फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   fever

बदलते मौसम से बढ़ा वायरल फीवर का प्रकोप

Sat, 03 Aug 2019 12:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2019 12:15 AM IST
विज्ञापन
fever
बदलते मौसम से बढ़ा वायरल फीवर का प्रकोप
विज्ञापन

जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में बढ़े मरीज, 1500 में से करीब 900 इसी से पीड़ित मरीज थे
संतकबीरनगर। मौसम के बदलते मिजाज से जिले में वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में पंजीकृत 1500 मरीजों में से 900 वायर फीवर से पीड़ित थे। इसमें बड़ी संख्या में बच्चे भी थे। चिकित्सकों के अनुसार, वायरल फीवर का प्रमुख कारण बदलता मौसम है।
शुक्रवार की सुबह आठ बजे ओपीडी शुरू होते ही अस्पताल में मरीज आने लगे। दोपहर दो बजे तक मरीजों के आने का सिलसिला जारी था। ओपीडी का समय खत्म होने के बाद भी चिकित्सक मरीजों की जांच कर परामर्श देते दिखे। भरैची निवासी राजाराम ने बताया कि पिछले चार दिनों से बुखार, खांसी और शरीर में दर्द से पीड़ित है। मेडिकल स्टोर से दवा ली, कोई राहत नहीं मिली तो जिला अस्पताल आया हूं। हरिहरपुर निवासी राम दयाल ने बताया कि कई दिनों से बुखार आ रहा है, ठीक न होने पर जिला अस्पताल में आना पड़ा। परिवार में और लोग भी हैं, जिन्हें बुखार, खांसी की दिक्कत है। राउतपार निवासी धर्मराज ने बताया कि दो दिन पहले अचानक तेज बुखार हुआ और शरीर कांपने लगी। मेडिकल स्टोर की दवा से पहले कुछ राहत थी, लेकिन बृहस्पतिवार की रात अचानक तबियत बिगड़ गई। सुबह जिला अस्पताल उपचार के लिए आना पड़ा। रमवापुर निवासी अमरजीत कुमार ने बताया कि खांसी आ रही है, गले में दर्द है। सीएमएस डॉ. पंकज टंडन ने कहा कि जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। ओपीडी में प्रतिदिन डेढ़ हजार से लेकर दो हजार मरीज आ रहे हैं। इसमें वायरल फीवर के मरीज ज्यादा हैं। सभी का समुचित इलाज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन

जनरल फिजिशयन दो, मरीज ढेर सारे
जिला चिकित्सालय में दो जनरल फिजिशयन हैं डॉ. महेश प्रसाद और डॉ. ओपी चतुर्वेदी। इनमें से डॉ. ओपी चतुर्वेदी हैं नहीं। ऐसे में डॉ. महेश प्रसाद के कमरे के सामने तीन लाइनें लगीं थी। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आरपी राय के पास भी मरीजों की लंबी कतार थी। बड़ी संख्या में बच्चे भी बुखार से पीड़ित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

वायरल फीवर के लक्षण
चिकित्सकों की मानें तो वायरल फीवर होने पर शरीर में थकान, मांसपेशियों या बदन में दर्द, तेज बुखार, खांसी, जोड़ों में दर्द, दस्त, त्वचा का लाल हो जाना, जुकाम, गले में दर्द, सिर दर्द, आंखों का लाल होना शामिल है।
वायरल फीवर के लक्षण व उपचार
1- वायरल बुखार के लिए उपचार केवल संक्रमण के लक्षणों को कम करने पर आधारित है
2. यदि रोगी को तेज बुखार है तो सबसे अच्छा है कि उसको आराम करना चाहिए
3. यदि रोगी को अत्यधिक बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द हो तो चिकित्सक की सलाह लेने में संकोच न करे
4. खाने में दाल खिचड़ी, सूप और जौ रोटी का प्रयोग करे क्योंकि ये हल्का भोजन होता है जल्दी पचता है और वायरल रोग प्रतिरोधी भी है रोगी को उर्जा देता है
5. कुछ लोग स्वयं चिकित्सक बनते है और एंटीपैरेरिकिक्स, एनाल्जेसिक्स, एंटीबायोटिक दवा का प्रयोग करते हैं ऐसा न करें, बिना चिकित्सक की सलाह के ये शरीर के लिए हानिकारक है।

- मरीज को स्वच्छ जगह रखें। उसकी प्र
- मरीज को अगर तेज बुखार है तो उसके सिर पर सामान्य पानी में साफ कपड़ा भिगोकर उसके माथे पर रखें और शरीर को कपड़े से पोंछ सकते है जब तक तापमान सामान्य न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed