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लोक गीत कलाकारों ने बांधा समां
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Fri, 15 Apr 2016 11:36 PM IST
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बिरहा सम्मेलन का आयोजन किया गया।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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क्षेत्र के अशरफपुर चौराहे पर शुक्रवार को अखिल भारतीय लोक गीत बिरहा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें आजमगढ़, मऊ, बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर के लोक गीत कलाकर भाग लेकर भोजपुरी गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व सासंद भालचंद यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया।
राम नवमी के अवसर पर आयोजित बिरहा कार्यक्रम में बिरहा कलाकर राम समुझ ने जब, भारत में स्वर्ग लजाय जाला भारत में, प्रस्तुत किया तो लोगो को नंदन गुफा, गंगाधार समेत अन्य पौराणिक स्थली याद आने लगी। उसके बाद गायक राजकुमार, दूधनाथ, विरेंद्र आदि ने एक से एक गीतो की प्रस्तुति करके श्रोताओं को याद दिला दिया कि आधुनिक युग की गीतो और पहले की गीतों में जमीन आसमान का अंतर है।
जिला पंचायत सदस्य बलिराम यादव ने कहा कि बिलुप्त होती जा रही भारतीय संस्कृति और सभ्यता को लोक गीतों के माध्यम से वापस लाया जा सकता है। आधुनिकता की दौड़ की होड़ में जुटा युवा वर्ग अपने गौरवशाली इतिहास को तभी जान सकेगा जब उसे गीतों के माध्यम से वीरों के गाथा को सुनाया और बताया जाएगा। इस मौके रामप्रताप यादव, पवन, महेंद्र यादव सरायघाट, इंदल यादव, ब्रह्मशंकर भारती, सुबोध यादव आदि लोग मौजूद रहे।
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राम नवमी के अवसर पर आयोजित बिरहा कार्यक्रम में बिरहा कलाकर राम समुझ ने जब, भारत में स्वर्ग लजाय जाला भारत में, प्रस्तुत किया तो लोगो को नंदन गुफा, गंगाधार समेत अन्य पौराणिक स्थली याद आने लगी। उसके बाद गायक राजकुमार, दूधनाथ, विरेंद्र आदि ने एक से एक गीतो की प्रस्तुति करके श्रोताओं को याद दिला दिया कि आधुनिक युग की गीतो और पहले की गीतों में जमीन आसमान का अंतर है।
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जिला पंचायत सदस्य बलिराम यादव ने कहा कि बिलुप्त होती जा रही भारतीय संस्कृति और सभ्यता को लोक गीतों के माध्यम से वापस लाया जा सकता है। आधुनिकता की दौड़ की होड़ में जुटा युवा वर्ग अपने गौरवशाली इतिहास को तभी जान सकेगा जब उसे गीतों के माध्यम से वीरों के गाथा को सुनाया और बताया जाएगा। इस मौके रामप्रताप यादव, पवन, महेंद्र यादव सरायघाट, इंदल यादव, ब्रह्मशंकर भारती, सुबोध यादव आदि लोग मौजूद रहे।
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