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Sant Kabir Nagar News: मॉकड्रिल कर सिखाए गए आग से बचाव के तरीके
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जिला चिकित्सालय परिसर में अग्नि सुरक्षा एवं बचाव को लेकर विशेष प्रशिक्षण शिविर तथा मॉक ड्रिल का
संतकबीरनगर। पुलिस एवं अग्निशमन विभाग की पहल पर संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में अग्नि सुरक्षा एवं बचाव को लेकर विशेष प्रशिक्षण शिविर तथा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर आग लगने की स्थिति में जानमाल की क्षति को रोकना और कर्मचारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित करना रहा।
मॉक ड्रिल के दौरान प्रभारी अग्निशमन अधिकारी अशोक यादव एवं उनकी टीम ने चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय तथा अन्य कर्मचारियों को फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। टीम ने कृत्रिम रूप से आग उत्पन्न कर उसे बुझाने का सजीव प्रदर्शन किया, जिसमें अस्पताल कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए आग बुझाने वाले उपकरणों का संचालन सीखा।
इस दौरान मरीजों के तीमारदारों और उपस्थित लोगों को भी आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता बरतने, आपातकालीन निकास मार्ग का उपयोग करने तथा विद्युत उपकरणों के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में जागरूक किया गया। अस्पताल में पहले से स्थापित अग्निशमन यंत्रों और सुरक्षा प्रणालियों की भी जांच की गई, ताकि आपात स्थिति में वे पूरी तरह कार्यशील रहे।
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अग्निशमन विभाग की टीम ने बताया कि अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर और बिजली के अधिक लोड के कारण विशेष सावधानी आवश्यक होती है। नियमित प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल से कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम बनते हैं। पुलिस एवं प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अग्नि दुर्घटना की स्थिति में तत्काल 101 या 112 नंबर पर सूचना दें।
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मॉक ड्रिल के दौरान प्रभारी अग्निशमन अधिकारी अशोक यादव एवं उनकी टीम ने चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय तथा अन्य कर्मचारियों को फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। टीम ने कृत्रिम रूप से आग उत्पन्न कर उसे बुझाने का सजीव प्रदर्शन किया, जिसमें अस्पताल कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए आग बुझाने वाले उपकरणों का संचालन सीखा।
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इस दौरान मरीजों के तीमारदारों और उपस्थित लोगों को भी आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता बरतने, आपातकालीन निकास मार्ग का उपयोग करने तथा विद्युत उपकरणों के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में जागरूक किया गया। अस्पताल में पहले से स्थापित अग्निशमन यंत्रों और सुरक्षा प्रणालियों की भी जांच की गई, ताकि आपात स्थिति में वे पूरी तरह कार्यशील रहे।
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अग्निशमन विभाग की टीम ने बताया कि अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर और बिजली के अधिक लोड के कारण विशेष सावधानी आवश्यक होती है। नियमित प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल से कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम बनते हैं। पुलिस एवं प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अग्नि दुर्घटना की स्थिति में तत्काल 101 या 112 नंबर पर सूचना दें।