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Sant Kabir Nagar News: चार मौतों से टूट गया परिवार, गहराया रोजी-रोटी का संकट

Tue, 18 Aug 2026 11:56 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:56 PM IST
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Family shattered by four deaths; livelihood crisis deepens.
संतकबीरनगर/ बनकटवा। खलीलाबाद कोतवाली थाना क्षेत्र के बयारा गांव निवासी एक परिवार पर कुछ महीनों में दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि अब घर में सन्नाटा पसरा है। बयारा गांव निवासी कनिक के परिवार में लगातार हुई चार मौतों ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। एक के बाद एक अपनों को खोने के बाद परिवार के सामने अब रोजी-रोटी के साथ ही बच्चों की देखभाल का संकट भी खड़ा हो गया है।
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परिवार में कनिक (54) वाराणसी में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी शारदा देवी (48) घर-गृहस्थी संभालती थीं। परिवार में बड़े बेटे रविशंकर (29), शिवशंकर (25), कृष्णा (22), दयाशंकर (19) और धवन कुमार (15) थे। रविशंकर भी मजदूरी करते थे, जबकि शिवशंकर और कृष्णा भी मजदूरी कर परिवार की आर्थिक मदद करते थे।
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दयाशंकर 12वीं की पढ़ाई कर रहा था। सबसे छोटा धवन कुमार मगहर स्थित आचार्य रामबिलास विद्यालय में कक्षा-10 में पढ़ता है। महज कुछ महीनों के भीतर परिवार के चार सदस्यों की मौत ने घर की पूरी व्यवस्था को हिला दिया है।
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दयाशंकर की मौत के बाद मां शारदा देवी, फिर बहू अनुराधा और उसके अगले ही दिन शिवशंकर की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में पहुंचा दिया। एक ओर अपनों को खोने का दर्द है तो दूसरी ओर परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
कनिक वाराणसी में मजदूरी करते हैं। बेटे भी मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाने में सहयोग करते थे। अब परिवार में कमाने वाले हाथ कम हो गए हैं। सबसे बड़ी चिंता रविशंकर के दो छोटे बच्चों की है। छह माह की अनन्या मां के साये से वंचित हो गई है। पांच वर्षीय राजवीर भी मां को खो चुका है। परिवार के सामने बच्चों की परवरिश, पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने की चुनौती है।
गांव में भी इस परिवार की लगातार हुई मौतों को लेकर हर कोई स्तब्ध है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार ने बहुत कम समय में लगातार अपनों को खोया है। दुख की इस घड़ी में परिवार को आर्थिक और सामाजिक सहयोग की जरूरत है।
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नए साल की शुरुआत में हुई पहली मौत
परिवार के दुखों का सिलसिला एक जनवरी 2026 से शुरू हुआ। दयाशंकर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। जवान बेटे की मौत से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि कुछ ही महीनों बाद एक और हादसे ने परिवार को झकझोर दिया।
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खेत में गई शारदा देवी को सांप ने डसा
21 जुलाई को शारदा देवी खेत में गई थीं। इसी दौरान उन्हें सांप ने डस लिया। परिजन उन्हें उपचार के लिए ले गए, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। पत्नी की मौत के बाद कनिक और उनके बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर संभालने वाली मां के चले जाने से परिवार की मुश्किलें और बढ़ गईं।
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बहू अनुराधा की बीमारी से मौत
शारदा देवी की मौत के बाद परिवार अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि रविशंकर की पत्नी अनुराधा की तबीयत खराब हो गई। 15 अगस्त को बीमारी के चलते अनुराधा की मौत हो गई। अनुराधा की शादी रविशंकर से वर्ष 2019 में हुई थी। उसके दो छोटे बच्चे हैं। बड़ा बेटा राजवीर पांच वर्ष का है, जबकि बेटी अनन्या छह माह की है। मां की मौत के बाद दोनों मासूमों की देखभाल की जिम्मेदारी अब परिवार के सामने बड़ी चुनौती बन गई है।

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ट्रेन की चपेट में आने से शिवशंकर की मौत
परिवार को तीसरा बड़ा झटका अनुराधा की मौत के अगले ही दिन 16 अगस्त को लगा। परिवार के सदस्य अभी बहू की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि शिवशंकर की खलीलाबाद के मंझरिया रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। लगातार दो दिनों में परिवार के दो सदस्यों की मौत से घर में मातम छा गया।
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