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घाघरा नदी ने फिर शुरू की कटान, 50 से अधिक घरों पर खतरा
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गायघाट दक्षिणी गांव के पास कटान करती घाघरा नदी।
- फोटो : KHALILABAD
घाघरा नदी ने फिर शुरू की कटान, 50 से अधिक घरों पर खतरा
गायघाट दक्षिणी गांव के लोगों में दहशत
संतकबीरनगर/धनघटा। घाघरा नदी की कटान मंगलवार शाम से फिर शुरू हो गई। इससे गायघाट दक्षिणी गांव के लोग दहशत में आ गए हैं। 50 से अधिक घरों पर खतरा मंडराने लगा है।
एमबीडी बांध और घाघरा नदी के मध्य बसे गायघाट दक्षिणी तीन वर्षों से घाघरा नदी की कटान की चपेट में है। वर्ष 2020 में 14 लोगों के घर नदी की धारा में समाहित हो गए थे। तभी से इनके परिवार के सदस्य खानाबदोश की जिंदगी जी रहे हैं। वर्ष 2021 में बाढ़ और कटान से 34 परिवार बेघर हो गए। प्रशासन बाढ़ व कटान प्रभावित सभी लोगों को अब तक जमीन उपलब्ध नहीं करा पाया है।
इस वर्ष भी नदी की कटान से नौ परिवार बेघर होकर सरकारी मदद की बांट जोह रहे हैं। ग्राम प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू का कहना है कि नदी की कटान की जद में 50 से अधिक लोगों के घर हैं। कुछ दिनों पहलेे कटान थम गई थी तो लोगों ने राहत की सांस ली थी। मंगलवार रात से नदी ने फिर कटान शुरू कर दी। यहां पर 11 लोगों के घर नदी के बिल्कुल करीब हैं। यदि दो से पांच मीटर नदी और कटान करती है तो इनके घर नदी की धारा में समाहित हो जाएंगे।
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तहसीलदार रत्नेश तिवारी का कहना है कि वर्ष 2020 में जिन लोगों के घर नदी की धारा में विलीन हो गए थे उन्हें बहराडाडी में बसने के लिए जमीन आवंटित की जा चुकी है। शेष लोगों के लिए सुरक्षित स्थान पर जमीन चिह्नित की जा रही है। जल्द ही इन्हें भी बसा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कटान रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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गायघाट दक्षिणी गांव के लोगों में दहशत
संतकबीरनगर/धनघटा। घाघरा नदी की कटान मंगलवार शाम से फिर शुरू हो गई। इससे गायघाट दक्षिणी गांव के लोग दहशत में आ गए हैं। 50 से अधिक घरों पर खतरा मंडराने लगा है।
एमबीडी बांध और घाघरा नदी के मध्य बसे गायघाट दक्षिणी तीन वर्षों से घाघरा नदी की कटान की चपेट में है। वर्ष 2020 में 14 लोगों के घर नदी की धारा में समाहित हो गए थे। तभी से इनके परिवार के सदस्य खानाबदोश की जिंदगी जी रहे हैं। वर्ष 2021 में बाढ़ और कटान से 34 परिवार बेघर हो गए। प्रशासन बाढ़ व कटान प्रभावित सभी लोगों को अब तक जमीन उपलब्ध नहीं करा पाया है।
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इस वर्ष भी नदी की कटान से नौ परिवार बेघर होकर सरकारी मदद की बांट जोह रहे हैं। ग्राम प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू का कहना है कि नदी की कटान की जद में 50 से अधिक लोगों के घर हैं। कुछ दिनों पहलेे कटान थम गई थी तो लोगों ने राहत की सांस ली थी। मंगलवार रात से नदी ने फिर कटान शुरू कर दी। यहां पर 11 लोगों के घर नदी के बिल्कुल करीब हैं। यदि दो से पांच मीटर नदी और कटान करती है तो इनके घर नदी की धारा में समाहित हो जाएंगे।
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तहसीलदार रत्नेश तिवारी का कहना है कि वर्ष 2020 में जिन लोगों के घर नदी की धारा में विलीन हो गए थे उन्हें बहराडाडी में बसने के लिए जमीन आवंटित की जा चुकी है। शेष लोगों के लिए सुरक्षित स्थान पर जमीन चिह्नित की जा रही है। जल्द ही इन्हें भी बसा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कटान रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।