फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   ‌from Banks and ATMs rupee not widraw

सहालग में ‘दगा’ दे रहे बैंक व एटीएम  

Fri, 19 May 2017 11:32 PM IST
Sant Kabir Nagar
Sant Kabir Nagar Updated Fri, 19 May 2017 11:32 PM IST
विज्ञापन
from Banks and ATMs rupee not widraw
बंद पड़ा ‌‌व‌िकास भ्‍ावन का एटीएम । - फोटो : अमर उजाला
शादी में लोगों के ढेरों अरमान होते हैं। इसके लिए लोग खुले दिल से खर्च करते हैं। पर, रकम बैंक में हो और जरूरत के वक्त न मिल पाए तो वो रकम किस काम की। कुछ ऐसा ही हाल इन दिनों में जिले का है। सहालग (शादी-ब्याह) के सीजन में जिले के 29 एटीएम में से सिर्फ शुक्रवार को दो ही रकम देते मिले। ऐसे में लोगों को चिलचिलाती धूप में घंटों कतार में होना पड़ा। वहीं बैंक भी जरूरत के मुताबिक रकम नहीं दे रहे हैं। 
विज्ञापन


खलीलाबाद में एचडीएफसी बैंक और इंडियन बैंक के एटीएम को छोड़कर अन्य बैैंकों के एटीएम में कैश नहीं निकल रहा था। एसबीआई मुख्य शाखा, एसबीआई कृषि शाखा, एसबीआई विकास भवन शाखा, इंडियन बैंक, एक्सिस बैंक, ओरियंटल बैंक आफ कामर्स, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक आदि के एटीएम के शटर या तो बंद रहे या फिर जो खुले भी रहे उसमें नो कैश का बोर्ड टंगा था। रकम दे रहे दोनों एटीएम पर सुबह से ही कतार लगी हुई थी। एचडीएफसी बैंक और इंडियन बैंक के एटीएम पर लाइन में लगे मनोज तिवारी, अंकुर पांडेय,शलभ, सुरेश और आदित्य ने बताया कि करीब एक घंटे से अधिक समय भीषण गर्मी में लाइन में लगने के बाद कैश मिल पाया। बखिरा, मेंहदावल, महुली, सेमरियावां, धनघटा, हैंसर, पौली प्रतिनिधियों के अनुसार क्षेत्र में एटीएम बंद रहे और बैंकों से भी लोगों को जरूरत के हिसाब से पैसा नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन


एसबीआई मुख्य शाखा के सहायक प्रबंधक पंकज सिंह ने बताया कि कैश की कमी बनी हुई है। जरूरत के हिसाब से कैश नहीं मिल पा रहा है। पूर्वांचल बैंक की क्षेत्रीय प्रबंधक बृजमोहनी द्विवेदी ने बताया कि पांच दिनों से हेड ऑफिस गोरखपुर से कैश नहीं मिल पाया है। स्थानीय स्तर पर प्राइवेट बैंकों से कुछ कैश मिल जा रहा है और जमा होने वाली धनराशि बैँंक शाखाओं पर भुगतान दिया जा रहा है। उपभोक्ताओं को 2000 से लेकर 4000 रुपये तक ही भुगतान दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जबकि प्रतिदिन पांच करोड़ मिले तो समस्या का समाधान हो पाए। लीड बैंक मैनेजर के जी तिवारी ने बताया कि 100 करोड की डिमांड आरबीआई से की गई थी और दो- तीन बार कुल करीब 20 करोड़ ही मिल पाया। जरूरत के हिसाब से आरबीआई से कैश नहीं मिल पा रहा है। शासन की मंशा के अनुसार कैशलेश को बढ़ावा देने की दिशा में व्यापारी भी अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं। अधिकांश व्यापारियों के पास अभी कैशलेश मशीनें नहीं है और यदि है तो तमाम लोगों के वहां खराब है। यदि कैशलेश की तरफ लोगों की रुझान बढे़ तो समस्या कुछ कम हो। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed