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उस्ताद की बातों पर अमल करना अच्छे तलबा की पहचान : मौलाना कासमी
Mon, 21 Jul 2025 11:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 21 Jul 2025 11:17 PM IST
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मगहर। कुरआन अल्लाह की किताब है जिसे अल्लाह ने हमारे नबी मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम पर उतारा। कुरआन को अपने दिल में बसाने वाले पर अल्लाह की रहमत होती है। हाफिज-ए-क़ुरआन के माता-पिता को रोजे महशर में अल्लाह इनआमात से नवाजेंगे। उस्ताद की बातों पर अमल करना एक अच्छे तलबा की पहचान है।
उक्त बातें सोमवार को मगहर कस्बे के मोहल्ला इस्लाम नगर में हिफ्ज कुरआन की तालीम पूरा कर चुके तालिबे-इल्म के संरचना (तशकीली) प्रोग्राम को खिताब करते हुए मौलाना मुजीबुर्रहमान कासमी ने कही। कुरआन की तालीम मुकम्मल कर चुके हाफिज अमीन रशीद की इल्म में और इजाफे की दुआ के साथ उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया कुरआन की तालीम पर रिसर्च कर रही है और कुरआन में मौजूद अल्लाह के अहकाम पढ़ इसे दुनिया और आखिरत के निजाम की मुकम्मल तालीम में शुमार किया है।
उन्होंने कहा कि कुरआन से सच्ची मुहब्बत उसकी तालीम को अपने अमल में लाना है। कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज अमीन रशीद ने कुरआन की तिलावत से की। इसके अलावा हाफिज मोहम्मद कासिम, कारी असदुल्लाह ने नातिया कलाम पेश किया।
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उक्त बातें सोमवार को मगहर कस्बे के मोहल्ला इस्लाम नगर में हिफ्ज कुरआन की तालीम पूरा कर चुके तालिबे-इल्म के संरचना (तशकीली) प्रोग्राम को खिताब करते हुए मौलाना मुजीबुर्रहमान कासमी ने कही। कुरआन की तालीम मुकम्मल कर चुके हाफिज अमीन रशीद की इल्म में और इजाफे की दुआ के साथ उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया कुरआन की तालीम पर रिसर्च कर रही है और कुरआन में मौजूद अल्लाह के अहकाम पढ़ इसे दुनिया और आखिरत के निजाम की मुकम्मल तालीम में शुमार किया है।
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उन्होंने कहा कि कुरआन से सच्ची मुहब्बत उसकी तालीम को अपने अमल में लाना है। कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज अमीन रशीद ने कुरआन की तिलावत से की। इसके अलावा हाफिज मोहम्मद कासिम, कारी असदुल्लाह ने नातिया कलाम पेश किया।
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