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Sant Kabir Nagar News: यूरिया आने की सूचना पर उमड़े किसान, समिति के सदस्यों को मिली खाद
Wed, 10 Dec 2025 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 10 Dec 2025 12:32 AM IST
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साधन सहकारी समिति झिंगुरापार में खाद पाने के लिए जमे हुए किसान । स्रोत - ग्रामीण
- फोटो : दीवानी कचेहरी से पुलिस अभिरक्षा में जेल जाते रामगोपाल हत्याकांड के आरोपी।
संतकबीरनगर। बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समिति झिंगुरापार पर यूरिया आने की सूचना से मंगलवार की सुबह ही किसानों का जमावड़ा लग गया। किसान खाद के लिए समिति के गेट पर दोपहर तक जमे रहे। कुछ किसानों को खाद तो मिली, लेकिन जो समिति के सदस्य नहीं थे, उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
क्षेत्र में रबी फसल की पहली सिंचाई के बाद यूरिया खाद पाने के लिए किसानों में होड़ लगी है। हर कोई समितियों का चक्कर लगा रहा है। लेकिन उन्हें समय से खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। क्षेत्र के अजांव, छितही, शिव बखरी, शांति नरगापार आदि समितियों पर पिछले कई दिनों से खाद नदारद है। मंगलवार को जैसे ही सहकारी समिति झिंगुरापार पर 500 बोरी खाद आने की सूचना ग्राम बरीडीहा, ददरी, तरयापार, झिंगुरापार, महुली, मड़ह राजा, रौजा, सुक्खीपुर आदि गांवों के किसानों को मिली, वे समिति पर पहुंच गए।
इस दौरान सचिव को काफी मशक्कत उठानी पड़ी। सचिव का कहना था कि समिति के मेंबरों को ही पहले खाद दी जाएगी। बिना मेंबर वाले किसान मड़हा निवासी शेषनाथ, हरिश्चंद्र, ,शिवनाथ, तीजू आदि को बिना खाद के ही लौटना पड़ा। किसानों ने बताया कि उनके पास 10 से 5 बिस्सा खेती है। उन्हें एक बोरी खाद की जरूरत है। लेकिन, सचिव ने मेंबर न होने की वजह से उन्हें खाद नहीं दी। मजबूर होकर वह घर लौट गए। किसानों ने बताया कि समिति पर 275 रुपये में यूरिया मिलता है। जबकि बाजार में दुकानदार 430 रुपये ले रहे हैं। शिकायत पर कहीं कोई सुनने वाला नहीं है। बाजार में महंगे दाम पर खाद मिलने की वजह से वह समितियों का चक्कर पिछले कई दिनों से लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। मजबूरी में अब बाजार से ही खाद खरीदनी पड़ेगी।
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इस संबंध में सहकारी समिति झिंगुरापार पर तैनात सचिव आर गुप्ता ने बताया समिति पर 500 बोरी खाद आई है। पहले वह समिति के मेंबरों में बांट रहे हैं। बचने पर अन्य किसानों में खाद का वितरण किया जाएगा।
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क्षेत्र में रबी फसल की पहली सिंचाई के बाद यूरिया खाद पाने के लिए किसानों में होड़ लगी है। हर कोई समितियों का चक्कर लगा रहा है। लेकिन उन्हें समय से खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। क्षेत्र के अजांव, छितही, शिव बखरी, शांति नरगापार आदि समितियों पर पिछले कई दिनों से खाद नदारद है। मंगलवार को जैसे ही सहकारी समिति झिंगुरापार पर 500 बोरी खाद आने की सूचना ग्राम बरीडीहा, ददरी, तरयापार, झिंगुरापार, महुली, मड़ह राजा, रौजा, सुक्खीपुर आदि गांवों के किसानों को मिली, वे समिति पर पहुंच गए।
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इस दौरान सचिव को काफी मशक्कत उठानी पड़ी। सचिव का कहना था कि समिति के मेंबरों को ही पहले खाद दी जाएगी। बिना मेंबर वाले किसान मड़हा निवासी शेषनाथ, हरिश्चंद्र, ,शिवनाथ, तीजू आदि को बिना खाद के ही लौटना पड़ा। किसानों ने बताया कि उनके पास 10 से 5 बिस्सा खेती है। उन्हें एक बोरी खाद की जरूरत है। लेकिन, सचिव ने मेंबर न होने की वजह से उन्हें खाद नहीं दी। मजबूर होकर वह घर लौट गए। किसानों ने बताया कि समिति पर 275 रुपये में यूरिया मिलता है। जबकि बाजार में दुकानदार 430 रुपये ले रहे हैं। शिकायत पर कहीं कोई सुनने वाला नहीं है। बाजार में महंगे दाम पर खाद मिलने की वजह से वह समितियों का चक्कर पिछले कई दिनों से लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। मजबूरी में अब बाजार से ही खाद खरीदनी पड़ेगी।
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इस संबंध में सहकारी समिति झिंगुरापार पर तैनात सचिव आर गुप्ता ने बताया समिति पर 500 बोरी खाद आई है। पहले वह समिति के मेंबरों में बांट रहे हैं। बचने पर अन्य किसानों में खाद का वितरण किया जाएगा।