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Sant Kabir Nagar News: करोड़ों की भूमि जालसाज ने वारिस बन कर दिया बैनामा
Fri, 28 Jun 2024 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 28 Jun 2024 12:22 AM IST
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- मेंहदावल क्षेत्र के ग्राम पंचायत बनकसिया का मामला
- फर्जी तरीके से परिवार रजिस्टर में दर्ज करा लिया नाम
- एसडीएम ने एडीओ पंचायत को सौंपी जांच
- एडीओ पंचायत ने गांव में जाकर की जांच, एसडीएम को सौंपेगे रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। क्षेत्र के एक गांव में परिवार रजिस्टर में फर्जी तरीके से नाम दर्ज करा कर युवक वारिस बन बैठा और कीमती जमीन गांव के ही एक व्यक्ति को बेच दी। जब पीड़ित पक्ष को जानकारी हुई तो महिला ने एसडीएम के यहां शिकायत दर्ज कराई। एसडीएम के निर्देश पर एडीओ पंचायत को जांच सौंपी है।
मेंहदावल क्षेत्र के ग्राम पंचायत बनकसिया निवासिनी माया देवी पत्नी त्रिलोकी ने एसडीएम अरुण कुमार के यहां फर्जी वारिस बनकर जमीन बेचने की शिकायत दर्ज कराई। माया देवी का कहना है कि उनके ससुर भुल्लुर के चार पुत्र थे। जिनका नाम ओंकार नाथ, शिव कुमार, राधेश्याम और त्रिलोकी था। तीनों पुत्र अविवाहित थे और उनकी मौत हो चुकी है। जबकि माया देवी का विवाह त्रिलोकी के साथ हुआ है।
माया देवी के दो पुत्र प्रभाकर और दिवाकर और बेटी सुषमा हैं। तीनों भाइयों के मौत के बाद पूरी संपत्ति पर माया के पति त्रिलोकी काबिज रहे। वहीं पति की मौत के बाद चकबंदी कराने के बाद माया और उनके बच्चों का नाम असल खतौनी में दर्ज हो गया। जमीन बीएमसीटी मार्ग जो गांव से होकर जाती है उस पर है। जिस पर गांव के ही कुछ लोगों की नजर थी। उन लोगाें ने मिलकर राजू नाम के एक व्यक्ति को खड़ा कर और मृतक शिवकुमार का पुत्र बताते हुए 22 जून 2022 को परिवार रजिस्टर में शिवकुमार के पुत्र के रूप में राजू का नाम दर्ज करा दिया, जबकि परिवार रजिस्टर में मृतक शिवकुमार की पत्नी का कोई जिक्र नहीं है।
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साल 2024 के परिवार रजिस्टर के नकल में राजू के नाम का उल्लेख है। जब माया को बीएमसीटी मार्ग स्थित करीब 28 मंडी जमीन में से आधे की रजिस्ट्री होने की जानकारी हुई तो उसने छानबीन शुरू की, तब जालसाजी सामने आया। माया देवी पत्नी त्रिलोकी मिश्रा ने एसडीएम को अपने साथ हुए जालसाजी का मामला संज्ञान में लाते हुए प्रार्थनापत्र दिया। इस मामले में एसडीएम अरुण कुमार के निर्देश पर बुधवार को एडीओ पंचायत राजेश पांडेय के नेतृत्व में गांव में खुली बैठक के माध्यम से मामले की जांच की गई, जिसमें दोनों पक्षों को पुलिस ने तलब किया था। गांव के लोगों ने भी शिवकुमार मिश्र पुत्र भुल्लुर मिश्र को अविवाहित बताया। यह भी कहा कि जब शिवकुमार का विवाह ही नहीं हुआ तो पुत्र कहां से आ गया। रजिस्ट्री लेने वाले में जहां दो लोग गांव के हैं वहीं एक व्यक्ति गोरखपुर जनपद के कैंपियरगंज का निवासी बताया जा रहा है।
पहले भी हुई है जालसाजी
साल 2023 में कोर्ट के आदेश पर मेंहदावल पुलिस ने मृतक के स्थान पर दूसरे को खड़ा कर जमीन रजिस्ट्री करने के मामले में सितई पुत्र मटेलू ग्राम पेंडारी थाना मेहदावल के प्रार्थनापत्र पर हुए आदेश के अनुपालन में दो नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिक दर्ज है। इस मामले में पुलिस चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। वहीं दूसरा प्रकरण बनकसिया गांव का है। जिसमें राम बहादुर सिंह की जमीन गांव के ही कुछ दबंगों ने रजिस्ट्री करा ली। मामले की जानकारी जब राम बहादुर के भाई दीनानाथ सिंह को हुई जो कोइलरी में रहते थे, तब वह घर आए। इस मामले में भी पता चला की जिसकी जमीन रजिस्ट्री कराई गई है उसकी मौत रजिस्ट्री से पहले हो गई थी। मामला न्यायालय में चला और भू-माफियाओं ने सरेंडर बोलते हुए समझौता किया।
बोले जिम्मेदार
एसडीएम के निर्देश पर बनकसिया गांव में खुली बैठक कराकर मामले की जांच की गई। जांच के दौरान 54 लोगों ने महिला के पक्ष में बयान अंकित कराया जबकि 29 लोग जिसे जमीन शिवकुमार मिश्र का लड़का बनाकर बेचा है उसके पक्ष में किए हैं। भूमि की रजिस्ट्री कराने वाले बनकसिया गांव के हैं। मामले की रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को सौंपा जाएगा।
- राजेश पांडेय, एडीओ पंचायत
भुल्लुर मिश्र के चार पुत्र थे जिनमें तीन की मौत हो चुकी है और तीनों अविवाहित थे। त्रिलोकी मिश्र की शादी हुई थी जिनके दो पुत्र और एक पुत्री हैं। शिवकुमार ने जब शादी ही नहीं किया तो उनके पास पुत्र कहां से आ गया। चूंकि जमीन करोड़ों रुपये की है इसलिए लोगाें ने जालसाजी कर जमीन हड़पने की नीयत से फर्जी तरीके से परिवार रजिस्टर में नामांकित करा लिया और जमीन की रजिस्ट्री करा ली।
- योगेन्द्र सिंह, पूर्व प्रधान, बनकसिया
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- फर्जी तरीके से परिवार रजिस्टर में दर्ज करा लिया नाम
- एसडीएम ने एडीओ पंचायत को सौंपी जांच
- एडीओ पंचायत ने गांव में जाकर की जांच, एसडीएम को सौंपेगे रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। क्षेत्र के एक गांव में परिवार रजिस्टर में फर्जी तरीके से नाम दर्ज करा कर युवक वारिस बन बैठा और कीमती जमीन गांव के ही एक व्यक्ति को बेच दी। जब पीड़ित पक्ष को जानकारी हुई तो महिला ने एसडीएम के यहां शिकायत दर्ज कराई। एसडीएम के निर्देश पर एडीओ पंचायत को जांच सौंपी है।
मेंहदावल क्षेत्र के ग्राम पंचायत बनकसिया निवासिनी माया देवी पत्नी त्रिलोकी ने एसडीएम अरुण कुमार के यहां फर्जी वारिस बनकर जमीन बेचने की शिकायत दर्ज कराई। माया देवी का कहना है कि उनके ससुर भुल्लुर के चार पुत्र थे। जिनका नाम ओंकार नाथ, शिव कुमार, राधेश्याम और त्रिलोकी था। तीनों पुत्र अविवाहित थे और उनकी मौत हो चुकी है। जबकि माया देवी का विवाह त्रिलोकी के साथ हुआ है।
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माया देवी के दो पुत्र प्रभाकर और दिवाकर और बेटी सुषमा हैं। तीनों भाइयों के मौत के बाद पूरी संपत्ति पर माया के पति त्रिलोकी काबिज रहे। वहीं पति की मौत के बाद चकबंदी कराने के बाद माया और उनके बच्चों का नाम असल खतौनी में दर्ज हो गया। जमीन बीएमसीटी मार्ग जो गांव से होकर जाती है उस पर है। जिस पर गांव के ही कुछ लोगों की नजर थी। उन लोगाें ने मिलकर राजू नाम के एक व्यक्ति को खड़ा कर और मृतक शिवकुमार का पुत्र बताते हुए 22 जून 2022 को परिवार रजिस्टर में शिवकुमार के पुत्र के रूप में राजू का नाम दर्ज करा दिया, जबकि परिवार रजिस्टर में मृतक शिवकुमार की पत्नी का कोई जिक्र नहीं है।
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साल 2024 के परिवार रजिस्टर के नकल में राजू के नाम का उल्लेख है। जब माया को बीएमसीटी मार्ग स्थित करीब 28 मंडी जमीन में से आधे की रजिस्ट्री होने की जानकारी हुई तो उसने छानबीन शुरू की, तब जालसाजी सामने आया। माया देवी पत्नी त्रिलोकी मिश्रा ने एसडीएम को अपने साथ हुए जालसाजी का मामला संज्ञान में लाते हुए प्रार्थनापत्र दिया। इस मामले में एसडीएम अरुण कुमार के निर्देश पर बुधवार को एडीओ पंचायत राजेश पांडेय के नेतृत्व में गांव में खुली बैठक के माध्यम से मामले की जांच की गई, जिसमें दोनों पक्षों को पुलिस ने तलब किया था। गांव के लोगों ने भी शिवकुमार मिश्र पुत्र भुल्लुर मिश्र को अविवाहित बताया। यह भी कहा कि जब शिवकुमार का विवाह ही नहीं हुआ तो पुत्र कहां से आ गया। रजिस्ट्री लेने वाले में जहां दो लोग गांव के हैं वहीं एक व्यक्ति गोरखपुर जनपद के कैंपियरगंज का निवासी बताया जा रहा है।
पहले भी हुई है जालसाजी
साल 2023 में कोर्ट के आदेश पर मेंहदावल पुलिस ने मृतक के स्थान पर दूसरे को खड़ा कर जमीन रजिस्ट्री करने के मामले में सितई पुत्र मटेलू ग्राम पेंडारी थाना मेहदावल के प्रार्थनापत्र पर हुए आदेश के अनुपालन में दो नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिक दर्ज है। इस मामले में पुलिस चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। वहीं दूसरा प्रकरण बनकसिया गांव का है। जिसमें राम बहादुर सिंह की जमीन गांव के ही कुछ दबंगों ने रजिस्ट्री करा ली। मामले की जानकारी जब राम बहादुर के भाई दीनानाथ सिंह को हुई जो कोइलरी में रहते थे, तब वह घर आए। इस मामले में भी पता चला की जिसकी जमीन रजिस्ट्री कराई गई है उसकी मौत रजिस्ट्री से पहले हो गई थी। मामला न्यायालय में चला और भू-माफियाओं ने सरेंडर बोलते हुए समझौता किया।
बोले जिम्मेदार
एसडीएम के निर्देश पर बनकसिया गांव में खुली बैठक कराकर मामले की जांच की गई। जांच के दौरान 54 लोगों ने महिला के पक्ष में बयान अंकित कराया जबकि 29 लोग जिसे जमीन शिवकुमार मिश्र का लड़का बनाकर बेचा है उसके पक्ष में किए हैं। भूमि की रजिस्ट्री कराने वाले बनकसिया गांव के हैं। मामले की रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को सौंपा जाएगा।
- राजेश पांडेय, एडीओ पंचायत
भुल्लुर मिश्र के चार पुत्र थे जिनमें तीन की मौत हो चुकी है और तीनों अविवाहित थे। त्रिलोकी मिश्र की शादी हुई थी जिनके दो पुत्र और एक पुत्री हैं। शिवकुमार ने जब शादी ही नहीं किया तो उनके पास पुत्र कहां से आ गया। चूंकि जमीन करोड़ों रुपये की है इसलिए लोगाें ने जालसाजी कर जमीन हड़पने की नीयत से फर्जी तरीके से परिवार रजिस्टर में नामांकित करा लिया और जमीन की रजिस्ट्री करा ली।
- योगेन्द्र सिंह, पूर्व प्रधान, बनकसिया