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Sant Kabir Nagar News: रटें नहीं, समझकर करें जीव विज्ञान की तैयारी
Wed, 14 Jan 2026 01:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 14 Jan 2026 01:13 AM IST
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जीव विज्ञान शिक्षक संतोष वर्मा, बोर्ड की तैयारी वाली खबर में
- फोटो : 1
संतकबीरनगर। यूपी बोर्ड की कक्षा 12वीं जीव विज्ञान की परीक्षा 23 फरवरी को होने वाली है। परीक्षा की तिथि नजदीक आने के साथ ही छात्रों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में, विषय विशेषज्ञों का कहना है कि सही रणनीति और समझ के साथ पढ़ाई करने से इस विषय में अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। रटने के बजाय विषय को गहराई से समझना और नियमित अभ्यास सफलता की कुंजी है।
किसान इंटर कॉलेज सिक्टहा के जीव विज्ञान शिक्षक संतोष वर्मा ने बताया कि जीव विज्ञान में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ चित्रों (डायग्राम), परिभाषाओं और वैज्ञानिक शब्दावली का सटीक प्रयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। परीक्षा में लघु और दीर्घ उत्तरीय दोनों तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए संतुलित तैयारी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने से छात्रों को न केवल परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिलती है, बल्कि यह समय प्रबंधन कौशल को विकसित करने में भी सहायक होता है। इससे यह भी स्पष्ट हो जाता है कि किन अध्यायों से बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं, जिससे उनकी तैयारी को दिशा मिल सके।
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पाठ्श्क्रम और पैटर्न की समझ महत्वपूर्ण : विषय विशेषज्ञ का कहना है कि छात्रों को सबसे पहले पूरे पाठ्यक्रम का गहन अध्ययन करना चाहिए। यह समझना जरूरी है कि किस इकाई से कितने अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे। आनुवंशिकी, मानव शरीर क्रिया विज्ञान, पर्यावरण और जैव विविधता जैसे अध्याय परीक्षा की दृष्टि से विशेष महत्वपूर्ण हैं, जिनसे हर साल प्रश्न पूछे जाते हैं। इन अध्यायों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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किसान इंटर कॉलेज सिक्टहा के जीव विज्ञान शिक्षक संतोष वर्मा ने बताया कि जीव विज्ञान में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ चित्रों (डायग्राम), परिभाषाओं और वैज्ञानिक शब्दावली का सटीक प्रयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। परीक्षा में लघु और दीर्घ उत्तरीय दोनों तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए संतुलित तैयारी आवश्यक है।
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उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने से छात्रों को न केवल परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिलती है, बल्कि यह समय प्रबंधन कौशल को विकसित करने में भी सहायक होता है। इससे यह भी स्पष्ट हो जाता है कि किन अध्यायों से बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं, जिससे उनकी तैयारी को दिशा मिल सके।
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पाठ्श्क्रम और पैटर्न की समझ महत्वपूर्ण : विषय विशेषज्ञ का कहना है कि छात्रों को सबसे पहले पूरे पाठ्यक्रम का गहन अध्ययन करना चाहिए। यह समझना जरूरी है कि किस इकाई से कितने अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे। आनुवंशिकी, मानव शरीर क्रिया विज्ञान, पर्यावरण और जैव विविधता जैसे अध्याय परीक्षा की दृष्टि से विशेष महत्वपूर्ण हैं, जिनसे हर साल प्रश्न पूछे जाते हैं। इन अध्यायों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।