढ़ा तो लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। सबसे बड़ी समस्या लोगों को रहने और खाने की हो गई है। जिंदगी बचाने के लिए पानी से निकलकर लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंच रहे हैं। नारायणपुर, कुर्मियान टोला, आगापुर गुलरिहा, खाले पुरवा से लेकर पूर्व में गायघाट दक्षिणी गांव तक बाढ़ के पानी से फसलें जलमग्न हैं।
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किसान जयराम, रामचंद्र, रामनिवास, भागीरथी और जयप्रकाश आदि का कहना है कि इस साल धान की फसल बहुत अच्छी थी। फसल पककर तैयार होने के कगार पर पहुंच चुकी थी, लेकिन अंतिम समय में आई बाढ़ ने फसल को नष्ट कर दिया। पीड़ितों का कहना है कि खेत में जो फसल थी, वह सड़ रही है। बाढ़ के कारण चारों तरफ तबाही मची हुई है। बुजुर्ग बताते हैं कि इस तरह की बाढ़ वर्ष 1983 से आज तक नहीं आई थी। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद ने बताया कि घाघरा बिड़हर घाट पर खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि बंधे की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
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