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Sant Kabir Nagar News: 'किसानों को श्री अन्न की खेती करने की जरूरत'
Tue, 17 Oct 2023 01:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 17 Oct 2023 01:07 AM IST
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धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र बगहीं में सोमवार को उत्तर प्रदेश मिलेट्स श्रीअन्न रोजगार पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत कृषक उत्पादक संगठन का तीन दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ। नगर पंचायत हैंसर बाजार धनघटा के अध्यक्ष प्रतिनिधि नीलमणि ने इसका उद्घाटन किया। इस मौके पर कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को मोटे अनाज से होने वाले फायदे की जानकारी दी।
चेयरमैन प्रतिनिधि नीलमणि ने कहा कि विश्व में मनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023 के अवसर पर आयोजित किसान और वैज्ञानिक के बीच परिचर्चा में मोटे अनाजों के महत्व पर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। किसानों को व्यापक स्तर पर श्री अन्न की खेती करने की जरूरत है। कृषि उप निदेशक राकेश कुमार सिंह ने मोटे अनाज की खेती और बीज उत्पादन के साथ ही तकनीक पर जोर दिया। उन्होंने किसानों की मदद के लिए राज्य सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्हें हर संभव सहायता मुहैया कराने का भी आश्वासन दिया। कृषि विज्ञान केंद्र बगही के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि किसानों को मोटे अनाज की खेती छोटे स्तर पर जरूर करनी चाहिए। बताया कि प्राचीन काल में मोटे अनाज ही मुख्य आहार थे। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ संदीप सिंह कश्यप, डॉ राघवेन्द्र सिंह, डाॅ. देवेश कुमार, डाॅ. तरुन कुमार, अशोक मौर्य आदि मौजूद रहे।
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चेयरमैन प्रतिनिधि नीलमणि ने कहा कि विश्व में मनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023 के अवसर पर आयोजित किसान और वैज्ञानिक के बीच परिचर्चा में मोटे अनाजों के महत्व पर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। किसानों को व्यापक स्तर पर श्री अन्न की खेती करने की जरूरत है। कृषि उप निदेशक राकेश कुमार सिंह ने मोटे अनाज की खेती और बीज उत्पादन के साथ ही तकनीक पर जोर दिया। उन्होंने किसानों की मदद के लिए राज्य सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्हें हर संभव सहायता मुहैया कराने का भी आश्वासन दिया। कृषि विज्ञान केंद्र बगही के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि किसानों को मोटे अनाज की खेती छोटे स्तर पर जरूर करनी चाहिए। बताया कि प्राचीन काल में मोटे अनाज ही मुख्य आहार थे। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ संदीप सिंह कश्यप, डॉ राघवेन्द्र सिंह, डाॅ. देवेश कुमार, डाॅ. तरुन कुमार, अशोक मौर्य आदि मौजूद रहे।
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