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Sant Kabir Nagar News: जर्जर तार व पोल बढ़ा सकते हैं किसानों की मुसीबत

Mon, 01 Apr 2024 05:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Mon, 01 Apr 2024 05:23 AM IST
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Dilapidated wires and poles can increase farmers' problems
- हवा चलने से फसल में आग लगने की संभावना बढ़ी, डीएम ने जर्जर तार के बदलने के निर्देश दिए थे
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संवाद न्यूज एजेंसी

संतकबीरनगर। बिजली के जर्जर तारों व पोल के चलते खेत में खड़ी फसल से लेकर लोगाें के घरों तक खतरा मड़रा रहा है। हवा चलने से जर्जर तार आपस में टकरा रहे हैं, जिससे आग लगने की आशंका बनी हुई है। इसको लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिछले साल आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके भी कोई कदम नहीं उठाया गया। फरवारी में डीएम की बैठक में तारों के बदलने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
शहर में बिजली के तार व पोल बदलने का कार्य चल रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी है। दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में खेत के ऊपर से गए बिजली के तार व पोल जर्जर हो गए हैं। गर्मी की शुरुआत हो चुकी है, हवा भी चल रही है, जिसके कारण तार आपस में टकरा रहे हैं। इससे निकलने वाली चिंगारी से आग लगने की आशंका बनी हुई है। खेतों में फसल पकने के कगार पर है। एक सप्ताह के बाद फसलों की कटाई व मड़ाई का काम शुरू होने की संभावना है, लेकिन अभी तक खेत से गुजरे जर्जर तार व पोल नहीं बदले जा सके हैं। यह स्थिति तब है जब डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने फरवरी में अधिकारियों के साथ बैठक कर जर्जर तार व पोल को बदलने के निर्देश दिए थे।
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विद्युत सब स्टेशन मुखलिसपुर, कोचरी सहित खलीलाबाद क्षेत्र के कई क्षेत्रों में बिजली के जर्जर तार खेत से होकर गुजरे हैं। किसानों का कहना है कि तार इतने जर्जर हो चुके हैं कि हल्की हवा चलने पर टूटकर गिर जाते हैं। इससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ जाती है। किसान राधेश्याम, झिनकान प्रसाद आदि का कहना है कि जर्जर तार जब टूटकर गिरते हैं तो सैकड़ों बीघा फसल जलकर नष्ट हो जाती है। धनघटा क्षेत्र में आग बुझाने के लिए 589 गांवों के लिए महज एक दमकल गाड़ी है।
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तार टूटने से आग लगने की हो चुकी हैं कई घटनाएं

जर्जर तारों के टूटकर गिरने से पूर्व में आग लगने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। साल 2020 में पारासीर के सीवान में बिजली का तार टूटकर गिरने से 68 किसानों की करीब 105 बीघा गेहूं की फसल जल गई थी। वहीं साल 2021 में सेमरौना गांव के बाहरी हिस्से में तार टूटकर गिरने से 30 किसानों की 50 बीघा फसल जलकर नष्ट हो गई थी। इसके अलावा साल 2022 में गोपीपुर गांव में तार टूटकर गिरने से 75 किसानों की करीब 200 बीघा फसल जल गई थी।

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मकानों से सटकर गुजरे तार से मड़रा रहा खतरा
शहर से लेकर गांव तक मकानों से सटकर गए बिजली के तार के चलते खतरा मड़रा रहा है। शहर के गोला बाजार, टीचर्स कालोनी आदि ऐसे क्षेत्र हैं जहां मकानों से सटकर बिजली के तार गुजरे हैं। इसी अलावा धनघटा क्षेत्र में भी मकानों से सटकर बिजली के तार गुजरे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई हैं।

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शहर में बिजली के जर्जर तार व पोल बदलने का कार्य चल रहा है। साथ ही खेतों से होकर गुजरे तार व पोल बदलने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

- केएन शुक्ला, एसडीओ, बिजली
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