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Sant Kabir Nagar News: ट्रैक्टर से तालाब की खोदाई, बाद में बनती है फाइल
Mon, 27 May 2024 10:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 27 May 2024 10:59 PM IST
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फोटो है
- हैंसर बाजार क्षेत्र की डेबरी ग्राम पंचायत में ट्रैक्टर से किया जा रहा तालाब की खोदाई
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। मनरेगा के धन को बंदरबांट करने में विकास खंड हैंसर बाजार में तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। कही केवल कागज में काम चल रहा है तो कहीं ट्रैक्टर से तालाब की खुदाई करने के बाद कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है।
विकास खंड हैंसर बाजार के बसराडाडी, बरपरवा, बसवारी गांव, सियर खुर्द, भरतपुरा समेत 21 ग्राम पंचायतों में नरेगा के तहत कार्य कराए जा रहे हैं। जिसमें 2475 जॉब कार्ड धारकों को रोजगार देने के नाम पर मस्टरोल चल रहा है। लेकिन धरातल पर सच्चाई इससे अलग है। जिस ग्राम पंचायत में 80 से अधिक जाब कार्ड धारकों के नाम पर मस्ट रोल चल रहा है। लेकिन मौके पर 10 से 15 मजदूर काम करते हुए देखे जा रहे हैं।
ग्रामीण रामदयाल, अरविंद कुमार, पार्वती, किसलावती, पीठाधीश की जानकारी सुंदरा देवी आदि का कहना है कि कागज में चाहे जो हो रहा हो लेकिन गांव में कराए जाने वाले विकास कार्य खुद प्रमाण दे रहे हैं। ग्राम पंचायत डेबरी में स्थित तालाब की खुदाई ट्रैक्टर के जरिए कराई जा रही है। सूत्रों का कहना है पहले काम कराया जाएगा बाद में फाइल बनवा कर भुगतान ले लिया जाएगा। इस तरह का खेल विकास खंड हैंसर बाजार में लंबे समय से खेला जा रहा है। मौके पर पहुंचकर कार्य को देखने का जहमत न तो ग्राम पंचायत अधिकारी उठाते हैं और न हीं तकनीकी सहायक मौके पर पहुंचकर फाइल बनाते हैं। खंड विकास अधिकारी और एपीओ के पास समय ही कहां है क्यों है अपने ऑफिस से निकलकर स्थलीय निरीक्षण करें। जिसका लाभ ग्राम प्रधान मनमाने ढंग से उठा रहे हैं।
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इस संबंध में खंड विकास अधिकारी आरपी पांडेय कहना है कि चुनाव के कारण व्यस्तता जरूर हो गई थी। जिसके कारण स्थलीय निरीक्षण नहीं कर मिल रहा था। लेकिन अब एक-एक परियोजना का स्थल निरीक्षण किया जाएगा। डेबरी में जिस तालाब की जुताई करने की बात की जा रही है। उसे तालाब का भुगतान नहीं होगा।
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- हैंसर बाजार क्षेत्र की डेबरी ग्राम पंचायत में ट्रैक्टर से किया जा रहा तालाब की खोदाई
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। मनरेगा के धन को बंदरबांट करने में विकास खंड हैंसर बाजार में तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। कही केवल कागज में काम चल रहा है तो कहीं ट्रैक्टर से तालाब की खुदाई करने के बाद कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है।
विकास खंड हैंसर बाजार के बसराडाडी, बरपरवा, बसवारी गांव, सियर खुर्द, भरतपुरा समेत 21 ग्राम पंचायतों में नरेगा के तहत कार्य कराए जा रहे हैं। जिसमें 2475 जॉब कार्ड धारकों को रोजगार देने के नाम पर मस्टरोल चल रहा है। लेकिन धरातल पर सच्चाई इससे अलग है। जिस ग्राम पंचायत में 80 से अधिक जाब कार्ड धारकों के नाम पर मस्ट रोल चल रहा है। लेकिन मौके पर 10 से 15 मजदूर काम करते हुए देखे जा रहे हैं।
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ग्रामीण रामदयाल, अरविंद कुमार, पार्वती, किसलावती, पीठाधीश की जानकारी सुंदरा देवी आदि का कहना है कि कागज में चाहे जो हो रहा हो लेकिन गांव में कराए जाने वाले विकास कार्य खुद प्रमाण दे रहे हैं। ग्राम पंचायत डेबरी में स्थित तालाब की खुदाई ट्रैक्टर के जरिए कराई जा रही है। सूत्रों का कहना है पहले काम कराया जाएगा बाद में फाइल बनवा कर भुगतान ले लिया जाएगा। इस तरह का खेल विकास खंड हैंसर बाजार में लंबे समय से खेला जा रहा है। मौके पर पहुंचकर कार्य को देखने का जहमत न तो ग्राम पंचायत अधिकारी उठाते हैं और न हीं तकनीकी सहायक मौके पर पहुंचकर फाइल बनाते हैं। खंड विकास अधिकारी और एपीओ के पास समय ही कहां है क्यों है अपने ऑफिस से निकलकर स्थलीय निरीक्षण करें। जिसका लाभ ग्राम प्रधान मनमाने ढंग से उठा रहे हैं।
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इस संबंध में खंड विकास अधिकारी आरपी पांडेय कहना है कि चुनाव के कारण व्यस्तता जरूर हो गई थी। जिसके कारण स्थलीय निरीक्षण नहीं कर मिल रहा था। लेकिन अब एक-एक परियोजना का स्थल निरीक्षण किया जाएगा। डेबरी में जिस तालाब की जुताई करने की बात की जा रही है। उसे तालाब का भुगतान नहीं होगा।