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थामे नहीं थम रही कटान, प्रयास जारी
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धनघटा में कटान करती घाघरा नदी। संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। एमबीडी बांध को क्षतिग्रस्त करने के बाद बुधवार को भी घाघरा नदी की कटान लगातार जारी है। कटान रोकने के लिए और नदी को बांध से दूर करने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा बोल्डर और बालू भरी बोरी कटान स्थल पर डाली जा रही है। बावजूद इसके अपेक्षा के अनुसार सफलता नहीं मिल रही है।
बता दें कि घाघरा नदी एमबीडी बांध से दूर जब कटान कर रही थी तभी से कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग बोरी का प्रयोग कर रहा था, लेकिन बालू की दीवार की तरह खड़ी की गई बोरी को अपने में समाहित करते हुए नदी एमबीडी बांध से जाकर सट गई। मंगलवार शाम नदी की कटान अचानक इतना तेज हुई, जिससे करीब तीन मीटर की चौड़ाई में बांध क्षतिग्रस्त हो गया। कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा तत्काल पोकलैंड से मिट्टी और बोल्डर नदी में डाले जाने जाने लगे। बांध तो किसी तरह बच गया, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है। नदी की कटान अब भी जारी है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र का कहना है कि बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। बांध के बचाव में दिन रात कार्य चल रहा है।
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धनघटा। एमबीडी बांध को क्षतिग्रस्त करने के बाद बुधवार को भी घाघरा नदी की कटान लगातार जारी है। कटान रोकने के लिए और नदी को बांध से दूर करने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा बोल्डर और बालू भरी बोरी कटान स्थल पर डाली जा रही है। बावजूद इसके अपेक्षा के अनुसार सफलता नहीं मिल रही है।
बता दें कि घाघरा नदी एमबीडी बांध से दूर जब कटान कर रही थी तभी से कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग बोरी का प्रयोग कर रहा था, लेकिन बालू की दीवार की तरह खड़ी की गई बोरी को अपने में समाहित करते हुए नदी एमबीडी बांध से जाकर सट गई। मंगलवार शाम नदी की कटान अचानक इतना तेज हुई, जिससे करीब तीन मीटर की चौड़ाई में बांध क्षतिग्रस्त हो गया। कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा तत्काल पोकलैंड से मिट्टी और बोल्डर नदी में डाले जाने जाने लगे। बांध तो किसी तरह बच गया, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है। नदी की कटान अब भी जारी है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र का कहना है कि बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। बांध के बचाव में दिन रात कार्य चल रहा है।
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