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Sant Kabir Nagar News: कार्रवाई तमाम... मिलावटी पनीर के धंधेबाज बेलगाम

Thu, 18 Dec 2025 02:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Thu, 18 Dec 2025 02:00 AM IST
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Despite all the action taken, those involved in the adulterated paneer business remain unchecked.
जिला मुख्यालय पर बिक रही पनीर । संवाद
संतकबीरनगर। जिले में कानपुर, खजनी और गोरखपुर के पीपीगंज से नकली पनीर की सप्लाई का खेल चल रहा है। धंधेबाजों ने नेटवर्क मजबूत कर लिया है। धंधेबाजों ने दीपावली में बस्ती से आई पनीर की खेप पकड़ी गई थी। इसके साथ ही खजनी क्षेत्र से भी पनीर लाया जा रहा है।
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खाद्य और औषधि प्रशासन के तमाम दावों के बाद भी पनीर समेत मिलावटी खाद्य सामग्री के धंधे पर रोक नहीं लग पा रही है। आए दिन नमूने फेल होने की रिपोर्ट आ रही है। सूत्र बताते हैं कि रात में पनीर की सप्लाई का खेल चलता है।
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अब तक जिले में पनीर के जितने भी नमूने अधोमानक मिले हैं इन रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पनीर में फैट की मात्रा नहीं थी। इसमें पाउडर और पाम ऑयल का इस्तेमाल कर पनीर तैयार किया गया था। यह पनीर बाजार में 220 से 250 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकता है। पनीर अगर दूध से बनता है तो उसकी कीमत 360 से 400 रुपये प्रति किलो होती है। पनीर में फैट न होना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। जिले में नकली पनीर की सप्लाई का यह खेल जिले में कानपुर, खजनी, बस्ती और पीपीगंज से चलता है।
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कानपुर से बस के माध्यम से पनीर लाया जाता है और रास्ते में ही उतार लिया जाता है। जबकि पीपीगंज, खजनी और बस्ती से आने वाला पनीर पिकअप और अन्य निजी वाहनों से लाया जाता है। धंधेबाज मेन रोड की बजाय पगडंडियों और गुमनाम रास्तों से पनीर लेकर आते हैं। सब्जियों के वाहन में रखकर भी पनीर की सप्लाई की जाती है। खासकर यह काम सुबह ही होता है। जब तक सचल दल चेकिंग के लिए तैयार होता है, तब तक सैकड़ों क्विंटल पनीर की सप्लाई मार्केट में हो जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग पनीर लेने के आते हैं और सुबह ही पनीर लेकर चले जाते हैं। पनीर के विक्रेता अधोमानक पनीर को छिपाकर रखते हैं वहीं बाहर दिखाने के लिए बढि़या पनीर रखा जाता है। जब टीम छापेमारी भी करती है तो उसको बाहर का पनीर ही मिलता है। सप्लाई इनके गोदाम से होती है।

अब तो खुद ही घर में पनीर को चेक कर रहे हैं लोग : जिले में अब अधिकतर लोग पनीर को खुद चेक कर रहे हैं। जिला मुख्यालय के रहने वाले विवेक छापड़िया ने बताया कि एचआर इंटर कालेज में खाद्य जागरुकता की वैन आई थी। उन लोगों ने पनीर को चेक करने के लिए एक केमिकल आयोडीन टिंचर से पनीर चेक करने के लिए बताया था। आयोडीन टिंचर उन्होंने आनलाइन मंगाया था। आयोडीन टिंचर भूरे रंग का केमिकल होता है। पनीर के ऊपर इसकी 10-15 बूंदे गिराई जाती हैं। अगर पनीर में कहीं कोई गड़बड़ी होती है तो वह केमिकल या पनीर काले या नीले रंग में बदल जाता है। हमने तो अपने सभी जानने वालों को इसके बारे में जानकारी दी है। हमारे सारे परिचित इसका उपयोग कर रहे हैं।
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