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सरयू के जलस्तर में उतार चढ़ाव से कटान तेज
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तुर्कवलिया नायक गांव के सामने कटान करती घाघरा नदी
- फोटो : KHALILABAD
जलस्तर पांच सेंटीमीटर घटा, तुर्कवलिया नायक से गायघाट के बीच तेजी से कटान कर रही है नदी
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। सरयू नदी के जल स्तर में लगातार उतार चढ़ाव से कटान तेज हो गया है। बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर जहां 15 सेंटीमीटर बढ़ गया था, वहीं शुक्रवार को पांच सेंटीमीटर घट गया। इसके चलते तुर्कवलिया नायक से गायघाट तक तेजी से कटान हो रहा है। अब तक लगभग 400 एकड़ खेत नदी में समा चुके हैं। नदी के तेज कटान से गायघाट गांव के 15 घरों पर भी संकट छा गया है।
सरयू नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार की शाम चार बजे 78.70 मीटर पर था। नदी यहां खतरे के निशान से 65 सेंटीमीटर नीचे थी। शुक्रवार शाम चार बजे इसमें पांच सेंटीमीटर की कमी आई और जलस्तर 78.65 मीटर पर आ गया। एमबीडी बांध और नदी के बीच बसे गांवों के लोग कटान देख सहमे हुए हैं। नदी तुकर्वलिया नायक से गायघाट गांव तक करीब 15 किलोमीटर की लंबाई में कटान कर रही है। औराडाड़ के प्रधान बबलू सिंह, सुभाष यादव, रमाकांत, शिवशंकर, लालचंद आदि का कहना है कि कटान के चलते खेत खत्म होते जा रहे हैं। इस कटान का सर्वाधिक असर गायघाट गांव के सियाराम अधीन पुरवा पर पड़ रहा है। यहां के 15 घरों पर संकट है। अगर इसी तरह कटान होता रहा तो नदी बहुत जल्दी इस पुरवा को अपने में समाहित कर लेगी।
एसडीएम प्रमोद कुमार का कहना है कि नदी के रुख पर नजर रखी जा रही है। अभी आबादी प्रभावित नहीं है। जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे होने के कारण कोई बड़ा संकट नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। सरयू नदी के जल स्तर में लगातार उतार चढ़ाव से कटान तेज हो गया है। बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर जहां 15 सेंटीमीटर बढ़ गया था, वहीं शुक्रवार को पांच सेंटीमीटर घट गया। इसके चलते तुर्कवलिया नायक से गायघाट तक तेजी से कटान हो रहा है। अब तक लगभग 400 एकड़ खेत नदी में समा चुके हैं। नदी के तेज कटान से गायघाट गांव के 15 घरों पर भी संकट छा गया है।
सरयू नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार की शाम चार बजे 78.70 मीटर पर था। नदी यहां खतरे के निशान से 65 सेंटीमीटर नीचे थी। शुक्रवार शाम चार बजे इसमें पांच सेंटीमीटर की कमी आई और जलस्तर 78.65 मीटर पर आ गया। एमबीडी बांध और नदी के बीच बसे गांवों के लोग कटान देख सहमे हुए हैं। नदी तुकर्वलिया नायक से गायघाट गांव तक करीब 15 किलोमीटर की लंबाई में कटान कर रही है। औराडाड़ के प्रधान बबलू सिंह, सुभाष यादव, रमाकांत, शिवशंकर, लालचंद आदि का कहना है कि कटान के चलते खेत खत्म होते जा रहे हैं। इस कटान का सर्वाधिक असर गायघाट गांव के सियाराम अधीन पुरवा पर पड़ रहा है। यहां के 15 घरों पर संकट है। अगर इसी तरह कटान होता रहा तो नदी बहुत जल्दी इस पुरवा को अपने में समाहित कर लेगी।
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एसडीएम प्रमोद कुमार का कहना है कि नदी के रुख पर नजर रखी जा रही है। अभी आबादी प्रभावित नहीं है। जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे होने के कारण कोई बड़ा संकट नहीं है।
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